
नशा करने पर मेडिकल छात्रों की होगी हॉस्टल से छुट्टी, डॉक्टर लगाएंगे 4 रंगों की पट्टी, MBBS इंटर्न पर कोई पट्टी नहीं
दून मेडिकल कॉलेज में छात्रों के तीसरी बार नशा करते पकड़े जाने पर हॉस्टल से हमेशा के लिए निष्कासन किया जाएगा। वहीं, जूनियर डॉक्टरों का नया ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है।
उत्तराखंड में दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में नशे पर रोकथाम और डॉक्टरों की ड्यूटी पर मौजूदगी के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। मेडिकल छात्रों के तीसरी बार नशा करते पकड़े जाने पर हॉस्टल से हमेशा के लिए निष्कासन किया जाएगा। वहीं, जूनियर डॉक्टरों का नया ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इन फैसलों पर मुहर लगी है, जिसके मिनट्स प्राचार्य की ओर से जारी कर सख्ती से अमल के निर्देश दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज में नशे पर ऐसे होगी कार्रवाई
एकेडमिक काउंसिल ने एंटी ड्रग कमेटी की संस्तुतियों को मंजूरी दी। इसमें तय किया गया कि नशा या शराब का सेवन करते पकड़े जाने पर छात्रों पर चरणबद्ध कार्रवाई होगी। पहली गलती पर शैक्षणिक गतिविधियों से दो हफ्ते का सस्पेंशन और अभिभावकों को सूचना दी जाएगी।
दूसरी गलती पर एक महीने का शैक्षणिक सस्पेंशन और एक महीने के लिए हॉस्टल से निष्कासन। तीसरी गलती पर शैक्षणिक गतिविधियों से दो महीने का सस्पेंशन और हॉस्टल से हमेशा के लिए निष्कासन किया जाएगा।
डॉक्टरों की अब ऐसे होगी पहचान
- सीनियर रेजिडेंट : सफेद रंग की पट्टी
- पीजी जेआर-3: हरे रंग की पट्टी
- पीजी जेआर-2: नीले रंग की पट्टी
- पीजी जेआर-1: लाल रंग की पट्टी
- एमबीबीएस इंटर्न: कोई पट्टी नहीं होगी
- फैकल्टी सदस्यों के लिए फॉर्मल परिधान अनिवार्य
डॉक्टरों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया
कई बार शिकायत रहती है कि डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिलते। मरीज एवं तीमारदार सीनियर-जूनियर डॉक्टर को लेकर असमंजस में रहते हैं। जेब पर लगी रंगीन पट्टी से अब उनकी पहचान होगी। कॉलेज प्रबंधन ने सभी इंटर्न, पीजी रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स (एसआर) के लिए डार्क सी ग्रीन (गहरा समुद्री हरा) रंग के स्क्रब अनिवार्य कर दिए हैं। उधर, सुरक्षा की दृष्टि से हॉस्टल के सभी फ्लोर्स पर काली जालियां लगाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा अंडर-ग्रेजुएट छात्रों (यूजी) के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी फिलहाल संभव नहीं बताई गई है।
एनएचएम: वर्कलोड के मुताबिक होंगी भर्तियां
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती एवं उनसे कार्य लेने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब कार्यक्रम के हिसाब से नहीं, बल्कि चिकित्सा संस्थानों में मरीजों की संख्या एवं वर्कलोड के मुताबिक भर्तियां होंगी। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद प्रदेशभर के सीएमओ को निदेशक एनएचएम डॉ. रश्मि पंत की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मानव संसाधन के युक्तिकरण (रेश्नलाइजेशन) और समीक्षा कर रिपोर्ट देने को कहा है। एनएचएम में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले अधिकारियों को एनएचएम से वेतन नहीं मिलेगा।

लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
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विशेषज्ञता
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स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
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छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी




