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School Mental Health: स्कूली बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बनेगी यूनिफॉर्म नीति, हर स्कूल में होगी मेंटल हेल्थ कमेटी

School Mental Health: स्कूली बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बनेगी यूनिफॉर्म नीति, हर स्कूल में होगी मेंटल हेल्थ कमेटी

संक्षेप:

School Mental Health Policy 2026: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, असफलता का डर और उससे होने वाले नुकसानों से निपटने के लिए एक नई पहल हो रही है। अब स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता का नियम अनिवार्य होगा।

Dec 29, 2025 06:46 am ISTPrachi लाइव हिन्दुस्तान, पटना, कार्यालय संवाददाता
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Mental Health Portal for Schools: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, असफलता का डर और उससे होने वाले नुकसानों से निपटने के लिए एक नई पहल हो रही है। अब स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता का नियम अनिवार्य होगा। इसके लिए एक पोर्टल बनेगा। बिहार समेत देशभर के स्कूलों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर यूनिफॉर्म नीति बनेगी। शिक्षा मंत्रालय की ओर से इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है।

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बच्चे और शिक्षक परामर्श ले सकेंगे :

शिक्षा मंत्रालय की ओर से इसके लिए मानसिक स्वास्थ्य पोर्टल बनेगा। इसके लिए बैठक हो चुकी है। पोर्टल पर देशभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का डेटाबेस जारी होगा। स्कूली बच्चे और शिक्षक इसकी मदद से त्वरित परामर्श हासिल कर सकेंगे। यह पोर्टल अध्यापकों और बच्चों को देश के जाने- माने स्वास्थ्य विशेषज्ञों तक डिजिटली पहुंचने में एक पुल की तरह कामकरेगा।

सभी स्कूलों को करना होगा यूनिफॉर्म नीति का पालन :

शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम की तर्ज पर ही इस नियम को सभी संस्थानों के लिए बाध्यकारी बनाया जाएगा। इसके तहत सभी स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य समिति का गठन करना अनिवार्य होगा, जिसमें प्रधानाचार्य, शिक्षक, अभिभावक और काउंसलर शामिल होंगे।

स्कूलों में गोपनीय शिकायत निवारण तंत्र बनानी होगी, जहां छात्र बिना डर अपनी समस्या बता सकेंगे। यह निर्णय बच्चों में बढ़ते अवसाद, चिंता, भय, तनाव और आत्महत्या के विचारों की रोकथाम को ध्यान में रखकर लिया गया है।

सालाना समीक्षा होगी :

इस नीति-निर्देश का पालन विद्यालयों द्वारा कितनी किया जा रहा है, कितने बच्चों को इससे लाभ हुआ आदि की जानकारी स्कूलों को पोर्टल पर रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट की सालाना समीक्षा भी की जाएगी।

41% स्कूलों में एंटी बुलिंग से निपटने की व्यवस्था नहीं

एनसीईआरटी ने बिहार में स्कूलों में छात्र सुरक्षा की स्थिति जानने के लिए 3840 स्कूलों का सर्वेक्षण हाल ही में किया था। इसमें यह बात सामने आई कि यदि बच्चों के साथ परेशान करने वाली कोई घटना होती है तो उससे निपटने के लिए 41 फीसदी स्कूलों में कोई व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में स्कूलों ने कोई नीति नहीं बनाई है। इन्हीं चीजों की धरातल पर इसी नीति के माध्यम से उतारा जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार सुखदेव साहा के जजमेंट के आधार पर तैयार की जा रही है। जिसमें छात्र कल्याण को लेकर स्कूलों में कई व्यवस्थाएं करने की बात कही गई है।

Prachi

लेखक के बारे में

Prachi
प्राची लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। यहां वे करियर से जुड़ी खबरें लिखती हैं। प्राची दिल्ली की रहने वाली हैं और उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्होंने अपना करियर नन्ही खबर से शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड और कुटुंब में कंटेंट लेखक के रूप में काम किया। वे 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी। प्राची को उपन्यास पढ़ना और फिल्में देखना बहुत पसंद है। और पढ़ें
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