
MBBS Admission 2025: एमबीबीएस एडमिशन पर बड़ी मांग, अभिभावकों ने CET सेल से कहा, 'चूक गए छात्रों को आखिरी मौका दें'
संक्षेप: NEET MBBS Admission 2025: अभिभावकों ने राज्य के CET सेल से आग्रह किया है कि इन छात्रों को आगामी एडमिशन राउंड में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
MBBS Admission 2025: महाराष्ट्र में मेडिकल (MBBS) सीटों पर एडमिशन पाने के इच्छुक हजारों छात्रों के भविष्य को लेकर उनके माता-पिता ने एक बड़ी अपील की है। काउंसलिंग प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने पर, कई छात्र ऐसे हैं जो कुछ तकनीकी खामियों या पिछली राउंड की तारीख चूक जाने के कारण अंतिम राउंड में शामिल नहीं हो पाए हैं। इन अभिभावकों ने राज्य के CET सेल से आग्रह किया है कि इन छात्रों को आगामी एडमिशन राउंड में भाग लेने की अनुमति दी जाए।

क्यों आ रही है दिक्कत?
एडमिशन की प्रक्रिया बहुत लंबी और जटिल होती है। कई बार फॉर्म भरने में छोटी सी गलती, डॉक्यूमेंट्स में कमी या काउंसलिंग की तारीखें मिस होने के कारण योग्य छात्र भी एडमिशन दौड़ से बाहर हो जाते हैं। ऐसे छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों ने कड़ी मेहनत से NEET परीक्षा पास की है और वे एमबीबीएस में एडमिशन लेने के पूरी तरह योग्य हैं, लेकिन सिर्फ डॉक्यूमेंट या प्रोसेस वाइज रुकावटों के चलते उनका पूरा साल बर्बाद हो रहा है।
अभिभावकों ने CET सेल को सामूहिक रूप से पत्र लिखा है और जोर देकर कहा है कि जब कॉलेजों में अभी भी सीटें खाली हैं, तो नियमों में थोड़ी ढील दी जानी चाहिए। उनकी मांग है कि CET सेल खाली बची सीटों (स्ट्रे वैकेंसी) को भरने के लिए एक स्पेशल या एक्स्ट्रा राउंड आयोजित करे, जिसमें उन सभी छात्रों को मौका दिया जाए जो योग्यता रखते हैं, भले ही वे पहले के राउंड में शामिल न हो पाए हों।
अंतिम मौका और खाली सीटों का सवाल
अभिभावकों का कहना है कि एमबीबीएस की हर सीट देश के लिए महत्वपूर्ण है। अगर इन सीटों को नहीं भरा गया, तो मेडिकल की ये सीटें बर्बाद हो जाएंगी, जबकि भारत को डॉक्टरों की सख्त जरूरत है। उनका मानना है कि नियमों का पालन होना चाहिए, लेकिन अंतिम समय में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना भी जरूरी है, ताकि किसी भी योग्य छात्र का भविष्य खराब न हो और न ही सरकारी या प्राइवेट कॉलेजों की सीटें खाली रह जाएं।
यह मेडिकल छात्रों के लिए अपनी अंतिम उम्मीद को बचाने की लड़ाई है। सभी की निगाहें अब CET सेल पर टिकी हैं, कि क्या वह छात्रों की मांग को अपनाएगा और उन्हें डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने का आखिरी मौका देगा।





