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NEET PG : नीट पीजी में क्या होता है ऑल इंडिया कोटा, स्टेट कोटा सीटों से कैसे होता है अलग

NEET PG : नीट पीजी में क्या होता है ऑल इंडिया कोटा, स्टेट कोटा सीटों से कैसे होता है अलग

संक्षेप:

NEET PG : सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सभी एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा सीटों में से 50 फीसदी ऑल इंडिया कोटे के तहत आवंटित की जाती हैं।

Fri, 7 Nov 2025 11:04 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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देश में एमडी, एमएस और डीएनबी जैसे पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए नीट पीजी सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। नीट पीजी रिजल्ट के बाद काउंसलिंग के जरिए एमडी, एमएस और डीएनबी जैसे पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन मिलता है।

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ऑल इंडिया कोटा क्या है?

ऑल इंडिया कोटा पीजी मेडिकल कोर्सेज की सीटों का एक राष्ट्रीय पूल है जिसमें दाखिले के लिए उम्मीदवारों का निवास या राज्य नहीं देखा जाता। इसे और सरल शब्दों में कहें तो सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सभी एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा सीटों में से 50 फीसदी ऑल इंडिया कोटे के तहत आवंटित की जाती हैं। इसका मतलब है कि कोई भी उम्मीदवार इस श्रेणी के तहत किसी भी अन्य राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकता है, चाहे उसने कहीं से भी एमबीबीएस किया हो।

स्टेट कोटा क्या है

शेष 50 फीसदी सीटों को स्टेट कोटा सीटें कहा जाता है, जिनका मैनेजमेंट संबंधित राज्य अथॉरिटी द्वारा अलग से किया जाता है और ये केवल उन्हीं उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध होती हैं जो उस राज्य के डोमिसाइल नियमों को पूरा करते हैं।

कब हुई एआईक्यू कोटा की शुरुआत

मेडिकल एजुकेशन में समान अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के 1986 के एक निर्देश के परिणामस्वरूप ऑल इंडिया कोटा सिस्टम की शुरुआत हुई। शुरुआत में राज्य ऑल इंडिया कोटे से केवल 25 प्रतिशत सीटें ही भर सकते थे। हालांकि छात्रों की सुविधा और योग्यता बेस्ड एडमिशन सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए 2009 में ऑल इंडिया कोटे को 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया। कम मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर वाले राज्यों की तुलना में जिन राज्यों में सरकारी कॉलेजों की संख्या अधिक है, वहां समान अवसर सुनिश्चित करने में ऑल इंडिया कोटा बेहद कारगर रहा है।

ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अधीन कार्यरत मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (MCC) ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग कराती है। एमसीसी ही नीट पीजी ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग कराती है। एमसीसी नोटिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन, फीस भुगतान, चॉइस भरने और चॉइस को लॉक करने, सीट आवंटन और फिर एआईक्यू काउंसलिंग की प्रक्रिया के बारे में संस्थान को सूचित करने जैसी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संप्न्न करता है।

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एमसीसी डीम्ड विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों और एएफएमएस संस्थानों में सीटों के लिए काउंसलिंग भी आयोजित करता है; हालांकि ये कोर एआईक्यू प्रक्रिया से अलग हैं।

ऑल इंडिया कोटा की अहमियत

ऑल इंडिया कोटा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह छोटे राज्यों या ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई करने का मौका देता है।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay
पंकज विजय लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। यहां वह करियर, एजुकेशन, जॉब्स से जुड़ी खबरें देखते हैं। पंकज को पत्रकारिता में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एनडीटीवी डिजिटल, आजतक डिजिटल, अमर उजाला समाचार पत्र में काम किया। करियर-एजुकेशन-जॉब्स के अलावा वह विभिन्न संस्थानों में देश-विदेश, राजनीति, रिसर्च व धर्म से जुड़ी बीट पर भी काम कर चुके हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा व डीयू से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। और पढ़ें
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