योगी सरकार की सुपर कोचिंग; अब फ्री में बनेंगे IAS और डॉक्टर, जानें कैसे लें एडमिशन

Feb 06, 2026 09:54 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत UPSC, NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग की पूरी जानकारी। जानें कैसे लें इसका लाभ।

योगी सरकार की सुपर कोचिंग; अब फ्री में बनेंगे IAS और डॉक्टर, जानें कैसे लें एडमिशन

उत्तर प्रदेश के वे होनहार युवा जो संसाधनों की कमी के कारण बड़े सपने देखने से कतराते थे, उनके लिए 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। यह केवल एक कोचिंग संस्थान नहीं, बल्कि प्रदेश के मेधावी छात्रों के लिए सफलता का एक ऐसा द्वार है, जहां बिना एक पैसा खर्च किए देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल ने उन छात्रों के हाथों में कलम थमा दी है, जो काबिल तो थे लेकिन महंगी कोचिंग की फीस भरने में असमर्थ थे।

क्या है अभ्युदय कोचिंग?

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' एक निःशुल्क कोचिंग प्रोग्राम है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देना है। खास बात यह है कि यहाँ पढ़ाने वाले शिक्षक कोई और नहीं, बल्कि खुद IAS, IPS और PCS अधिकारी होते हैं, जो अपने अनुभवों से छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं।

किन परीक्षाओं की होती है तैयारी?

अभ्युदय योजना के तहत छात्रों को केवल सिविल सेवा ही नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाता है:

  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और UPPSC: आईएएस और पीसीएस बनने का सपना देखने वालों के लिए विशेष बैच।
  • मेडिकल और इंजीनियरिंग (NEET & JEE): भविष्य के डॉक्टरों और इंजीनियरों के लिए बेहतरीन कोचिंग।
  • रक्षा सेवाएं (NDA & CDS): सेना में अधिकारी बनने के इच्छुक युवाओं के लिए शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण।
  • अन्य सेवाएं: SSC, बैंक पीओ, टीईटी (TET) और पुलिस भर्ती जैसी परीक्षाओं के लिए भी यहां मार्गदर्शन उपलब्ध है।

योजना की खास बातें

इस योजना के तहत प्रदेश के हर जिले में कोचिंग सेंटर खोले जा रहे हैं। छात्रों को न केवल ऑफलाइन कक्षाएं मिलती हैं, बल्कि जो छात्र दूर-दराज के गांवों में हैं, उनके लिए डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन क्लासेस की भी व्यवस्था है। सरकार ने इसके लिए एक ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म भी तैयार किया है, जहाँ छात्रों को बेहतरीन स्टडी मटेरियल और वीडियो लेक्चर मिलते हैं।

हाल के वर्षों में इस योजना के परिणाम चौंकाने वाले रहे हैं। सैंकड़ों छात्रों ने बिना किसी भारी-भरकम फीस के NEET, JEE और सिविल सेवा जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर इस योजना की सार्थकता सिद्ध की है। अब यह योजना ब्लॉक स्तर तक पहुंचाई जा रही है ताकि उत्तर प्रदेश का कोई भी मेधावी छात्र पीछे न छूटे।

अभ्युदय योजना में कैसे पाएं प्रवेश? (रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया)

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का हिस्सा बनने के लिए छात्रों को एक पारदर्शी चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है। सबसे पहले इच्छुक उम्मीदवारों को योजना की आधिकारिक वेबसाइट abhyuday.up.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है। पंजीकरण के दौरान छात्र को अपनी पसंद की परीक्षा (जैसे UPSC या NEET) का चुनाव करना होता है। इसके बाद, विभाग द्वारा एक राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (Selection Test) आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में प्राप्त अंकों और मेरिट के आधार पर ही छात्रों का चयन ऑफलाइन कक्षाओं के लिए किया जाता है। चयनित छात्रों को न केवल मुफ्त कोचिंग मिलती है, बल्कि कुछ विशेष श्रेणियों में सरकार द्वारा टैबलेट और अन्य शैक्षिक सहायता भी प्रदान की जाती है।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

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