MP Guest Faculty 3.0 Registration 2026: मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की भर्ती शुरू, बिना फीस ऐसे करें आवेदन
MP Guest Faculty 3.0 Registration 2026: एमपी गेस्ट फैकल्टी 3.0 रजिस्ट्रेशन 2026 शुरू हो गया है। आइए जानते हैं इस भर्ती के मद्देनजर हर जरूरी बातें।

MP Guest Faculty 3.0 Registration 2026: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य के अतिथि शिक्षक प्रबंधन तंत्र ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब अभ्यर्थी घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। सबसे राहत वाली बात यह है कि आवेदन के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं रखा गया है। यह भर्ती पहली कक्षा से लेकर बारहवीं तक के सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए की जा रही है। जिन अभ्यर्थियों ने बीएड, डीएलएड और शिक्षक पात्रता परीक्षा पास की है, वे आवेदन कर सकते हैं।
क्या है अतिथि शिक्षक प्रबंधन तंत्र?
यह मध्य प्रदेश सरकार का ऑनलाइन मंच है, जिसके जरिए सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाती है। इस बार नई व्यवस्था के तहत पूरा काम डिजिटल तरीके से होगा। अभ्यर्थी इसी मंच के जरिए पंजीकरण, जानकारी सुधार, अनुभव जोड़ने, पहचान सत्यापन और दस्तावेज अपलोड जैसे सभी काम कर सकेंगे। पुराने अभ्यर्थियों को भी अपनी जानकारी नए पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।
नए पंजीकरण की तारीख क्या है?
नए अभ्यर्थी 2 मई 2026 से 11 मई 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसी दौरान पहचान सत्यापन, शैक्षणिक जानकारी भरना और दस्तावेज अपलोड करना होगा। दस्तावेज जांच की प्रक्रिया 4 मई से 11 मई 2026 तक चलेगी। वहीं पुराने अभ्यर्थियों को जानकारी सुधारने का मौका 12 मई से 22 मई 2026 तक मिलेगा।
पुराने अभ्यर्थियों के लिए क्या सुविधा मिलेगी?
जो अभ्यर्थी पहले पुराने पोर्टल पर पंजीकृत थे, उन्हें अब नई व्यवस्था में अपनी जानकारी स्थानांतरित करनी होगी। अगर किसी अभ्यर्थी की एक से ज्यादा पहचान संख्या बनी हुई है, तो वे अपने अनुभव को एक साथ जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। बंद मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा भी दी गई है।
कौन कर सकता है आवेदन?
आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ बीएड या डीएलएड योग्यता भी अनिवार्य है। शिक्षक पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन उम्मीदवारों ने परास्नातक की पढ़ाई की है, वे उसकी जानकारी भी भर सकते हैं ताकि विषय के अनुसार अवसर बढ़ सकें।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को आधार कार्ड, समग्र आईडी, फोटो, हस्ताक्षर, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, शिक्षक पात्रता परीक्षा अंकपत्र और अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करने होंगे। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र भी देना होगा।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां नए अभ्यर्थी वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- इसके बाद मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए सत्यापन करें। फिर समग्र आईडी भरकर पहचान सत्यापन पूरा करें।
- अब व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, शिक्षक पात्रता परीक्षा और अनुभव संबंधी जानकारी भरें।
- सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन जमा करें और जानकारी लॉक कर दें। इसके बाद संबंधित संकुल में जाकर दस्तावेज सत्यापन करवाना होगा।
चयन कैसे होगा?
अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता, शिक्षक पात्रता परीक्षा के अंक और पहले का शिक्षण अनुभव चयन में अहम भूमिका निभाएंगे। दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों का अंकपत्र जारी किया जाएगा और उसी के आधार पर स्कूलों में नियुक्ति दी जाएगी।
बिना शुल्क के होगा आवेदन
इस भर्ती प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि आवेदन पूरी तरह मुफ्त रखा गया है। किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी को कोई शुल्क नहीं देना होगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


