MP Board 12th result Toppers list:एमपी बोर्ड 12वीं में भोपाल की खुशी और चांदनी बनीं प्रदेश की टॉपर, झाबुआ जिला रहा अव्वल
MP Board 12th result Toppers list: एमपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी। भोपाल की खुशी और चांदनी ने किया टॉप। जानें जिलेवार प्रदर्शन, पास प्रतिशत और अपना परिणाम चेक करने का पूरा तरीका।

MPBSE mp board 12th result 2026: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) के लाखों छात्र-छात्राओं का इंतजार आज खत्म हो गया है। यहां देखें एमपी बोर्ड 12वीं के नतीजे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल एमपी बोर्ड की मेरिट लिस्ट में राजधानी भोपाल का दबदबा देखने को मिला। भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इन दोनों ही छात्राओं ने 500 में से 494 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। रिजल्ट जारी होने के बाद से ही दोनों के घरों में जश्न का माहौल है और बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
जिलों में झाबुआ का शानदार प्रदर्शन
अगर जिलेवार प्रदर्शन की बात करें, तो इस बार आदिवासी बहुल जिले झाबुआ ने बाजी मारते हुए प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं, अनूपपुर जिला दूसरे पायदान पर रहा। बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल करीब 1 लाख 99 हजार छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो सके हैं। हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस बार किसी को सप्लीमेंट्री की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
कब और कैसे हुई थीं परीक्षाएं?
एमपी बोर्ड की हायर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षाएं इस साल 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। वहीं, 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक चली थीं। इस साल 10वीं और 12वीं को मिलाकर कुल 16.60 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 12वीं कक्षा के छात्रों की संख्या 7.06 लाख थी।
इन वेबसाइट्स पर तुरंत देखें अपना रिजल्ट
छात्र अपना परिणाम मध्य प्रदेश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों के साथ-साथ निजी पोर्टल्स पर भी देख सकते हैं:
1. mpbse.nic.in
2. mpresults.nic.in
स्टेप-बाय-स्टेप: ऐसे चेक करें अपना स्कोर कार्ड
सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpresults.nic.in पर जाएं।
होमपेज पर 'MPBSE - HSC (Class 10th) Result 2026' या 'MPBSE - HSSC (Class 12th) Result 2026' के लिंक पर क्लिक करें।
अब अपना रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करें।
सबमिट बटन दबाते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर होगा।
भविष्य के लिए अपने रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर ले लें।
क्या हैं पासिंग मार्क्स के नियम?
एमपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, छात्रों को पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। जो छात्र अपने रिजल्ट से खुश नहीं हैं, उनके लिए बोर्ड ने रीचेकिंग (Scrutiny) की सुविधा भी दी है। छात्र अपनी कॉपियों की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए आगे की प्रक्रिया की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।
पिछले साल के मुकाबले कैसा रहा रुझान?
पिछले साल यानी 2025 में 12वीं का रिजल्ट 74.48% रहा था, जिसमें प्रियल द्विवेदी ने टॉप किया था। 2025 में रिजल्ट 7 मई को घोषित हुआ था, जबकि इस बार बोर्ड ने और भी तेजी दिखाते हुए अप्रैल के मध्य में ही परिणाम जारी कर दिए हैं। बोर्ड की इस तत्परता से छात्रों को आगे की कॉलेज शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


