
Maulana Abul Kalam Azad Quotes : मौलाना अबुल कलाम आजाद जयंती पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार
National Education Day 2025 : भारत में हर साल 11 नवंबर का दिन राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। यह दिन आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद को समर्पित है।
National Education Day 2025 : भारत में हर साल 11 नवंबर का दिन राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। यह दिन आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद को समर्पित है। देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान और प्रख्यात शिक्षाविद् अबुल कलाम आजाद की जयंती को लोग राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर पर मनाते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस सामाजिक समरसता और शिक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले देश के पहले शिक्षा मंत्री भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है। मौलाना अबुल कलाम आजाद ने ही स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के रूप में यूजीसी, आईआईटी, आईसीसीआर, आसीएमआर, आईसीएसआर, साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी, संगीत नाटक अकादमी जैसे संस्थानों की बुनियाद रखी।
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस को मनाए जाने का सबसे बड़ा मकसद लोगों को शिक्षा के अधिकार और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है। नीचे दिए गए मौलाना अबुल कलाम आजाद के लोकप्रिय विचार शेयर कर आप शिक्षा की अहमियत को लेकर जागरूकता फैला सकते हैं।
बहुत से लोग पेड़ लगाते हैं लेकिन उनमें से कुछ को ही इसका फल मिलता है।
अंग्रेज़ों को भारत को नीचा दिखाने की हिम्मत सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि हिंदू और मुसलमान आपस में लड़ते रहे।
शिक्षा हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है और हर किसी को बुनियादी शिक्षा प्राप्त होनी चाहिए।"
लोकतंत्र का जीवित रहना बहुत जरूरी है। यह ऐसी विशेषता है जो भारत को दूसरों से अलग बनाती है।
दिल से दी गयी शिक्षा समाज में क्रांति ला सकती है।
दिल से दी गयी शिक्षा समाज में क्रांति ला सकती है।
अपने सपने सच करने से पहले आपको सपने देखने होंगे।
ईश्वर की संतान होने के नाते, जो कुछ भी मेरे साथ घटित हो सकता है, मैं उससे बड़ा हूँ।
मक्का में जन्मे थे मौलाना आजाद
आजादी के बाद राष्ट्र निर्माण और देश के विकास में अच्छी शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है, आजाद यह अच्छी तरह जानते थे। ऐसे में मौलाना अबुल कलामने देश में आधुनिक शिक्षा पद्धति लाने के लिए कई बड़े कदम उठाए। आज राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के दिन शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए बेहतरीन कार्यों को याद किया जाता है। मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवंबर 1888 को मक्का, सऊदी अरब में हुआ था। उनका पूरा नाम अबुल कलाम मोहिउद्दीन अहमद था। उनके पिता खैरुद्दीन दिल्ली में रहा करते थे। लेकिन 1857 के विद्रोह से पहले सऊदी अरब चल गए थे। खैरुद्दीन अपने परिवार सहित 1895 में भारत वापस लौटकर कलकत्ता में बस गए थे। मौलाना अबुल कलाम आजाद ने ‘आजाद’ को अपने उपनाम के तौर पर अपनाया था।

लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
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