MP Board 12th Toppers List 2026: खुशी राय और चांदनी ने मारी बाजी, देखें आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के टॉपर्स की पूरी लिस्ट
MP Board 12th Toppers List 2026: एमपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट 2026 घोषित हो गया है, जिसमें खुशी राय और चांदनी ने टॉप किया है। यहां आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के टॉपर्स की पूरी लिस्ट देखें।

MP Board 12th Toppers List 2026: एमपी बोर्ड ने 12वीं क्लास के नतीजे जारी कर दिए हैं। देखें एमपी बोर्ड 12वीं के नतीजे। हर साल की तरह इस बार भी लाखों बच्चे अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। आज जैसे ही नतीजे ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव हुए, छात्रों और उनके परिवार वालों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में इन नतीजों का ऐलान किया। इस साल के परिणामों में एक बात जो सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली रही, वो है लड़कियों का शानदार और बेमिसाल प्रदर्शन। आर्ट्स हो, साइंस हो या फिर कॉमर्स, हर फील्ड में मेधावी छात्रों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी सफल बच्चों को दिल से बधाई देते हुए कहा कि ये युवा ही कल के भारत का उज्ज्वल भविष्य हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जो बच्चे उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं ला पाए हैं, उन्हें बिल्कुल भी निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एक परीक्षा की मार्कशीट कभी भी किसी इंसान की पूरी जिंदगी तय नहीं कर सकती।
ओवरऑल कॉमर्स की छात्राओं का जलवा
अगर हम पूरे सूबे की बात करें, तो इस बार खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने कमाल कर दिया है। इन दोनों ही छात्राओं ने टॉप पोजीशन हासिल करके न सिर्फ अपने माता-पिता का बल्कि पूरे भोपाल शहर का नाम रोशन किया है। भोपाल की रहने वाली इन दोनों लड़कियों ने कॉमर्स स्ट्रीम में 500 में से 494 नंबर हासिल किए हैं, जो वाकई काबिले तारीफ है। इनके अलावा ग्वालियर के मनु शुक्ला, राजगढ़ की आर्ची माहेश्वरी और खुशबू पाटीदार ने 489 नंबर लाकर दूसरी रैंक अपने नाम की है। यह कामयाबी बताती है कि अगर लगन सच्ची हो और इंसान बिना तनाव के फोकस करे, तो कोई भी मुकाम हासिल करना नामुमकिन नहीं होता।
साइंस स्ट्रीम (मैथ्स और बायोलॉजी) में किसने मारी बाजी?
साइंस के छात्रों का सफर हमेशा से थोड़ा मुश्किल और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस बार के टॉपर्स ने साबित कर दिया है कि सही रणनीति से सब कुछ मुमकिन है। मैथमेटिक्स ग्रुप की अगर बात करें, तो सीहोर के श्लोक प्रजापति ने 493 अंकों के साथ पूरे प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है। वहीं ग्वालियर की गौरी शर्मा, सतना की डॉली पुरवार और राजगढ़ के अर्जुन गुर्जर ने 491 अंकों के साथ दूसरी पोजीशन पर अपना कब्जा जमाया।
दूसरी तरफ, बायोलॉजी ग्रुप में इंदौर की तन्वी कुमावत ने 492 अंक लाकर पहला मुकाम पाया है। उमरिया के कार्तिक शर्मा 490 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। रीवा की प्रियांशी सिंह, भोपाल की अरीबा इमरान और बालाघाट की स्तुति जैन ने 489 नंबरों के साथ तीसरी रैंक साझा की है। इन बच्चों की इस बेहतरीन कामयाबी के पीछे उनके टीचर्स और परिवार वालों की भी अनगिनत कुर्बानियां और दुआएं शामिल हैं।
आर्ट्स, एग्रीकल्चर और फाइन आर्ट्स के सितारे
आर्ट्स यानी मानविकी स्ट्रीम की बात करें, तो यहां भी कांटे की टक्कर देखने को मिली। मुरैना की श्रुति तोमर और छतरपुर के आकाश अहिरवार ने 489 अंक हासिल करके पहला मुकाम अपने नाम किया। इसके अलावा एग्रीकल्चर स्ट्रीम में शिवपुरी जिले का दबदबा रहा, जहां तुलसी राजावत और चंचल कुशवाहा ने 493 अंकों के शानदार स्कोर के साथ टॉप किया है। फाइन आर्ट्स और होम साइंस में छतरपुर की शाइस्ता कुरैशी (485 अंक) ने बाजी मारी है। इन सभी बच्चों की कहानियां इस बात का मजबूत सबूत हैं कि चाहे आप किसी भी बैकग्राउंड से आते हों, आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


