NEET Re-Exam: छात्र ने खुद बदले थे एग्जाम सेंटर? अबू धाबी मामले में NTA का आया जवाब; जांच जारी
नागपुर के अब्दुल्लाह नाम के छात्र को नीट री-एग्जाम के लिए सीधे अबूधाबी (यूएई) में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। हालांकि बाद में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस गलती को स्वीकार किया और उसे सुधार लिया।

21 जून 2026 को दोबारा से नीट परीक्षा का आयोजन होना वाला हैष ऐसे में 22 लाख से अधिक छात्र एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाने को तैयार हैं। लेकिन इस बीच नागपुर के रहने वाले अब्दुल्ला मोहम्मद के साथ हुई घटना ने एक बार फिर से NTA को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। दरअसल, नागपुर के अब्दुल्लाह नाम के छात्र को नीट री-एग्जाम के लिए सीधे अबूधाबी (यूएई) में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। हालांकि बाद में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस गलती को स्वीकार किया और उसे सुधार लिया। साथ ही एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एग्जाम सेंटर बदलने की वजहें भी बताई है।
इससे पहले इस घटना से शुरुआत में छात्र के परिवार की चिंता बढ़ गई। परिवार का कहना था कि छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है और परीक्षा के लिए विदेश जाने की तैयारी करने का भी पर्याप्त समय नहीं बचा था। छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, "हम अपने बच्चे को परीक्षा देने के लिए विदेश भेजने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं। उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है और यात्रा की व्यवस्था करने के लिए समय भी नहीं बचा है।"
3 मई की परीक्षा के लिए नागपुर में मिला था केंद्र
NEET-UG की 3 मई को होने वाली परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड में उम्मीदवार को नागपुर के सरस्वती विद्यालय में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया था। हालांकि, बाद में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के चलते यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद जब छात्र ने फिर से परीक्षा के लिए अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसने देखा कि उसका परीक्षा केंद्र बदलकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी इंडियन स्कूल में कर दिया गया है। ANI की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
एनटीए ने मामले को स्वीकारा
छात्र के परिवार का कहना है कि आवेदन फॉर्म भरते समय उन्होंने नागपुर को पहली पसंद, जबकि वर्धा और भंडारा को दूसरी और तीसरी पसंद के रूप में चुना था। ऐसे में विदेश में परीक्षा केंद्र आवंटित होने से वे हैरान रह गए। जब परिवार को परीक्षा केंद्र में यह गड़बड़ी पता चली, तो उन्होंने NTA की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद NTA ने मामले को स्वीकार किया और भरोसा दिलाया कि सभी विवरणों की जांच के बाद उम्मीदवार को संशोधित (रिवाइज्ड) एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। बाद में NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने ANI से कहा कि उम्मीदवार को नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।
उम्मीदवार ने खुद किया था बदलाव: NTA
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए NTA के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि उम्मीदवार ने खुद ही पोर्टल पर लॉग-इन कर अपनी परीक्षा नगरी (Exam City) की प्राथमिकताओं में बदलाव किया था। अधिकारी ने कहा कि यह बदलाव उसी IP एड्रेस से किया गया था, जिसका उपयोग उम्मीदवार ने पहले 3 मई की NEET-UG परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए किया था।
NTA का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार परीक्षा केंद्र से जुड़ी प्राथमिकताओं में संशोधन उम्मीदवार के अकाउंट से ही किया गया था। NTA के अधिकारी ने कहा, "रिकॉर्ड के मुताबिक 21 मई को उम्मीदवार ने पोर्टल पर लॉग-इन कर अपनी परीक्षा नगरी की प्राथमिकताओं में बदलाव किया था। उसने पहली पसंद के रूप में अबू धाबी और दूसरी पसंद के रूप में दुबई का चयन किया था।"
उन्होंने बताया कि नागपुर से जुड़े उसी IP एड्रेस का इस्तेमाल 3 मई की परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए किया गया था। इसी IP एड्रेस से उम्मीदवार ने 24 मई को रिफंड के लिए बैंक विवरण अपडेट किए, 10 जून को सिटी इंटिमेशन स्लिप देखी और 16 जून को अपना एडमिट कार्ड भी डाउनलोड किया।
अधिकारी ने आगे कहा, "NEET पोर्टल पर उम्मीदवार की सभी गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड हमारे पास मौजूद है। 16 जून को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद भी न तो उम्मीदवार और न ही उसके परिवार ने NTA से संपर्क किया और न ही इस संबंध में कोई ई-मेल भेजा। इसके बजाय, परीक्षा से एक दिन पहले यानी 20 जून को उसके पिता मीडिया के पास पहुंचे।"
साइबर टीम कर रही है जांच
उन्होंने बताया कि अब उम्मीदवार को नागपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित किया जा रहा है। साथ ही NTA की साइबर टीम यह जांच कर रही है कि परीक्षा नगरी में बदलाव उम्मीदवार ने खुद किया था या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने उसके अकाउंट तक पहुंच बनाकर यह बदलाव किए थे।
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Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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