MBBS छात्र ने बनाया NEET स्कॉलर गैंग, कई मेडिकल छात्र, बायोमैट्रिक कर्मी समेत 30 गिरफ्तार
पीएमसीएच का अश्विनी उर्फ मयंक एमबीबीएस छात्र होने के बावजूद बायोमैट्रिक कर्मी बनकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचा था और फर्जी अभ्यर्थियों को प्रवेश दिलाने में उसने अहम भूमिका निभाई। गिरफ्तार आरोपियों में कई मेडिकल कॉलेजों के छात्र हैं।

नीट पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय में फर्जी परीक्षार्थियों के जरिए बड़े गिरोह ने कदाचार की कोशिश की थी। इस मामले में पुलिस ने रविवार को बिहार सहित विभिन्न राज्यों के 12 मेडिकल छात्रों को गिरफ्तार किया है। इस स्कॉलर गिरोह का सरगना मुजफ्फरपुर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र स्थित यादव नगर निवासी पवन कुमार सिंह का बेटा अर्पित सिंह है। गया जी के एएनएमएमसीएच में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष के छात्र अर्पित ने ही पूरे नेटवर्क को संचालित किया। इसके अलावा 18 बायोमेट्रिक कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है। अब आर्थिक अपराध इकाई इस मामले में दर्ज तीन कांडों की जांच करेगी।
सोमवार को लखीसराय डीएम शैलेन्द्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार ने स्कॉलर गिरोह के बारे में पूरी जानकारी दी। पीएमसीएच का अश्विनी उर्फ मयंक एमबीबीएस छात्र होने के बावजूद बायोमैट्रिक कर्मी बनकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचा था और फर्जी अभ्यर्थियों को प्रवेश दिलाने में उसने अहम भूमिका निभाई। गिरफ्तार आरोपियों में न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज, एएनएमसीएच गया, एम्स रायबरेली, यूसीएमएस दिल्ली, एनएमसीएच (पटना), बीएचयू और अन्य संस्थानों के छात्र शामिल हैं।
पुलिस को कुछ केंद्रों पर वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी एवं फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसडीओ व एसडीपीओ के नेतृत्व में टीम गठित कर लखीसराय स्थित केआरके उच्च विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय एवं उच्च विद्यालय हसनपुर केंद्र पर छापेमारी की गयी।
जांच में खुलासा हुआ कि बायोमैट्रिक कर्मियों की मिलीभगत से वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों एवं अन्य फर्जी परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश दिलाया जा रहा है। इसके लिए फर्जी आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज भी तैयार किये गये थे।
सूचना की पुष्टि के बाद रविवार देर रात तक पुलिस ने विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएससी नर्सिंग और बी-फार्मा के नौ फर्जी परीक्षार्थियों, एक मूल अभ्यर्थी, अर्पित के दो सहयोगियों तथा 18 बायोमैट्रिक कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। उधर, सरगना अर्पित के मगध मेडिकल कॉलेज स्थित छात्रावास के कमरे में पुलिस ने छापा मारकर टैब जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपितों में एनएमसीएच में बी फार्मा की पढ़ाई करने वाला रौशन कुमार भी शामिल है।
मोटी रकम ले फर्जी अभ्यर्थी को बैठाता था गिरोह
पुलिस के अनुसार गिरोह सुनियोजित तरीके से मोटी रकम लेकर परीक्षाओं में वास्तविक परीक्षार्थियों की जगह स्कॉलर को बैठाता था। अन्य राज्यों तक इसके तार जुड़े होने की संभावना भी जताई जा रही है। एसपी प्रेरणा कुमार ने बताया कि गिरोह के आर्थिक लेन-देन, संपर्क सूत्रों और अन्य सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।
कुल 30 लोग गिरफ्तार
लखीसराय में नीट पुनर्परीक्षा के दौरान कदाचार के प्रयास में नौ डमी उम्मीदवार और 18 बायोमेट्रिक कर्मी सहित कुल 30 लोग गिरफ्तार किए गये हैं। इस संबंध में किऊल में एक तथा कवैया थाना में दो प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। -सुधांशु कुमार एडीजी (विधि-व्यवस्था) बिहार।
ईओयू (EOU) करेगी मामले की जांच
- राज्य सरकार के निर्देश पर अब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) लखीसराय जिले में नीट पुनर्परीक्षा में हुए कदाचार के दर्ज तीनों मुकदमों की जांच करेगी।
- इससे पहले ईओयू इस मामले की तकनीकी जांच में सहयोग कर रही थी।
- जांच में यह खुलासा हुआ है कि स्कॉलर गिरोह ने बायोमेट्रिक कंपनी के साथ साठगांठ करके इस कदाचार की साजिश रची थी।
- यह कदाचार बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की एडीओ (सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी) परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े के पैटर्न से मेल खाता है।
मास्टरमाइंड और सॉल्वर गैंग की साजिश
- इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड मुजफ्फरपुर के भगवानपुर (यादव नगर) का निवासी और मगध मेडिकल कॉलेज (गया) में एमबीबीएस चौथे वर्ष का छात्र अर्पित सिंह है।
- अर्पित ने सॉल्वर गैंग तैयार करने से लेकर बायोमेट्रिक एजेंसी से साठगांठ करने तक की पूरी सेटिंग की थी।
- इस काम में उसने पावापुरी स्थित भगवान महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस कॉलेज के छात्र रंजीत कुमार और रविशंकर की मदद ली थी।
- अर्पित ने रविशंकर और रंजीत के जरिए लखीसराय के तीन परीक्षा केंद्रों के 18 बायोमेट्रिक कर्मियों को रुपये देकर खरीद लिया था।
- उसने 9 स्कॉलरों को रुपये देकर परीक्षा में डमी अभ्यर्थी के तौर पर बैठाया था।
- पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र रंजीत कुमार ने अपने भाई संजीत को पास कराने के लिए, जबकि रविशंकर ने अपनी पत्नी की जगह परीक्षा दिलाने के लिए स्कॉलर सेट किया था।
- लखीसराय के केआरके उच्च विद्यालय सेंटर पर जब विवेक कुमार को संजीत की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया, तब इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
- मास्टरमाइंड अर्पित सिंह, सॉल्वर विवेक और रंजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रविशंकर अभी फरार है।
- पुलिस ने गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज के ओल्ड बॉयज हॉस्टल में अर्पित के कमरे में छापा मारकर उसका टैब (Tablet) जब्त कर लिया है, जिसे लखीसराय पुलिस को सौंपा जाएगा।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची
डमी अभ्यर्थी के रूप में गिरफ्तार मेडिकल छात्र:
1. मंतोष कुमार: मधेपुरा का निवासी, न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र।
2. विवेक कुमार: मुजफ्फरपुर का निवासी, एएन मगध मेडिकल कॉलेज गया में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र।
3. हिमांशु कुमार: सुपौल का निवासी, राजकीय मेडिकल कॉलेज सतना (एमपी) में प्रथम वर्ष का छात्र।
4. सौरभ झा: मधुबनी का निवासी, एम्स रायबरेली में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र।
5. पूनम कुमारी: गिरिडीह (झारखंड) की निवासी, बीएचयू में बीएससी नर्सिंग की छात्रा।
6. अमन अग्रवाल: नई दिल्ली का निवासी, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस (शाहदरा) का एमबीबीएस इंटर्न।
7. रौशन कुमार: मधुबनी का निवासी, एनएमसीएच पटना में बी.फार्मा चतुर्थ वर्ष का छात्र।
सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार:
- चंचल कुमारी: पलामू (झारखंड) की निवासी, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज ओडिशा में बीएएमएस की छात्रा।
- जितेंद्र कुमार: सवाई माधोपुर (राजस्थान) का निवासी, एनएमसीएच पटना का छात्र।
- अर्पित सिंह (मास्टरमाइंड): मुजफ्फरपुर का निवासी, मगध मेडिकल कॉलेज गया में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र।
- रंजीत कुमार: नालंदा का निवासी, पावापुरी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र।
बायोमेट्रिक कर्मी के रूप में गिरफ्तार मेडिकल छात्र:
- अश्विनी कुमार (उर्फ मयंक कश्यप): वैशाली का निवासी, पीएमसीएच पटना में एमबीबीएस का छात्र।
अन्य गिरफ्तार बायोमेट्रिक कर्मी (लखीसराय के विभिन्न केंद्रों से):
- सुपरवाइजर: बादल कुमार, अमलेश कुमार, विशाल कुमार।
- अन्य कर्मी: अंकित कुमार, मुकुंद कुमार, अखिलेश कुमार, मोहित कुमार, सुदर्शन कुमार, उदय कुमार, उकेश कुमार, अदिति कुमारी, घनश्याम कुमार, शंकर कुमार वर्मा, आर्यन कुमार और चंदन कुमार।


