Hindi Newsकरियर न्यूज़lucknow university jyotish centre career marriage health guidance public
पंडित नहीं, यूनिवर्सिटी बताएगी भविष्य, लखनऊ विश्वविद्यालय से मिलेगी करियर; शादी की सलाह

पंडित नहीं, यूनिवर्सिटी बताएगी भविष्य, लखनऊ विश्वविद्यालय से मिलेगी करियर; शादी की सलाह

संक्षेप:

लखनऊ यूनिवर्सिटी का ज्योतिष परामर्श केंद्र अब आम जनता के लिए खुलेगा। जहां करियर, शादी, सेहत, धन और वास्तु से जुड़ी सलाह तय शुल्क पर मिलेगी।

Feb 08, 2026 06:31 pm ISTHimanshu Tiwari पीटीआई
share Share
Follow Us on

लखनऊ विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित ज्योतिष परामर्श केंद्र अब सिर्फ छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी कर ली है। करियर की दिशा, शादी ब्याह, सेहत, पैसा, प्रॉपर्टी और भविष्य से जुड़े सवालों के जवाब अब एक तय प्रक्रिया और निर्धारित फीस के साथ विश्वविद्यालय परिसर में मिलेंगे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का मकसद ज्योतिष को एक संरचित और नियंत्रित मंच पर लाना है, ताकि बाहर चलने वाली अनौपचारिक और बिना रिकॉर्ड वाली प्रथाओं से अलग, यहां हर परामर्श का दस्तावेज़ीकरण हो और समय भी तय रहे।

कितनी लगेगी फीस

इस केंद्र में हर परामर्श आमतौर पर जन्म कुंडली के आधार पर किया जाएगा और एक सत्र की न्यूनतम अवधि 15 मिनट रखी गई है। सामान्य ज्योतिषीय परामर्श की फीस 1,500 रुपये से शुरू होगी। वहीं विदेश यात्रा की संभावना, सामाजिक प्रतिष्ठा, मान सम्मान और राजनीतिक करियर से जुड़े छोटे सवालों के लिए 15 मिनट का परामर्श 500 रुपये में मिलेगा।

ज्योतिष केंद्र में केवल कुंडली देखने तक ही सेवाएं सीमित नहीं होंगी। यहां होरा ज्योतिष और हस्तरेखा शास्त्र से जुड़े सत्र भी रखे जाएंगे, जिनकी अवधि 30 मिनट होगी और शुल्क 700 रुपये तय किया गया है। अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी आधारित परामर्श के लिए 1,700 रुपये देने होंगे।

कुछ सेवाओं के अलग अलग शुल्क

कुछ खास सेवाओं के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। तंत्र मंत्र के प्रभाव से जुड़ा आकलन, शकुन अपशकुन और सपनों की व्याख्या जैसे विषयों पर 30 मिनट के सत्र के लिए 1,900 रुपये लिए जाएंगे। शादी से पहले कुंडली मिलान, जिसमें मांगलिक दोष का विश्लेषण भी शामिल होगा, उसके लिए 1,500 रुपये शुल्क रखा गया है।

लखनऊ विश्वविद्यालय में ज्योतिर विज्ञान की पढ़ाई कोई नई बात नहीं है। यहां 18 अक्टूबर 2001 से इस विषय में शैक्षणिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं। स्नातक और परास्नातक स्तर की पढ़ाई हिंदी, अंग्रेज़ी और संस्कृत तीनों भाषाओं में कराई जाती है। अब इसी अकादमिक पृष्ठभूमि के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ज्योतिषीय सेवाओं को एक सार्वजनिक ढांचे में लाने जा रहा है।

कब से शुरुआत

ज्योतिष परामर्श केंद्र की शुरुआत अगस्त महीने में हो चुकी थी, लेकिन अभी तक इसकी सेवाएं केवल विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित थीं। अब इसे आम जनता के लिए खोलने की मंजूरी मिल गई है। ज्योतिर विज्ञान विभाग के समन्वयक श्यामलेश कुमार तिवारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेवाओं की रूपरेखा और शुल्क संरचना को स्वीकृति दे दी है।

उनका कहना है कि औपचारिक रूप से आम लोगों के लिए परामर्श शुरू करने से पहले केंद्र का आवश्यक उन्नयन किया जाएगा, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। अपॉइंटमेंट सिस्टम, रिकॉर्ड मेंटेनेंस और भुगतान प्रक्रिया को विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा।

इस केंद्र में करियर और आय की संभावनाओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, शिक्षा, विवाह, संतान, मकान, आर्थिक स्थिति, निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों पर परामर्श दिया जाएगा। इसके अलावा, मांग पर कुंडली निर्माण की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

छोटी कुंडली यानी तेवा तीन दिन में 500 रुपये में दी जाएगी। लग्न और चंद्र कुंडली के साथ मध्यम स्तर की कुंडली सात दिन में 1,100 रुपये में तैयार होगी। विस्तृत कुंडली विश्लेषण के लिए 15 दिन का समय लगेगा और इसकी फीस 3,100 रुपये तय की गई है। वहीं कंप्यूटराइज्ड कुंडली, जिसमें षडवर्ग विश्लेषण शामिल होगा, एक दिन में 1,100 रुपये में उपलब्ध होगी।

मिलेगी वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह

वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह भी इस केंद्र का अहम हिस्सा होगी। आवासीय भवनों के लिए वास्तु परामर्श का शुल्क 5 रुपये प्रति वर्ग फुट और व्यावसायिक भवनों के लिए 15 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया गया है। इसके लिए दिशा स्पष्ट दर्शाने वाले साइट मैप जमा करना अनिवार्य होगा।

विश्वविद्यालय परिसर के भीतर सेवाओं को ज्यादा सुलभ बनाने के लिए छात्रों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को परामर्श शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, सभी परामर्श विश्वविद्यालय के वित्तीय नियमों के तहत ही होंगे और बिना आधिकारिक रसीद के कोई सेवा नहीं दी जाएगी। अपॉइंटमेंट, भुगतान और दस्तावेज़ीकरण से जुड़े विस्तृत दिशा निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़ अपडेट हिंदी में हिंदुस्तान पर, Hindi News, क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।