NEET Topper: नीट पेपर रद्द होने पर खूब रोए थे टॉपर आर्यन गुप्ता, जानिए कैसे लाए AIR 1, बताया सफलता का मंत्र
NEET AIR 1 Aryan Gupta: नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने पर बुरी तरह टूट चुके लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने हिम्मत नहीं हारी और नीट यूजी री-एग्जाम में 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR 1) हासिल की।

NEET Topper Aryan Gupta: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG 2026) में ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR 1) हासिल करने वाले 17 वर्षीय आर्यन गुप्ता की सफलता की कहानी केवल नंबरों की नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में दोबारा खड़े होने के जज्बे की है। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले आर्यन ने 720 में से 715 अंक हासिल कर पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। लेकिन इस ऐतिहासिक जीत से पहले उन्हें एक बेहद कठिन और मेंटल स्ट्रेस से भरे दौर से गुजरना पड़ा था।
जब परीक्षा रद्द होने पर टूट गया दिल
3 मई को हुई नीट परीक्षा के बाद जब अचानक पेपर लीक के दावों के चलते परीक्षा रद्द कर दी गई, तो लाखों छात्रों की तरह आर्यन का दिल भी पूरी तरह टूट गया। नीट पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ा और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हो रहे इन आंदोलनों ने देशभर के छात्रों में गहरा मानसिक तनाव और आक्रोश पैदा कर दिया है। आर्यन बताते हैं, "जब परीक्षा रद्द होने की खबर आई तो मैं पूरी तरह से टूट चुका था और बहुत रोया। 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद जब अचानक सब कुछ अनिश्चित हो जाए, तो दोबारा किताबें खोलना बहुत मुश्किल लगता है।"
हालांकि, आर्यन ने हार मानने के बजाय खुद को संभाला। उन्होंने यह महसूस किया कि यह अन्याय सिर्फ उनके साथ नहीं हुआ है, बल्कि देश के 22 लाख अन्य छात्र भी इसी परिस्थिति से गुजर रहे हैं। इस सोच ने उन्हें फिर से खड़े होने का हौसला दिया।
बड़े भाई की सलाह और वापसी का सफर
आर्यन के इस कठिन दौर में उनके बड़े भाई आदित्य गुप्ता, जो खुद एक एमबीबीएस (MBBS) छात्र हैं, ने उनकी बहुत मदद की। आदित्य ने आर्यन को समझाया कि री-एग्जाम कोई सजा नहीं, बल्कि अपने स्कोर को और बेहतर करने का एक दूसरा मौका है।
इस सलाह ने आर्यन का नजरिया बदल दिया। उन्होंने अगले ही दिन से पढ़ाई फिर शुरू कर दी। परीक्षा की तैयारी के दौरान वे रोज 16 से 17 घंटे पढ़ाई करते थे। खुद को तरोताजा रखने के लिए वे ब्रेक्स के दौरान Anime शो देखते थे, म्यूजिक सुनते थे और टेबल टेनिस खेलते थे। पहली परीक्षा में उनके 5 उत्तर गलत हुए थे, जिन्हें री-टेस्ट में सुधारकर उन्होंने सिर्फ 1 गलती होने दी और 715 का शानदार स्कोर बनाया।
डॉक्टर बनने का बचपन का सपना
आर्यन का परिवार डॉक्टरों का परिवार है। उनके पिता डॉ. सचिन गुप्ता एनेस्थेटिस्ट हैं और मां डॉ. रीनू गुप्ता गाइनकोलॉजिस्ट हैं। लेकिन आर्यन के डॉक्टर बनने की वजह केवल पारिवारिक माहौल नहीं, बल्कि एक भावुक घटना थी। आर्यन की दादी का निधन स्टेज 4 कैंसर के कारण हो गया था। उसी दिन आर्यन ने ठान लिया था कि वे बड़े होकर एक ऑन्कोलॉजिस्ट कैंसर विशेषज बनेंगे ताकि मरीजों का इलाज कर सकें।
आर्यन का छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश
अपनी इस सफलता पर बात करते हुए आर्यन कहते हैं, "मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है, यह सब एक सपने जैसा लग रहा है।" भविष्य में नीट परीक्षा देने वाले छात्रों को संदेश देते हुए आर्यन ने कहा, "अपने शिक्षकों पर पूरा भरोसा रखें और निरंतरता बनाए रखें। अगर कोई रुकावट आती भी है, तो थोड़ा वक्त लें, लेकिन फिर से उठ खड़े हों और अपनी मेहनत पर भरोसा रखें।"


