4 महीने बाद स्कूलों में लौटेगी NCERT की 8वीं की सोशल साइंस किताब, जानें क्या किया गया है बदलाव
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूरी तरह से बैन लगाने और सभी फिजिकल और डिजिटल प्रतियों को तत्काल जब्त करने का आदेश देने के बाद फरवरी 2026 में पुस्तक को दुकानों से हटा दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हटाई गई एनसीईआरटी की कक्षा 8वीं की सोशल साइंस की किताब अब फिर से लौटने जा रही है। NCERT के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' किताब का संशोधित संस्करण जून के तीसरे सप्ताह तक फिर से जारी किया जा सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूरी तरह से बैन लगाने और सभी फिजिकल और डिजिटल प्रतियों को तत्काल जब्त करने का आदेश देने के बाद फरवरी 2026 में पुस्तक को दुकानों से हटा दिया गया था।
क्या बदला गया है?
यह किताब फरवरी में सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति के बाद रोक दी गई थी। कोर्ट ने चैप्टर 4 के उन हिस्सों पर आपत्ति जताई थी, जिनमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और अदालतों में लंबित मामलों की बड़ी संख्या का उल्लेख था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी फिजिकल और डिजिटल कॉपियों को तुरंत वापस लेने का आदेश दिया था। NCERT ने इसके बाद बिना शर्त माफी मांगी और कहा कि यह सामग्री “निर्णय में गलती” के कारण शामिल हो गई थी। बाद में NCERT ने एक विशेषज्ञ समिति बनाकर किताब की समीक्षा करवाई और बदलाव सुझाए। सूत्रों के अनुसार, संशोधित किताब में अब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े सभी संदर्भ हटा दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
विवाद के दौरान 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस किताब से जुड़े तीन विशेषज्ञों को सरकारी फंड से चलने वाले पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक तैयार करने के काम से दूर रखा जाए। लेकिन मई में कोर्ट ने अपना यह आदेश वापस ले लिया और उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को भी हटा दिया। किताब के संशोधित संस्करण को NCERT से मंजूरी मिल चुकी है और इसे छपाई के लिए भेज दिया गया है। देशभर में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, ऐसे में कई स्कूलों में इस किताब की कमी थी। इसलिए इसका दोबारा जारी होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जून के तीसरे सप्ताह में बुक होगी उपलब्ध
बताते चलें कि पहले इस किताब की 2.25 लाख प्रतियां छापी गई थीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केवल 38 प्रतियां ही बेची जा सकी थीं। अब उम्मीद है कि यह संशोधित किताब जून के तीसरे सप्ताह तक स्कूलों में उपलब्ध हो जाएगी। यह NCERT की सबसे चर्चित किताबों में से एक रही है।
बिक्री पर होगी सख्त कार्रवाई
बताते चलें कि इस सामग्री पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई थी और कहा था कि इससे न्यायपालिका की छवि प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर अदालत ने पुस्तक के प्रकाशन, वितरण और डिजिटल प्रसार पर भी तत्काल रोक लगाने का आदेश दे दिया था। बीएसए ने कहा था कि यदि किसी दुकान या संस्थान में इस पुस्तक की प्रतियां उपलब्ध हों तो उन्हें तुरंत जब्त कर लिया जाये। बीएसए, डीआईओएस करेंगे चेकिंग राज्य सरकार ने इस पुस्तक पर रोक के संबंध में बीएसए, डीआईओएस को जिले के स्कूलों और बुक स्टॉलों के निरीक्षण के निर्देश दिये थे। बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी स्कूल एवं बुक स्टॉल पर प्रतिबंधित की गयी पुस्तक मिलती है तो एफआईआर करायी जायेगी।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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