MMMUT गोरखपुर का मास्टरस्ट्रोक; सभी इंजीनियरिंग कोर्स को मिलेगी NBA मान्यता, विदेश में नौकरी पाना होगा आसान
MMMUT: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) इस साल अपने सभी इंजीनियरिंग कोर्सेज का एनबीए एक्रेडिटेशन यानी राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड से मान्यता कराने जा रहा है।

MMMUT: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस साल अपने सभी इंजीनियरिंग कोर्सेज का एनबीए एक्रेडिटेशन यानी राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड से मान्यता कराने जा रहा है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यहां के छात्रों को मिलेगा, क्योंकि उनकी डिग्री को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और मजबूती मिलेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने इस योजना की पुष्टि करते हुए बताया कि एनबीए एक्रेडिटेशन का लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। इससे न केवल शैक्षणिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि कैंपस प्लेसमेंट के मामले में भी विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों को छुएगा।
क्या है एनबीए मान्यता और इसके फायदे?
राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) भारत में तकनीकी शिक्षा कार्यक्रमों की गुणवत्ता जांचने वाला एक स्वायत्त निकाय है। जब किसी कोर्स को एनबीए की मान्यता मिलती है, तो यह सुनिश्चित हो जाता है कि वह कोर्स उच्च गुणवत्ता के कड़े मानकों को पूरा करता है।
वाशिंगटन समझौते का लाभ:
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एनबीए मान्यता मिलने के बाद MMMUT को वाशिंगटन समझौते (Washington Accord) के सदस्य होने का सीधा लाभ मिलेगा। इसका मतलब है कि यहां से इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों की डिग्री दुनिया के कई विकसित देशों में उतनी ही मान्य होगी जितनी वहां की स्थानीय डिग्रियां होती हैं। इससे छात्रों के लिए विदेश में नौकरी पाना और उच्च शिक्षा प्राप्त करना बेहद आसान हो जाएगा।
कैंपस प्लेसमेंट में आएगी तेजी
विश्वविद्यालय का मानना है कि इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता के बाद कैंपस प्लेसमेंट का दायरा तेजी से बढ़ेगा। अब तक जो विदेशी कंपनियां या बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां (MNCs) केवल चुनिंदा संस्थानों में जाती थीं, वे अब MMMUT की ओर भी आकर्षित होंगी। इससे छात्रों को न केवल बेहतर पैकेज मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में काम करने का मौका भी मिलेगा।
रैंकिंग में लगातार सुधार और रिसर्च का डंका
MMMUT पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विश्वविद्यालय ने अपनी जगह इन प्रतिष्ठित लिस्ट में बनाई है:
NIRF रैंकिंग और QS वर्ल्ड रैंकिंग
टाइम्स सर्वे और टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग
गूगल स्कॉलर साइटेशन रैंकिंग
रिसर्च के क्षेत्र में भी विवि का प्रदर्शन शानदार रहा है। विवि के 159 शोधकर्ताओं को 'एडी वर्ल्ड साइंटिस्ट इंडेक्स' में स्थान मिला है। इतना ही नहीं, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी 'दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों' की सूची में भी MMMUT के वैज्ञानिकों ने अपनी जगह बनाई है। इन्हीं उपलब्धियों को आधार बनाकर अब सभी कोर्स के लिए एनबीए मान्यता हासिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
परिणाम-आधारित शिक्षा पर जोर
इस नई पहल से 'आउटकम बेस्ड एजुकेशन' (परिणाम-आधारित शिक्षा) को बढ़ावा मिलेगा। कुलपति प्रो. जेपी सैनी के अनुसार, इस साल का मुख्य लक्ष्य सभी इंजीनियरिंग विषयों का एक्रेडिटेशन पूरा करना है ताकि छात्रों को प्रतिस्पर्धी बाजार में बढ़त मिल सके। यह कदम गोरखपुर और पूर्वांचल के तकनीकी छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।



