NEET MBBS Cut Off : नीट में 500 स्टेट रैंक वाले को सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS संभव
NEET MBBS Cut off : पिछले साल झारखंड में जेनरल कैटेगरी रैंक 426 क्लोजिंग रैंक थी। इस वर्ष रिम्स में 70 सीटें बढ़ रही हैं, जिसके आधार पर 500 स्टेट रैंकवाले छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकता है।

नीट यूजी के परिणाम घोषित होने के साथ ही अब मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। झारखंड के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इस वर्ष कुल 800 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश होगा। इनमें राज्य और ऑल इंडिया कोटा के माध्यम से नामांकन लिया जाएगा। पिछले साल झारखंड में जेनरल कैटेगरी रैंक 426 क्लोजिंग रैंक थी। इस वर्ष रिम्स में 70 सीटें बढ़ रही हैं, जिसके आधार पर 500 स्टेट रैंकवाले छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि स्टेट काउंसिलिंग के रजिस्ट्रेशन के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। उनका कहना है कि कई मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ने का प्रस्ताव है। यदि सीटें बढ़ती हैं तो और 100 रैंक यानी 600 रैंक तक बढ़ने की उम्मीद रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, देशभर में इस वर्ष 33000 रैंक बढ़ने की संभावना है। पिछले सत्र में ऑल इंडिया रैंक में 27000 क्लोजिंग रैंक था। राज्य कोटे की काउंसिलिंग झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद और ऑल इंडिया कोटा की काउंसिलिंग मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी (एमसीसी) कराएगी। इस वर्ष सबसे बड़ा बदलाव रिम्स रांची में हुआ है, जहां एमबीबीएस सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 कर दी गई है।
झारखंड के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें
छह प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 800 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। इनमें सबसे अधिक 250 सीटें रिम्स रांची में हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में 150 सीटें और एसएनएमएमसीएच, धनबाद में 100 सीटें हैं। इनके अलावा शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज (हजारीबाग), फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज (दुमका) और मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज (पलामू) में भी 100-100 सीटें निर्धारित हैं।
निजी कॉलेजों की स्थिति
झारखंड के चार निजी मेडिकल कॉलेजों में 700 सीटों पर नामांकन होगा। एमसीआई के 13 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में 250, लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज विश्रामपुर गढ़वा में 150, नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल जमशेदपुर में 200 और इसी साल शुरू हुए सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 100 सीटें हैं।
2025 में तीसरे राउंड के बाद क्लोजिंग स्कोर
| संस्थान | जेनरल | बीसी 1 | एससी | एसटी |
| रिम्स | 549 | 546 | 452 | 327 |
| एमजीएमएमसीएच | 533 | 527 | 419 | 348 |
| एसएनएमएमसीएच | 534 | 533 | 428 | 324 |
| हजारीबाग | 527 | 526 | 412 | 330 |
| दुमका | 521 | 519 | 417 | 304 |
| पलामू | 519 | 519 | 401 | 302 |
छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 800 एमबीबीएस सीटें हैं। राज्य के चार निजी मेडिकल कॉलेजों में 700 सीटें हैं।
चॉइस फिलिंग में न करें जल्दबाजी: बृजमोहन
काउंसिलिंग प्रक्रिया के विशेषज्ञ बृजमोहन ओझा ने बताया कि बेहतर रैंक होने के बावजूद गलत चॉइस फिलिंग के कारण कई बार अभ्यर्थियों को पसंदीदा मेडिकल कॉलेज नहीं मिल पाता। अमूमन छात्र केवल कुछ चुनिंदा कॉलेजों का ही विकल्प भरते हैं, जबकि सुरक्षित प्रवेश के लिए अधिकतम विकल्प देना एक बेहतर रणनीति मानी जाती है। कहा, अभ्यर्थी सभी जरूरी दस्तावेज व्यवस्थित कर लें।
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