
MBBS: क्लास बंक करने वाले एमबीबीएस छात्रों के घरवालों को जाएगा मैसेज
धनबाद मेडिकल कॉलेज में अब एमबीबीएस का क्लास बंक करना आसान नहीं होगा। कॉलेज प्रबंधन कड़ाई से उपस्थिति लागू करने और नियमित रूप से कक्षा में शामिल कराने की पहल कर रहा है।
धनबाद मेडिकल कॉलेज में अब एमबीबीएस का क्लास बंक करना आसान नहीं होगा। कॉलेज प्रबंधन कड़ाई से उपस्थिति लागू करने और नियमित रूप से कक्षा में शामिल कराने की पहल कर रहा है। कॉलेज प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि जिन छात्रों की उपस्थिति निर्धारित सीमा से कम पाई जाएगी या जो लगातार कक्षाओं से अनुपस्थित रहेंगे, उनके अभिभावकों को सीधे एसएमएस भेजकर सूचना दी जाएगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों की कक्षा में नियमितता बढ़ाना और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करना है।प्राचार्य सह डीन मेडिसिन डॉ डीके गिंदोरिया के निर्देश पर कॉलेज प्रबंधन ने विशेष तकनीकी व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बायोमीट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को एसएमएस सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि छात्रों की उपस्थिति का वास्तविक समय में रिकॉर्ड तैयार हो सके। छात्र के अनुपस्थित रहने पर अभिभावकों के मोबाइल पर तत्काल एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल अध्ययन अत्यंत गहन, व्यावहारिक और समयबद्ध प्रशिक्षण पर आधारित होता है। ऐसे में लैब, प्रैक्टिकल और क्लास में अनुपस्थित रहने से छात्रों की दक्षता प्रभावित होती है। नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
तीन सदस्यीय कमेटी का गठन: नई व्यवस्था लागू करने के लिए मेडिकल कॉलेज में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी बायोमीट्रिक मशीन की क्षमता, डिजिटल सर्वर सिस्टम, छात्र डाटा प्रबंधन, स्वचालित संदेश प्रेषण प्रणाली और तकनीकी सुरक्षा मानकों का परीक्षण करेगी। साथ ही वह देश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में उपयोग हो रही उपस्थिति मॉनिटरिंग प्रणाली का अध्ययन करेगी और धनबाद मेडिकल कॉलेज में लागू करने के लिए उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों का बायोमीट्रिक अटेंडेंस बनेगा: नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने देशभर के सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस छात्रों की बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। इसके बाद धनबाद मेडिकल कॉलेज उसे और प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी कर रहा है। अबतक यहां सिर्फ डॉक्टरों और कर्मचारियों की ही बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाती थी।





