भारी बारिश से आफत, मुंबई में IMD का ऑरेंज अलर्ट, जलभराव के बीच स्कूल-कॉलेज की छुट्टियों पर सस्पेंस
मुंबई और पालघर में भारी बारिश के चलते मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं सड़कों पर भारी जलभराव के बाद स्कूलों की छुट्टी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

मुंबई की रफ्तार पर एक बार फिर से आसमानी आफत ने ब्रेक लगा दिया है। कल रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे मायानगरी के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और पालघर दोनों ही इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ और भी ज्यादा भारी बारिश हो सकती है। सुबह-सुबह दफ्तर जाने वालों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह मौसम किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं साबित हो रहा है। सड़कों पर लगे लंबे जाम और जगह-जगह हुए जलभराव को देखकर हर किसी के मन में बस यही सवाल तैर रहा है कि क्या प्रशासन आज स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान करेगा।
स्कूलों की छुट्टी पर क्या है ताजा अपडेट?
फिलहाल, मुंबई नगर निगम (बीएमसी) या राज्य सरकार की तरफ से स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का कोई भी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि, जमीनी हालात को देखते हुए सोशल मीडिया पर सुबह से ही पैरेंट्स और छात्र लगातार छुट्टियों को लेकर अपडेट मांग रहे हैं। कई इलाकों में जलभराव के कारण सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर हो चुका है, ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है। माना जा रहा है कि प्रशासन इस बिगड़ते हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच इस पर चर्चा चल रही है, लेकिन जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक लोगों को केवल अफवाहों से बचकर रहना होगा।
अगर हालिया आंकड़ों पर नजर डालें, तो मुंबई में पिछले कुछ घंटों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। इस हालिया स्पेल में शहर में औसतन 184 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे ज्यादा मार पश्चिमी उपनगर (वेस्टर्न सबर्ब्स) पर पड़ी जहां करीब 190 मिमी पानी बरसा, जबकि पूर्वी उपनगर (ईस्टर्न सबर्ब्स) में 154 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
वहीं, अगर 23 जून की सुबह 8 बजे से रात 11 बजे के बीच की बात करें, तो बीएमसी के वेदर स्टेशनों ने शहर में औसतन 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की। इस दौरान पूर्वी उपनगरों में 23 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 33 मिमी बारिश हुई। सबसे ज्यादा आफत रात 10 से 11 बजे के बीच केवल एक घंटे में आई, जब पश्चिमी उपनगर के कई इलाके पूरी तरह डूब गए।
बाल-बाल बची ऑटो ड्राइवर की जान
इस मूसलाधार बारिश की वजह से मुंबई के कई निचले इलाकों और सबवे में पानी भर गया, जिसके चलते ट्रैफिक को पूरी तरह रोकना पड़ा या रूट डायवर्ट किए गए। जलभराव के चलते ग्राउंड जीरो पर हालात काफी बिगड़ चुके हैं। बीएमसी के एक ऑन-ड्यूटी अधिकारी, ऋतिक ने बताया कि नागरिक प्रशासन अभी तक इस गंभीर जलभराव का कोई परमानेंट या अस्थायी तोड़ नहीं निकाल पाया है। वहां की डरावनी स्थिति को बयां करते हुए ऋतिक ने कहा, "हम इस गंभीर जलभराव का कोई अस्थायी समाधान नहीं ढूंढ पाए हैं। हमारे अधिकारी लगातार मौके पर तैनात हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी गाड़ी इस गहरे पानी के बीच से न गुजरे। इसके बावजूद, कुछ ऑटो रिक्शा चालक जबरन अपनी गाड़ियां निकालने की कोशिश करते हैं। हाल ही में एक ऑटो रिक्शा सबवे के बिल्कुल बीच में जाकर फंस गया था, जिससे ड्राइवर की जान पर बन आई थी। मौके पर मौजूद हमारे दो जांबाज अधिकारियों ने अपनी सूझबूझ से समय रहते उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।"
प्रशासन की मुंबईकरों से अपील
बीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौसम विभाग के हवाले से एक चेतावनी जारी की है। इस पोस्ट में साफ कहा गया है कि मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में बिजली कड़कने के साथ-साथ बहुत तेज बारिश होने की पूरी आशंका है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। प्रशासन ने मुंबई के लोगों से अपील की है कि जब तक कोई बहुत जरूरी काम न हो, वे अपने घरों से बाहर न निकलें और जलभराव वाले रास्तों व सबवे की तरफ जाने से पूरी तरह बचें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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