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देश के इन राज्यों में पढ़ाई के लिए छात्रों को मिलती स्कॉलरशिप, सीधे बैंक खाते में मिलता है पैसा

देश के इन राज्यों में पढ़ाई के लिए छात्रों को मिलती स्कॉलरशिप, सीधे बैंक खाते में मिलता है पैसा

संक्षेप:

भारत में पैसों की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को एक बड़ी तादाद है। यहां तक कुछ छात्र जैसे-तैसे 12वीं तक की पढ़ाई तो पूरी कर लेते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से वो आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। इसे देखते हुए देश की कई राज्य सरकारें छात्रों को स्कॉलरशिप की सुविधा मुहैया कराती हैं।

Jan 27, 2026 12:33 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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भारत में पैसों की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को एक बड़ी तादाद है। यहां तक कुछ छात्र जैसे-तैसे 12वीं तक की पढ़ाई तो पूरी कर लेते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से वो आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। इसे देखते हुए देश की कई राज्य सरकारें छात्रों को स्कॉलरशिप की सुविधा मुहैया कराती हैं, ताकि किसी भी छात्रों को पैसों की वजह से पढ़ाई ना छोड़नी पड़े। ऐसे में आज हम आपको उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बारे में बताएंगे, जो छात्रों को स्कॉलरशिप देती हैं।

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उत्तर प्रदेश में स्कॉलरशिप

उत्तर प्रदेश सरकार 'उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति पोर्टल' के जरिए छात्रों को स्कॉलरशिप मुहैया कराती है। इस योजना का लाभ कक्षा 9 से लेकर हायर एजुकेशन तक के छात्र उठाते हैं। प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक में छात्रों को DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे पैसे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। एससी/एसटी/ओबीसी/सामान्य श्रेणियों के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक दोनों छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं। इस योजना के अंतर्गत स्कॉलरशिप अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, जनजातीय कल्याण विभाग और समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की जाती हैं।

बिहार में स्कॉलरशिप

बिहार में भी छात्रों को पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप योजना चलाई जाती है। यहां मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन योजना और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाती है। अभ्यर्थी 'PMEBC स्कॉलरशिप पोर्टल' पर आवेदन कर सकते हैं। यह स्कॉलरशिप इंटरमीडिएट के छात्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर पढ़ रहे छात्रों को भी यह सुविधा मिलती है। ये पैसे अभ्यर्थियों के सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होते हैं।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में स्कॉलरशिप

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को फायदा मिलता है। मध्य प्रदेश में छात्रों के लिए दो स्कॉलरशिप की योजनाएं काफी फेमस है। पहला 'मेधावी विद्यार्थी योजना' और दूसरा 'आवास सहायता योजना'। इन योजनाओं के जरिए हर माह छात्रों को अलाउंस दिया जाता है। ऐसे ही राजस्थान में 'उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति' और 'मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना' चला रही है। छात्र 'SJE Rajasthan Portal' के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

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केंद्र की नेशनल लेवल की स्कॉलरशिप
राज्य सरकार के अलावा केंद्र सरकार भी छात्रों को स्कॉलरशिप दे रही हैं। केंद्र सरकार 'नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल' (NSP) के जरिए सभी राज्यों में अल्पसंख्यक, SC/ST और दिव्यांग छात्रों को फायदा देता है। इसके जरिए छात्र अपनी एलिजिबिलिटी देखकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ये राज्य भी देती हैं स्कॉलरशिप

पश्चिम बंगाल- SVMCM (Swami Vivekananda Merit Cum Means) योजना

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख- छात्रों को एनुअल अलाउंस

तेलंगाना

महाराष्ट्र

तमिलनाडु

केरल

त्रिपुरा

स्कॉलरशिप का फायदा
- स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों की पढ़ाई बीच में छूटने से बचती है
- फीस, किताब और रहने के खर्च में मदद करती है।
-आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बड़ा सहारा बनती है।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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