NCERT CEE 2026: टीचर बनने का मौका न चूक जाएं, BEd-MEd जैसे कई कोर्स; 5 जून तक भरें फॉर्म

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NCERT CEE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक छात्र 5 जून 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा 28 जून को CBT मोड में होगी। जानिए पात्रता, कोर्स, चयन प्रक्रिया और जरूरी जानकारी।

NCERT CEE 2026: टीचर बनने का मौका न चूक जाएं, BEd-MEd जैसे कई कोर्स; 5 जून तक भरें फॉर्म

देश में हर साल लाखों छात्र सरकारी शिक्षक बनने का सपना लेकर तैयारी करते हैं। कोई बीएड करना चाहता है तो कोई ऐसा कोर्स ढूंढता है जिससे कम समय में पढ़ाई पूरी करके जल्दी नौकरी की राह आसान हो सके। ऐसे छात्रों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी NCERT ने कॉमन एंट्रेंस एग्जाम 2026 की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब इच्छुक छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए काफी अहम मानी जाती है जो टीचर ट्रेनिंग से जुड़े प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं। खास बात यह है कि इसमें कई इंटीग्रेटेड कोर्स भी शामिल हैं, जिनकी मदद से छात्र कम समय में डिग्री और बीएड दोनों पूरा कर सकते हैं।

5 जून तक भर सकेंगे आवेदन फॉर्म

एनसीईआरटी की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक अभ्यर्थी 5 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन विंडो बंद कर दी जाएगी। वहीं प्रवेश परीक्षा का आयोजन 28 जून 2026 को किया जाएगा। परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में होगी। इसका मतलब है कि उम्मीदवारों को ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा देनी होगी। ऐसे में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें और परीक्षा पैटर्न को समझते हुए तैयारी शुरू कर दें।

आखिर क्या होती है NCERT CEE परीक्षा?

बहुत से छात्रों के मन में सवाल होता है कि आखिर यह परीक्षा किस काम आती है। आसान भाषा में समझें तो जिस तरह मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए NEET और इंजीनियरिंग के लिए JEE जरूरी होती है, उसी तरह कई शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों में एडमिशन के लिए NCERT CEE आयोजित की जाती है। इस परीक्षा का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को मिलता है जो 12वीं के बाद सीधे टीचर ट्रेनिंग से जुड़ा इंटीग्रेटेड कोर्स करना चाहते हैं। इससे ग्रेजुएशन और बीएड की पढ़ाई साथ-साथ पूरी हो जाती है और समय की भी बचत होती है।

इन कोर्स में मिलेगा एडमिशन

सीईई 2026 के जरिए कई प्रमुख शिक्षा कार्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। इसमें बीएड, एमएड, इंटीग्रेटेड MScEd, इंटीग्रेटेड BEd-MEd और MA in Education Technology जैसे कोर्स शामिल हैं। जो छात्र शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छा अवसर माना जा रहा है। खासकर ऐसे छात्र जो रिसर्च, टीचिंग और एजुकेशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहते हैं, वे इन कोर्स के जरिए मजबूत शुरुआत कर सकते हैं।

आवेदन से पहले तैयार रखें जरूरी दस्तावेज

फॉर्म भरते समय छात्रों को कुछ जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है। इसमें शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी शामिल है। अगर दस्तावेज सही फॉर्मेट में पहले से तैयार होंगे तो आवेदन करते समय किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। कई बार आखिरी समय में वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक होने की वजह से दिक्कत भी हो सकती है, इसलिए जल्दी आवेदन करना बेहतर माना जा रहा है।

अलग-अलग कोर्स के लिए अलग योग्यता

एनसीईआरटी ने साफ किया है कि हर कोर्स के लिए पात्रता शर्तें अलग हैं। इंटीग्रेटेड MScEd कोर्स में आवेदन करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। वहीं SC, ST और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को 45 प्रतिशत अंकों की जरूरत होगी। इसके अलावा वर्ष 2024 और 2025 में 12वीं पास करने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। वहीं तीन वर्षीय इंटीग्रेटेड BEd-MEd कोर्स के लिए उम्मीदवारों के पास साइंस, सोशल साइंस या मानविकी विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। साथ ही कम से कम 55 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड होना चाहिए।

चयन में एंट्रेंस और पढ़ाई दोनों का होगा असर

इस बार चयन प्रक्रिया में केवल एंट्रेंस परीक्षा का स्कोर ही मायने नहीं रखेगा। एनसीईआरटी के मुताबिक अंतिम चयन में CEE 2026 स्कोर को 60 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। बाकी 40 प्रतिशत महत्व उम्मीदवार के शैक्षणिक रिकॉर्ड को मिलेगा। यानी जिन छात्रों का एकेडमिक प्रदर्शन अच्छा रहा है, उन्हें एडमिशन प्रक्रिया में अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।

कम समय में पूरी होगी डिग्री और बीएड

इंटीग्रेटेड कोर्स की सबसे खास बात यही है कि छात्र अलग-अलग डिग्री करने में अतिरिक्त साल बर्बाद नहीं करते। उदाहरण के तौर पर BA-BEd या BSc-BEd जैसे कोर्स में ग्रेजुएशन और बीएड दोनों की पढ़ाई एक साथ पूरी हो जाती है। इससे छात्र जल्दी नौकरी की तैयारी शुरू कर सकते हैं और टीचिंग सेक्टर में जल्दी एंट्री लेने का मौका मिलता है। खासकर सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच ऐसे कोर्स की मांग लगातार बढ़ रही है।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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