

अगर आप स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं और आपको दिलचस्पी ऐसे प्रतियोगिताओं में जो आपको अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा भेज दे, तो यह खबर आपके लिए है। क्योंकि मिटश्योर ओलंपियाड मास्टर्स भी इसी प्रतियोगिता में से एक है। इसका रिजल्ट जारी हुआ है। जिसमें हरियाणा की आशया समेत हरियाणा की बेटी आयशा समेत चार विद्यार्थियों ने पूरे देश में नाम रोशन कर दिया है। अब इनका चयन नासा विजिट के लिए हुआ है। बता दें कि आयशा हरियाणा से इस प्रतिष्ठित यात्रा के लिए चुनी गई एकमात्र छात्रा हैं।
मिटश्योर ओलंपियाड मास्टर्स के परिणामों की घोषणा जयपुर स्थित होटल मैरिएट में आयोजित हुआ और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार समारोह में की गई। इस समारोह में देशभर के विभिन्न स्कूलों से आए स्टूडेंट्स, शिक्षकों, प्रिंसिपल्स और स्कूल -प्रतिनिधि शामिल हुए।
हरियाणा की आयशा ने विज्ञान विषय में शानदार प्रदर्शन किया। इसी वजह से उनका चयन नासा विजिट के लिए हुआ। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के कई चरण शामिल थे। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद पूरे देश से केवल चार विद्यार्थियों को नासा जाने का मौका मिला है। आयशा के अलावा राजस्थान से गौरांगी शर्मा और मध्य प्रदेश के श्योपुर से शुभ जैन और एमपी के ही रीवा से जयप्रकाश पांडे का भी चयन हुआ है।
बता दें कि कार्यक्रम में 60 विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। विजेताओं को 50 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार, मेडल और प्रशस्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम के अतिथि डॉ. पी अग्रवाल, प्रो. अनिल धवन एवं विनोद पंवार ने विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। पुरस्कार पाने वाले छात्रों में न केवल मेट्रो शहरों बल्कि छोटे कस्बों और गांवों के बच्चे भी शामिल थे, जो इस ओलंपियाड की सबसे बड़ी खासियत रही।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो इस प्रतियोगिता के लिए देशभर से 1 लाख से अधिक बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। ओलंपियाड मास्टर्स का उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि इसे केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखते हुए देश के सभी छोटे शहरों की प्रतिभाओं तक पहुंचाया है। नासा विजिट के दौरान आयशा और अन्य चयनित विद्यार्थी रकिट साइंस, स्पेस रिसर्च और एस्ट्रोनॉमी से जुड़ी लैब्स और प्रोजेक्ट्स को करीब से देखेंगे।
मिटश्योर ओलंपियाड मास्टर्स एक राष्ट्रीय स्तर की स्कूली ओलंपियाड परीक्षा है। जिसे मिटश्योर आयोजित करता है। इसका उद्देश्य बच्चों की कॉन्सेप्ट क्लैरिटी, लॉजिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और कॉम्पिटीटिव एग्जाम स्किल्स को डेवलप करना है। यह ओलंपियाड कक्षा 1 से 12वीं तक के बच्चों के लिए आयोजित किया जाता है। इसमें स्कूल, जिला, स्टेट/जोनल और नेशनल लेवल पर रैंक और पुरस्कार होते हैं। कुछ विषयों में कक्षा 6 से 10 के लिए इंटरनेशनल लेवल भी है।
संक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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