
MPPSC Exam Calendar 2025-26 : सिविल सेवा, वन सेवा, इंजीनियरिंग सेवा की तारीखें आईं, देखें कैलेंडर
MPPSC द्वारा सोमवार को जारी किए गए इस संभावित परीक्षा कार्यक्रम में कुल 10 अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं की प्रस्तावित तारीखें घोषित की गई हैं।
MPPSC Exam Calendar 2025-26 : मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने आगामी भर्ती परीक्षाओं का संभावित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। MPPSC द्वारा सोमवार को जारी किए गए इस संभावित परीक्षा कार्यक्रम में कुल 10 अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं की प्रस्तावित तारीखें घोषित की गई हैं। आयोग का कहना है कि संबंधित विभागों के लिए भर्ती विज्ञापन (नोटिफिकेशन) जल्द जारी किए जाएंगे।
हालांकि, जिन अभ्यर्थियों ने असिस्टेंट प्रोफेसर, डेंटल सर्जन, माइनिंग ऑफिसर और संस्कृति विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर जैसे पदों की लिखित परीक्षाएं पहले ही पास कर ली हैं, वे लंबे समय से इंटरव्यू डेट का इंतजार कर रहे हैं।
MPPSC Exam Calendar 2025-26 : MPPSC संभावित परीक्षा शेड्यूल 2025-26
राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 - हाईकोर्ट के आदेश के बाद
असिस्टेंट प्रोफेसर (CS) परीक्षा 2025 - 4 जनवरी
असिस्टेंट डायरेक्टर (टेक्निकल), डिप्टी डायरेक्टर व प्रिंसिपल परीक्षा - 22 फरवरी
राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2025 - 22 मार्च
राज्य सेवा व राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 - 26 अप्रैल
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2026 (फेज-1) - 12 जुलाई
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2026 (फेज-2) - 2 अगस्त
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2026 (फेज-3) - 30 अगस्त
राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 - 7 से 12 सितंबर
राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा 2026 - 27 सितंबर
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लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव




