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National Unity Day Speech in Hindi : राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरल और शानदार भाषण, मिलेगा इनाम

National Unity Day Speech in Hindi : राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरल और शानदार भाषण, मिलेगा इनाम

संक्षेप:

National Unity Day Speech in Hindi : हर साल एकता दिवस पर जगह जगह रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम का आयोजन होता है। लेकिन इस बार सरदार पटेल की 150वीं जयंती के चलते रन फॉर यूनिटी को भी बड़े स्तर पर आयोजित करने का फैसला लिया गया है।

Fri, 31 Oct 2025 07:47 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान
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National Unity Day Speech in Hindi , Ekta Diwas , Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti : हर साल 31 अक्टूबर को भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। दरअसल सरदार पटेल ने आजादी के बाद देश को एक करने में बेहद महत्वपूर्ण योगदान दिया था। सरदार पटेल को ही भारत के भोगौलिक और राजनीतिक एकीकरण का श्रेय दिया जाता है। अपनी शानदार नेतृत्व क्षमता व कूटनीति से उन्होंने आजादी के बाद 560 से ज्यादा रियासतों को भारतीय संघ में मिलवाया और देश के और विभाजन को रोका। देश के एकजुट करने में बेहद अहम योगदान के चलते सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। सरदार की जयंती को एकता दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला सरकार ने 2014 में किया था।

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कता दिवस पर रन फॉर यूनिटी का आयोजन

हर साल एकता दिवस पर जगह जगह रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम का आयोजन होता है। लेकिन इस बार सरदार पटेल की 150वीं जयंती के चलते रन फॉर यूनिटी को भी बड़े स्तर पर आयोजित करने का फैसला लिया गया है। देश के सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, जिले, पुलिस स्टेशन, स्कूल और यूनिवर्सिटीज में रन फॉर यूनिटी का आयोजन होगा। रन फॉर यूनिटी के साथ सभी लोग देश की अखंडता, सुरक्षा और एकता का संकल्प लेंगे।

इस बार भारत पर्व का आयोजन

इस बार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती होने के चलते केंद्र सरकार बड़े स्तर पर एकता दिवस मनाने जा रही है। 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक नवंबर से 15 नवंबर तक गुजरात के एकता नगर में भारत पर्व का आयोजन किया जाएगा। भारत पर्व में राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और खाद्य महोत्सव आयोजित होंगे। 2014 से हर 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री केवड़िया जाते हैं और सरदार पटेल की भव्य प्रतिमा के सामने एक परेड का आयोजन होता है। परेड के दौरान सुरक्षाबल और राज्य पुलिस बल अपने कौशल, अनुशासन और वीरता का प्रदर्शन करेंगे। देश के सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, जिले, पुलिस स्टेशन, स्कूल और यूनिवर्सिटीज में रन फॉर यूनिटी का आयोजन होगा।

National Unity Day Speech in Hindi : एकता दिवस के अवसर पर या सरदार पटेल जयंती के अवसर पर कार्यक्रम में आप यह भाषण दे सकते हैं -

आदरणीय प्रिंसिपल सर, अध्यापकों, एवं मेरे प्यारे दोस्तों--

आज 31 अक्टूबर को देश में पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित है। इस दिन उनकी जयंती होती है। सरदार पटेल ने आजादी के बाद देश को एक करने में बेहद महत्वपूर्ण योगदान दिया था, इसलिए उनकी जयंती को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। सरदार पटेल को ही भारत के भोगौलिक और राजनीतिक एकीकरण का श्रेय दिया जाता है। अपनी शानदार नेतृत्व क्षमता व कूटनीति से उन्होंने आजादी के बाद 560 से ज्यादा रियासतों को भारतीय संघ में मिलवाया और देश के और विभाजन को रोका। देश के एक करने में बेहद अहम योगदान के चलते सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

साथियों, वैसे एकता दिवस तो बीते कई वर्षों से मनाया जाता आ रहा है। लेकिन इस बार का एकता दिवस बेहद खास है। इस बार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से 1 नवंबर से 15 नवंबर तक गुजरात के एकता नगर में भारत पर्व का आयोजन किया जाएगा। भारत पर्व में राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और खाद्य महोत्सव आयोजित होंगे।

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एकता दिवस पर देश के सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, जिले, पुलिस स्टेशन, स्कूल और यूनिवर्सिटीज में रन फॉर यूनिटी का आयोजन होता है। हर आयु के लोग देश की एकता और अखंडता का संकल्प लेकर दौड़ते हैं। इस एकता दौड़ का मकसद राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश देना होता है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेते हैं।

एकता दिवस पर रन फॉर यूनिटी के अलावा स्कूल, कॉलेजों व सरकारी कार्यालयों में देश की अखंडता, सुरक्षा और एकता का संकल्प लेते हुए शपथ ली जाती है। कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं जिसमें भारत की विविधता में एकता की झलक दिखती है। यहां क्षेत्रीय डांस, संगीत, कला और साहित्य लोगों एक साथ लाते हैं।

एकता दिवस के अवसर पर पहले गृहमंत्री व उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का जिक्र करना जरूरी है। आजादी के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी अलग अलग 560 से ज्यादा छोटी बड़ी रियासतों का भारतीय राष्ट्र में विलय करना। सरदार पटेल ने अपनी शानदार नेतृत्व क्षमता व कूटनीति से इन रियासतों को भारतीय संघ में मिलवाया और देश के और विभाजन को रोका। वह एक मजबूत, अडिग और दृढ़ संकल्पित व्यक्तित्व के धनी थे। सरदार पटेल को भारत का बिस्मार्क भी कहा जाता है।

2018 में गुजरात में विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति स्टेच्यू ऑफ यूनिटी उन्हें समर्पित की गई है जोकि देश की एकता में उनके योगदान को दर्शाती है। यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है जिसकी ऊंचाई 240 मीटर है।

सरदार पटेल की छवि एक स्पष्ट व निर्भीक वक्ता के तौर पर थी। यदि वे कभी गांधी जी व जवाहर लाल नेहरू से असहमत होते तो वे उसे भी साफ कह देते थे। उन्होंने शराबखोरी, अस्पृश्यता, जातिगत भेदभाव के खिलाफ और गुजरात और बाहर महिलाओं की मुक्ति के लिए बड़े पैमाने पर काम किया।

देश को एक रखने में महत्वपूर्ण योगदान और दृढ़ व्यक्तित्व के चलते ही महात्मा गांधी ने सरदार पटेल को लौह पुरुष की उपाधि दी थी।

सरदार पटेल को अखिल भारतीय सेवाओं का जनक माना जाता है। आजादी के बाद भारत में सरदार पटेल पहले व्यक्ति थे जिन्होंने इंडियन सिविल सर्विसेज के अहमियत को समझा और भारत में इन्हें बनाए रखना जरूरी बताया। उन्होंने सिविल सेवाओं को स्टील फ्रेम कहा था। वे मानते थे कि सिविल सर्विसेज न सिर्फ देश की प्रशासनिक व्यवस्था चलाने में बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।

दोस्तों, सरदार पटेल कहते थे हर नागरिक की यह मुख्य जिम्मेदारी है कि वह महसूस करे कि उसका देश स्वतंत्र है और अपने स्वतंत्रता देश की रक्षा करना उसका कर्तव्य है। आज हमें उनकी जयंती पर उनके विचारों को जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए।

धन्यवाद, जय हिंद, जय भारत।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay
पंकज विजय लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। यहां वह करियर, एजुकेशन, जॉब्स से जुड़ी खबरें देखते हैं। पंकज को पत्रकारिता में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एनडीटीवी डिजिटल, आजतक डिजिटल, अमर उजाला समाचार पत्र में काम किया। करियर-एजुकेशन-जॉब्स के अलावा वह विभिन्न संस्थानों में देश-विदेश, राजनीति, रिसर्च व धर्म से जुड़ी बीट पर भी काम कर चुके हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा व डीयू से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। और पढ़ें
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