मां दिहाड़ी मजदूर, बेटा करेगा देश की टॉप IIT से BTech , कैसे क्रैक किया JEE Main और एडवांस्ड
44 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर एम. अमरावती की सालों की कड़ी मेहनत, तपस्या और त्याग का फल आखिरकार मिल गया है। उनके बेटे एम लोकेश जेईई मेन और एडवांस्ड परीक्षा पास कर देश के नंबर वन इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी मद्रास में दाखिला लिया है।

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले की 44 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर एम. अमरावती की सालों की कड़ी मेहनत, तपस्या और त्याग का फल आखिरकार मिल गया है। उनके बेटे एम लोकेश जेईई मेन और एडवांस्ड परीक्षा पास कर देश के नंबर वन इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी मद्रास में दाखिला लिया है। 18 वर्षीय लोकेश ने केमिकल इंजीनियरिंग बीटेक में दाखिला लिया है। अमरावती के पति का निधन तब हो गया था, जब लोकेश सिर्फ चार साल के थे। सातवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाली अमरावती ने अपने तीन बच्चों की परवरिश के लिए ईंट भट्ठों पर मजदूरी शुरू कर दी। वह रोजाना करीब 300 रुपये कमाती थीं।
द न्यू इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक लोकेश ने म्युनिसिपल टीवीके हायर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई की और अपनी मेहनत के दम पर देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मद्रास में दाखिला पाया। आपको बता दें कि भारत सरकारी की एनआईआरएफ रैंकिंग के मुताबिक आईआईटी मद्रास देश का नंबर 1 इंजीनियरिंग संस्थान है। देश की सभी आईआईटी में इसका स्थान पहले नंबर पर है।
सुबह 3:30 बजे से शुरू होता था मां का संघर्ष
अमरावती ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि वह रोज सुबह 3:30 बजे घर से निकल जाती थीं और शाम तक ईंट-भट्ठे पर काम करती थीं। उन्होंने कहा, "स्कूल जाने से पहले मेरे बच्चे खाना बनाकर पड़ोसी के घर रख जाते थे। बाद में वही पड़ोसी मुझे खाना दे देते थे। तेज धूप हो, बारिश हो या कठिन शारीरिक मेहनत, मैंने कभी हार नहीं मानी क्योंकि मैं चाहती थी कि मेरे बच्चों का भविष्य बेहतर बने।"
दो अन्य सरकारी स्कूल के छात्रों ने भी NIT में पाई सफलता
लोकेश के अलावा विरुधुनगर जिले के दो अन्य सरकारी स्कूलों के छात्रों ने भी इस साल बड़ी सफलता हासिल की है। आर. अरुमुगा वेलन राघवन (18) और आई. धरनिया (17) ने भी JEE परीक्षा पास कर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NIT) में दाखिला पाया है। दोनों ही राजापालयम के नल्लामनैकरपट्टी स्थित सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र हैं और दिहाड़ी मजदूर परिवारों से आते हैं।
'दिशाई' कार्यक्रम ने पूरे किए सपने
इन छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन की 'दिशाई' (Disai) पहल को दिया। यह कार्यक्रम सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को JEE, NEET और CUET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के लिए आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराता है। छात्रों ने बताया, "जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित आवासीय कोचिंग हमारे लिए गेम चेंजर साबित हुई। शिक्षकों ने न केवल अच्छी पढ़ाई कराई, बल्कि पूरे समय हमारा मार्गदर्शन किया और हर शंका का धैर्यपूर्वक समाधान किया।"
उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देगा प्रशासन
विरुधुनगर के जिला कलेक्टर एन. ओ. सुखपुत्रा ने कहा कि जिन छात्रों के सामने उच्च शिक्षा का खर्च उठाने में आर्थिक कठिनाई है, उनके अनुरोधों पर प्रशासन विचार कर रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे छात्रों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आर्थिक अभाव उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
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15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
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विशेषज्ञता
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