NEET PG 2026: नीट पीजी एग्जाम को लेकर NBEMS की चेतावनी, सवालों को शेयर करने पर होगी कार्रवाई
30 अगस्त को देश के 1111 परीक्षा केंद्रों पर नीट पीजी परीक्षा आयोजित हुई। इसमें की 2.6 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। इसी बीच NBEMS एग्जाम को लेकर चेतावनी दी है।
NEET PG 2026: नीट पीजी 2026 की परीक्षा 30 अगस्त को पूरे देशभर में आयोजित हुई। हालांकि राजस्थान के सीतापुरा सेंटर में बिजली गुल होने की समस्या से एग्जाम रद्द करना पड़ा। इससे प्रभावित होने वाले कैंडिटेड्स की परीक्षा दोबारा 5 सितंबर को होनी है। ऐसे में जहां एक तरफ परीक्षार्थियों को नीट पीजी एग्जाम 2026 के आंसर की का बेसब्री से इंतजार है, तो दूसरी तरफ नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नीट पीजी परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों, फैकल्टी सदस्यों, कोचिंग संस्थानों को सख्त चेतावनी दी है। बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा में पूछे गए सवालों को शेयर करना, दोबारा तैयार करना या सोशल मीडिया समेत किसी अन्य माध्यम पर प्रसारित करना परीक्षा की गोपनीयता से जुड़े नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। एनबीईएमएस ने यह चेतावनी अपने आधिकारिक व्हाट्सएप कम्युनिटी ग्रुप के माध्यम से शेयर की है।
NDA का उल्लंघन माना जाएगा
NBEMS ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के सवालों को सार्वजनिक करना या शेयर करना नीट पीजी-2026 के सूचना बुलेटिन में शामिल नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (NDA) का उल्लंघन होगा। यदि कोई छात्र परीक्षा से जुड़ी सामग्री किसी के साथ या सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही ऐसे स्टूडेंट्स की उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। इसलिए बोर्ड ने सभी संबंधित पक्षों को परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। बोर्ड की इस चेतावनी साफ मतलब है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में पूछे गए सवालों को याद करके सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप, कोचिंग ग्रुप या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शेयर करने से बचना चाहिए। इसी तरह कोचिंग संस्थानों और फैकल्टी सदस्यों को भी ऐसे प्रश्नों को इकट्ठा करने, दोबारा तैयार करने या प्रसारित करने से बचने के लिए कहा गया है।
इस सेंटर पर फिर से होगी नीट पीजी की परीक्षा
बता दें कि 30 अगस्त को देश के 1111 परीक्षा केंद्रों पर नीट पीजी परीक्षा आयोजित हुई। इसमें की 2.6 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। हालांकि, राजस्थान के जयपुर स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने, तकनीकी और सर्वर की समस्या के कारण छात्रों को परेशानी होने के बाद जमकर हंगामा हुआ। इनकी परीक्षा पांच सितंबर को फिर से ली जाएगी।
परीक्षा के दौरान समस्याएं
जयपुर स्थित दो केंद्रों के कुछ परीक्षार्थियों ने दावा किया कि परीक्षा के दौरान उनके कंप्यूटर छह से सात बार बंद हो गए। सिस्टम दोबारा चालू करने पर कुछ कंप्यूटरों पर कुछ ही सवाल दिखे और वे फिर बंद हो गए। परेशानी के बीच कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्र बाहर आ गए और विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने परीक्षा के लिए गई तकनीकी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
इस संबंध में राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड ने (एनबीईएमस) कहा है कि प्रभावित छात्रों की परीक्षा पांच सितंबर को फिर से ली जाएगी। इसमें सिर्फ प्रभावित उम्मीदवार ही शामिल होंगे। यह परीक्षा जयपुर में दोपहर 3 बजे आयोजित होगी। दोबारा परीक्षा के केंद्र और बदले हुए प्रवेश पत्र समेत अन्य जानकारियां अभ्यर्थियों को अलग से दी जाएंगी। बोर्ड ने इस गड़बड़ी के लिए परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के तकनीकी सहयोगी टीसीएस को जिम्मेदार ठहराया गया है। एनबीईएमस ने तकनीकी सहयोगी और परीक्षा केंद्र पर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक बैठक भी बुलाई है।
परीक्षा में देरी
परीक्षा शुरू होने में ही देरी हुई। जयपुर के सीतापुर स्थित केंद्र में परीक्षा शुरू होने में ही देरी हुई। परीक्षा सुबह नौ बजे शुरू होनी थी, लेकिन समुचित व्यवस्था न होने के कारण देरी हुई। परीक्षा शुरू होने के बाद भी कंप्यूटर बार-बार बंद होते रहे। इस बीच प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी केंद्र पहुंचे। जयपुर दक्षिण के सहायक पुलिस आयुक्त ललित शर्मा ने बताया कि हंगामे के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात की गई थी।


