
MBBS : एमबीबीएस दाखिले में 152 NEET अभ्यर्थियों ने किया खेल, फर्जी डॉक्यूमेंट से सीट कर दी ब्लॉक
संक्षेप: महाराष्ट्र नीट यूजी स्टेट राउंड काउंसलिंग में 152 ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान की गई है जिन्होंने एमबीबीएस एडमिशन पाने के लिए फर्जी डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे और सीटें ब्लॉक कर दी थीं। अब इनसे सफाई मांगी गई है।
महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) सेल ने 152 ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान की है जिन्होंने एमबीबीएस एडमिशन पाने के लिए महाराष्ट्र नीट यूजी 2025 स्टेट कोटा राउंड 3 काउंसलिंग में फर्जी डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे। ऐसे उम्मीदवारों को 16 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक अपने डॉक्यूमेंट्स फिर से जमा करने के लिए कहा गया है। प्रोविजनल स्टेट मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद, स्टेट सीईटी सेल को एडमिशन पॉलिसी के गलत इस्तेमाल की शिकायतें मिलीं। कई कैंडिडेट्स ने गलत तरीके से सीट ब्लॉक करने का मुद्दा उठाया है, जबकि कई को शक है कि कुछ ने पहले ही कहीं और सीटें कन्फर्म कर ली थीं और महाराष्ट्र के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में सीटों के लिए अप्लाई करने को लेकर नकली या अमान्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड किए थे।

अधिकारियों ने अपनी शुरुआती जांच के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से जमा किए गए सभी डॉक्यूमेंट्स को क्रॉस-वेरिफाई किया और पहली नजर में नकली या मिसमैच के 152 मामले पाए गए। महाराष्ट्र सीईटी ने इन सभी कैंडिडेट्स को ईमेल के जरिए अपना पक्ष रखने या ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स फिर से अपलोड करने के लिए नोटिस जारी किया है।
अधिकारियों ने कहा, 'मेडिकल दाखिला प्रक्रिया में संभावित धांधली की शिकायत के बाद सीईटी सेल को पहली नजर में 152 उम्मीदवारों के पेपर्स में दिक्कतें मिलीं, जिनमें से कुछ को पिछले राउंड में सीटें पहले ही अलॉट हो चुकी थीं।' जो कैंडिडेट्स डॉक्यूमेंट जमा नहीं करेंगे या सफाई नहीं देंगे, उन्हें एडमिशन प्रोसेस से डिसक्वालिफाई कर दिया जाएगा।
महाराष्ट्र में एमबीबीएस की सीट-ब्लॉकिंग
दूसरे राज्य में या मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) द्वारा आयोजित ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग के जरिए सीट पक्की करने के बावजूद कई कैंडिडेट्स ने कथित तौर पर डोमिसाइल सर्टिफिकेट और मार्कशीट सहित नकली डॉक्यूमेंट जमा करके महाराष्ट्र में सीटें ब्लॉक कर दीं। अगस्त 2025 में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने एक बड़े एडमिशन रैकेट का भंडाफोड़ किया था जिसमें पता चला था कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों ने नकली एनआरआई डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके 18,000 नीट यूजी और पीजी सीटों पर एडमिशन का ऑप्शन दिया था।
खास तौर पर सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी दाखिलों में गड़बड़ियों के खिलाफ कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अधिकारियों को कई सीटों पर कब्जा और गलत जानकारी को खत्म करने के लिए सीटों की आधार-बेस्ड ट्रैकिंग शुरू करने का निर्देश दिया था। कई नियम होने के बावजूद, महाराष्ट्र में एडमिशन के लिए 100 से ज्यादा कैंडिडेट बदले हुए डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए।





