MPBSE MP board result: एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं में कम नंबर आने पर क्या करें? समझें मार्किंग सिस्टम
एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया गया है। जानें पासिंग क्राइटेरिया, मार्किंग सिस्टम, स्टेप मार्किंग, री-इवैल्युएशन और दूसरी परीक्षा समेत पूरी डिटेल।

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) यानी एमपी बोर्ड के कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं। यहां देखें एमपी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपना रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर आसानी से देख सकते हैं। इसके अलावा छात्र अपना रिजल्ट लाइव हिंदुस्तान की वेबसाइट www.livehindustan.com पर आसानी से देख सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा पास होने का क्राइटेरिया क्या है। चलिए समझते हैं मार्किंग सिस्टम।
यहां देखें एमपी बोर्ड रिजल्ट का लाइव अपडेट्स
एमपी बोर्ड मार्किंग सिस्टम 2026 क्या है?
MP बोर्ड के नियमों के अनुसार, किसी छात्र को प्रत्येक विषय में 'पास' घोषित होने के लिए न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने होंगे। कक्षा 10वीं की बात करें, तो 75 नंबर की थ्योरी और 25 नंबर का इंटरनल असेसमेंट/प्रोजेक्ट होता है, जिनमें पास होने के लिए कुल मिलाकर 33% अंक चाहिए। वहीं,
12वीं में बिना प्रैक्टिकल वाले विषयों में 80+20 और प्रैक्टिकल वाले विषयों (जैसे साइंस) में 70+30 का फॉर्मूला चलता है। यहां थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य है।
स्टेप मार्किंग की सुविधा
सीबीएसई बोर्ड की तरह एमपी बोर्ड में भी स्टेप मार्किंग की जाती है। गणित या अकाउंट्स जैसे कठिन विषयों से घबराने वाले छात्रों के लिए यह सिस्टम किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। अगर अंतिम उत्तर गलत भी हो जाए, लेकिन शुरुआती स्टेप्स सही हों, तो छात्रों को आधे या उससे अधिक अंक मिल सकते हैं। इससे पास होने की संभावना करीब 20-25% तक बढ़ जाती है। अब केवल सही जवाब ही नहीं, बल्कि सही तरीके से किए गए प्रयास को भी नंबर दिए जाते हैं।
फेल या कम नंबर के बाद मिलती है ये सुविधा
एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के छात्र अगर अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है या फिर फेल हो गए हैं, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बोर्ड ने नई व्यवस्था शुरू की है। एमपी सरकार ने ऐसे छात्रों के लिए रुक जाना नहीं योजा शुरू की है। इसके तहत फेल हुए छात्र इसी साल दोबारा परीक्षा देकर अपना साल बचा सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको लगता है कि एमपी बोर्ड परीक्षा की कॉपी चेकिंग में गड़बड़ी हुई है तो आप नीचे बताए गए स्टेप्स से उसे री-इवैल्युएट करवा सकते हैं। इसके लिए रिजल्ट के 15 दिनों के अंदर ‘MP Online’ पोर्टल पर जाकर ‘री-टोटलिंग’ के लिए आवेदन करना होगा।
कब होगी दूसरी परीक्षा
12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई तक आयोजित होगी। 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई के बीच होगी। छात्रों को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के मात्र 7 दिन के भीतर अपना आवेदन पूरा करना होगा। ये आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल रहेगी।
कैसे चेक करें रिजल्ट 2026
सबसे पहले छात्रों को फिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in या mpbse.nic.in पर क्लिक करें।
इसके बाद 10वीं के छात्र सेकेंडरी रिजल्ट पर और 12वीं के छात्र सीनियर सेकेंडरी रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
अपना रोल नंबर और अन्य मांगी गई जानकारी दर्ज करें और सब्मिट के बटन पर क्लिक करें।
अब आपका रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।रिजल्ट की एक कॉपी डाउनलोड कर प्रिंट आउट निकालकर अपने पास रख लें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


