UPSC NDA 1 Result 2026 पर क्या अपडेट, नतीजों के बाद आगे क्या; कैसे बनती है मेरिट
UPSC NDA 1 Result 2026 जल्द जारी हो सकता है। रिजल्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया क्या होगी? आइए जानते हैं।

अगर आपने इस साल NDA 1 परीक्षा दी है, तो अब आपका सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि रिजल्ट कब आएगा। फिलहाल संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC ने आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो रिजल्ट आने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। आमतौर पर परीक्षा के कुछ हफ्तों के अंदर ही नतीजे घोषित कर दिए जाते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें, क्योंकि रिजल्ट कभी भी जारी हो सकता है।
कितने नंबर लाने होंगे जरूरी
NDA का कट-ऑफ हर साल थोड़ा ऊपर-नीचे होता रहता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि पेपर कितना कठिन था, कितने उम्मीदवारों ने परीक्षा दी और कुल सीटें कितनी हैं। एक आसान भाषा में समझें तो सिर्फ पास होना ही काफी नहीं है। आपको हर विषय में न्यूनतम अंक लाने के साथ-साथ कुल मिलाकर भी अच्छा स्कोर करना जरूरी होता है। रिपोर्ट्स् की मानें तो एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल का कट-ऑफ पिछले सालों के आसपास ही रह सकता है, हालांकि फाइनल आंकड़े रिजल्ट के साथ ही साफ होंगे।
रिजल्ट के बाद क्या होगा अगला कदम
रिजल्ट क्लियर करने के बाद असली चुनौती शुरू होती है। लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यही वह स्टेज है जहां आपकी असली परख होती है।
SSB Interview: 5 दिन की पूरी परीक्षा
SSB इंटरव्यू कोई साधारण इंटरव्यू नहीं होता, बल्कि यह 5 दिन तक चलने वाली पूरी प्रक्रिया होती है जिसमें आपके व्यक्तित्व से लेकर आपकी सोचने की क्षमता तक सब कुछ जांचा जाता है। इसमें कई तरह के टेस्ट शामिल होते हैं जैसे स्क्रीनिंग टेस्ट, साइकोलॉजिकल टेस्ट, ग्रुप टास्क और पर्सनल इंटरव्यू। यहां यह देखा जाता है कि आप सेना के लिए कितने फिट हैं, आपके अंदर लीडरशिप क्वालिटी है या नहीं, और आप मुश्किल हालात में कैसे फैसले लेते हैं।
फाइनल मेरिट लिस्ट कैसे बनती है
अंत में जो फाइनल मेरिट लिस्ट बनती है, वह सिर्फ लिखित परीक्षा के नंबर पर नहीं बल्कि SSB इंटरव्यू के प्रदर्शन पर भी निर्भर करती है। यानी दोनों स्टेज में अच्छा प्रदर्शन करना बेहद जरूरी है। जो उम्मीदवार सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार कर लेते हैं, उन्हें नेशनल डिफेंस एकेडमी में एडमिशन मिलता है और यहीं से उनकी सेना में करियर की शुरुआत होती है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


