9 साल की उम्र में शुरू की कोडिंग, 12 में खड़ा कर दिया AI स्टार्टअप; पापा के बिजनेस से आया आइडिया
बचपन से ही माना काफी क्रिएटिव थी और कुछ अलग करना चाहती थीं। लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि उनका कुछ बेहतर और अलग करना उनके पिता की कंपनी के लिए तो वरदान होगा ही उन्हें एक सफल उद्यमी भी बना देगा।

अगर आप प्रतिभावान हैं, तो यह मायने नहीं रखता है कि आपकी उम्र कितनी है। 12 साल की उम्र में जहां बच्चे आज के समय रील्स, पढ़ाई, खेलकूद जैसे एक्टिविटीज में बिजी हैं, तो उस उम्र में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के केलोना शहर की रहने वाली एक लड़की ने एआई स्टार्टअप खड़ा कर सबको चौंका दिया है। उन्होंने छोटी सी उम्र में ऐसी चीज इजाद कर ली है जो आज उन्हें बेहतर इन्टरप्रिन्योर बना रही है। चलिए जानते हैं कि कौन है माना जंपाला?
वोक्सा AI रिसेप्शनिस्ट की संस्थापक
12 साल की कक्षा 7 में पढ़ने वाली माना जंपाला 'Voxa' नाम की एक AI आधारित रिसेप्शनिस्ट की संस्थापक हैं, जो कारोबारियों के लिए 24 घंटे ग्राहकों की कॉल संभालने का काम करती है। बचपन से ही माना काफी क्रिएटिव थी और कुछ अलग करना चाहती थीं। लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि उनका कुछ बेहतर और अलग करना उनके पिता की कंपनी के लिए तो वरदान होगा ही उन्हें एक सफल उद्यमी भी बना देगा।
क्या काम करता है वोक्सा
माना ने छोटी सी उम्र में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप वोक्सा (Voxa) की नींव रखी है, जो छोटे व्यवसायों के लिए AI-पावर्ड वर्चुअल रिसेप्शनिस्ट का काम करता है। वोक्सा फोन कॉल्स का जवाब देता है, अपॉइंटमेंट बुक करता है, रेस्तरां में ऑर्डर लेता है, कॉल समरी तैयार करता है और इस बात का भी अच्छे से ध्यान रखता है कि कोई भी संभावित ग्राहक या कॉल छूट न जाए।
पिताक के बिजनेस से आया आइडिया
माना को इस स्टार्टअप का आइडिया अपने पिता के बिजनेस में आने वाली एक समस्या से मिला। उन्होंने देखा कि उनके पिता की कंपनी में कर्मचारी ग्राहकों के साथ व्यस्त रहने के कारण कई बार फोन कॉल नहीं उठा पाते थे। इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए माना ने AI तकनीक की मदद से ऐसा वॉयस असिस्टेंट तैयार किया, जो अपने आप कॉल रिसीव करता है, अपॉइंटमेंट बुक करता है, रेस्तरां के ऑर्डर लेता है, ग्राहकों को फॉलो-अप संदेश भेजता है और बातचीत का सार (Call Summary) भी तैयार करता है।
9 साल की उम्र में सीखा प्रोग्रामिंग
माना की कोडिंग में रुचि बचपन से ही थी। उन्होंने सबसे पहले Scratch प्रोग्रामिंग कैंप के जरिए कोडिंग सीखना शुरू किया। इसके बाद महज 9 साल की उम्र में खुद से Python प्रोग्रामिंग सीख ली। लगातार अभ्यास करते हुए उन्होंने 11 साल की उम्र तक AI आधारित प्रोजेक्ट बनाना शुरू कर दिया और अब 12 साल की उम्र में अपना स्टार्टअप लॉन्च कर दिया।
आज Voxa का इस्तेमाल कनाडा, भारत और कंबोडिया समेत कई देशों के व्यवसाय कर रहे हैं। कम उम्र में तकनीक के जरिए वास्तविक समस्याओं का समाधान तैयार करने की वजह से माना जंपाला को दुनिया की सबसे कम उम्र की AI उद्यमियों में गिना जा रहा है।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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