MBBS : कटऑफ में उछाल, NEET में 462 अंकों पर मिली एमबीबीएस सीट, ओपन में 60 रैंक का फर्क
तमिलनाडु में 85 फीसदी स्टेट कोटा एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले के लिए नीट यूजी स्टेट काउंसलिंग जारी है। पहले राउंड की नीट यूजी स्टेट काउंसलिंग में एमबीबीएस सीटों के कटऑफ अंक ज्यादातर आरक्षण श्रेणियों में बढ़ गए हैं।

तमिलनाडु में 85 फीसदी स्टेट कोटा एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले के लिए नीट यूजी स्टेट काउंसलिंग जारी है। पहले राउंड की नीट यूजी स्टेट काउंसलिंग में एमबीबीएस सीटों के कटऑफ अंक ज्यादातर आरक्षण श्रेणियों में बढ़ गए हैं। हालांकि पिछले साल की तुलना में कम रैंक वाले छात्रों को इस साल सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें आवंटित हुई हैं।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में BC वर्ग का 2026 का कट-ऑफ 536 अंक रहा, जबकि 2025 में यह 509 था। BCM वर्ग में कट-ऑफ 504 से बढ़कर 523 और MBC में 496 से बढ़कर 526 अंक हो गया। SC वर्ग का कट-ऑफ पिछले साल के 441 से बढ़कर इस साल 472 अंक पहुंच गया। SCA और ST वर्गों में भी कट-ऑफ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। SCA का कट-ऑफ 397 से बढ़कर 436 और ST का 402 से बढ़कर 433 अंक हो गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल कम रैंक वाले उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें मिली हैं। छात्र काउंसलर मणिकवेल अरुमुगम ने कहा, “ओपन कैटेगरी में पिछले साल और इस साल की रैंक में 60 रैंक का अंतर रहा। 150 सीटों का जुड़ना इसका एक कारण हो सकता है।”
उन्होंने कहा कि यह रुझान इस बात का संकेत हो सकता है कि अधिक छात्र ऑल इंडिया कोटा के तहत सीटों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पहले राउंड में छात्रों को सीट छोड़ने की अनुमति है, इसलिए यह देखना होगा कि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा आयोजित पहले राउंड में आवंटित कॉलेजों में कितने छात्र वास्तव में दाखिला लेते हैं।
ST के लिए 462 अंक रहा
ESIC की MBBS सीटों के लिए इस साल OC वर्ग का कट-ऑफ 588 अंक रहा। इसके बाद BC के लिए 574, BCM के लिए 569, MBC/DNC के लिए 565, SC के लिए 504, SCA के लिए 472 और ST के लिए 462 अंक रहा।
सेल्फ-फाइनेंसिंग मेडिकल कॉलेजों में जनरल कोटे के MBBS के लिए OC वर्ग का कट-ऑफ 521 अंक रहा। BC के लिए यह 500, BCM और MBC/DNC के लिए 494, SC के लिए 441, SCA के लिए 403 और ST के लिए 392 अंक रहा।
राज्य के निजी मेडिकल विश्वविद्यालयों में OC वर्ग का कट-ऑफ 497 अंक रहा। निजी विश्वविद्यालयों की अन्य श्रेणियों में कट-ऑफ लगभग 490 से 390 अंकों के बीच रहा। 2025 में सेल्फ-फाइनेंसिंग MBBS कॉलेजों में OC का कट-ऑफ 497 और निजी मेडिकल कॉलेजों में 478 अंक था।
अधिकारियों ने बताया कि काउंसलिंग के अगले चरणों में क्लोजिंग मार्क्स में बदलाव हो सकता है क्योंकि उम्मीदवार सीट स्वीकार कर सकते हैं। कॉलेज अपग्रेड के लिए आवेदन कर सकते हैं या आवंटित सीट छोड़ सकते हैं। एक अधिकारी ने कहा, “छात्र अगले राउंड में भी हिस्सा ले सकते हैं और देख सकते हैं कि उन्हें अपनी पसंद के कॉलेज में सीट मिलने की संभावना है या नहीं।”


