National Doctors Day 2026 Theme : जानें क्यों मनाते हैं डॉक्टर्स डे, कौन थे डॉ बीसी रॉय, क्या है थीम
National Doctors Day Theme 2026: आज राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctors' Day) है। यह दिन समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान, उनके समर्पण और निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने के लिए समर्पित है। यह दिन डॉ. बिधान चंद्र रॉय की स्मृति में मनाया जाता है।

National Doctors Day Theme 2026 : हर वर्ष 1 जुलाई का दिन भारत में नेशनल डॉक्टर्स डे के तौर पर मनाया जाता है। आज का दिन डॉक्टरों और उनके पेशे को सलाम करने का दिन है। इस दिन लोग डॉक्टर्स के काम और उनके सम्मान में उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। समाज के प्रति उनकी सेवा व समर्पण के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। यह दिन देश के महान डॉक्टर बीसी रॉय को समर्पित है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हर साल देश में राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस के कार्यक्रम का आयोजन करती है।
कौन थे डॉ. बीसी रॉय ( who was bidhan chandra roy )
डॉ. बीसी रॉय का पूरा नाम बिधानचंद्र रॉय था। वो एक महान समाजसेवी, अच्छे राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी भी थे। वह पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी रहे। आजादी के दौरान उन्होंने असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया। 1 जुलाई को डॉ. बीसी रॉय का जन्मदिन होता है इसलिए उन्हीं के सम्मान में यह दिन देश में डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाने लगा। भारत सरकार ने साल 1991 में राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाने की शुरुआत की थी। बताया जाता है कि बीसी रॉय महात्मा गांधी के दोस्त और पर्सनल डॉक्टर थे और उन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उनका इलाज किया था।
डॉ रॉय का जन्म 1 जुलाई 1882 को बिहार के पटना में हुआ था। कलकत्ता मेडिकल कॉलेज से उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई (एमबीबीएस व एमडी) की। वर्ष 1942 में जब वह कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति थे, तब जापान के लड़ाकू विमान रंगून में बम बरसा रहे थे। इस दौरान उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के लिए विशेष बंकर बनवाए ताकि युद्ध के अशांत समय में भी कक्षाएं आयोजित की जा सकें। डॉ. रॉय मुश्किल समय में कई राहत कार्यों का हिस्सा बने। उनकी सेवाओं के सम्मान में उन्हें 1944 में डॉक्टरेट ऑफ साइंस की उपाधि से सम्मानित किया गया। डॉ रॉय को 1961 में देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न भी मिला। डॉ रॉय का निधन उनके जन्मदिन के दिन 1 जुलाई 1962 को हुआ था। डॉ. रॉय ने बंगाल के पांच नए शहरों, दुर्गापुर, कल्याणी, बिधाननगर, अशोकनगर और हाबरा की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. रॉय ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की स्थापना में बेहद अहम रोल निभाया था। ये संस्थाएं वर्तमान में भी भारत में मेडिकल शिक्षा व मानकों की देखरेख करती हैं।
नेशनल डॉक्टर्स डे 2026 की थीम (National Doctors’ Day 2026 Theme)
नेशनल डॉक्टर्स डे 2026 के लिए चुनी गई थीम है - "बिहाइंड द मास्क: हू हील्स द हीलर्स?" (Behind the Mask: Who Heals the Healers?") (पर्दे के पीछे: इलाज करने वालों का इलाज कौन करता है?) । यह थीम हेल्थकेयर के एक ऐसे पहलू पर रोशनी डालती है जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। डॉक्टर दूसरों का इलाज करने में अपनी जिंदगी लगा देते हैं, लेकिन उन्हें भी इमोशनल स्ट्रेस, बर्नआउट (काम का अत्यधिक तनाव), लंबे समय तक काम करने और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह थीम हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम, सहानुभूति और उनकी अपनी देखभाल की जरूरत पर जोर देती है।
अन्य देशों में डॉक्टर्स डे अलग तारीखों पर
डॉक्टर्स डे दुनिया भर में अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में यह 30 मार्च को होता है, जबकि कनाडा 1 मई को देश की पहली महिला डॉक्टर डॉ. एमिली स्टोव के सम्मान में यह दिन मनाता है। ब्राजील में 18 अक्टूबर को सेंट ल्यूक के जन्मदिन पर डॉक्टरों को सम्मानित किया जाता है, जो चर्च परंपरा के अनुसार एक डॉक्टर थे। वहीं चीन में यह हर साल 19 अगस्त को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी


