पिता हैं टीचर, बेटी ने NDA किया क्रैक, फिर ऐसे बनीं राष्ट्रपति की पहली महिला ADC
क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी कौन हैं? इसमें पहला नाम भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी का है, जबकि दूसरा नाम थल सेना की मेजर नव्या शेखावत हैं। बता दें कि राष्ट्रपति को 5 ADC दिए जाते हैं।

हाल ही में मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल काफी चर्चे में थे। क्योंकि इन्होंने राष्ट्रपति के एड-डी-कैंप (ADC) जैसे पद पर इस्तीफा दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी कौन हैं? इसमें पहला नाम भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी का है, जबकि दूसरा नाम थल सेना की मेजर नव्या शेखावत हैं। बता दें कि राष्ट्रपति को 5 ADC दिए जाते हैं। इनमें से 3 थल सेना से, 1 वायुसेना और 1 नौसेना से होता है। इसके लिए राष्ट्रपति खुद ही अफसरों का चयन करते हैं। यशस्वी सोलंकी की बात करें, तो राष्ट्रपति का एडीसी बनने तक का सफर उनका काफी कमाल का है। क्योंकि उनकी इस पद पर नियुक्ति न केवल पहली थी, बल्कि एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा में बड़ा बदलाव था। ऐसे में वो उन लाखों महिलाओं के लिए प्ररेणास्त्रोत बन गईं, जो इस मुकाम को हासिल करना चाहती हैं। चलिए आज हम आपको यशस्वी सोलंकी से मिलवाते हैं।
हरियाणा की रहने वाली हैं यशस्वी
यशस्वी सोलंकी हरियाणा के चरखी दादरी जिले के एक छोटे गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता एक सरकारी टीचर हैं और मां गृहणीं हैं। चारखी जिले में स्कूलिंग के बाद, उन्होंने आगे की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से की है।
7वीं में ठाना था आर्मी में जाना
उनके बारे में कहा जाता है कि वो जब कक्षा 7 में थीं, तभी उन्होंने निर्णय कर लिया था कि उन्हें सेना में जाना है और वर्दी पहननी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यशस्वी सोलंकी ने अपने स्कूल के गणतंत्र दिवस प्रोग्राम में एक इंडियन एयर फोर्स पायलट को देखा था। जिनसे प्रेरित होकर उन्होंने सेना में जाने का सपना देखा था।
एनडीए एग्जाम किया था क्रैक
यशस्वी ने साल 2012 में UPSC का नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) एग्जाम क्रैक किया था। एनडीए एग्जाम क्रैक करने के बाद, उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत इंडियन नेवी की लॉजिस्टिक ब्रांच ज्वॉइन की थी। इसके बाद यहां 5 से 7 साल तक सेवाएं देने के बाद उन्हें राष्ट्रपति का ADC बनाया गया है। बता दें कि 9 मई, 2025 को, लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी ने भारत के राष्ट्रपति की एड-डी-कैंप (ADC) के रूप में पद संभाला था।
कैसे बनते हैं राष्ट्रपति के एडीसी
बता दें कि यह कोई सीधी या खुली भर्ती नहीं होती है जिसमें कोई भी आम युवा हिस्सा ले सकता है, बल्कि आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के कमिशंड अधिकारी ही एडीसी बनने के पात्र होते हैं। आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में कमिशंड अधिकारी बनने का प्रमुख जरिए यूपीएससी एनडीए और यूपीएससी सीडीएस भर्ती परीक्षाएं हैं। एनडीए की परीक्षा 12वीं के बाद और सीडीएस की परीक्षा ग्रेजुएशन के बाद दी जा सकती है। यशस्वी सोलंकी भी एनडीए के जरिए सेना में आई थीं।
टफ ओरिएंटेशन देना पड़ता है
इस पोस्ट के लिए एक टफ ओरिएंटेशन से गुजरना पड़ता है। 15 दिनों तक राष्ट्रपति भवन में रखा गया। इस दौरान, उनकी शारीरिक क्षमता, बुद्धिमत्ता और परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता को परखा जाता है। राष्ट्रपति ने खुद उनका इंटरव्यू लिया। एक एडीसी क हर कदम सटीक होना चाहिए। उसका हर पल जिम्मेदारी से भरा होता है। उसे राष्ट्रपति के करीब रहकर लगातार सतर्क और तैयार रहना पड़ता है। एडीसी राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों, यात्राओं और सैन्य संबंधी दायित्वों में हमेशा उनके साथ रहते हैं।


