ChatGPT के सहारे फोड़ा UPPCS मेन्स एग्जाम? AI का इस्तेमाल क्यों जरूरी, 17वीं रैंक वाली करिश्मा ने बताया
यूपीपीसीएस में 17वीं रैंक हासिल करने वाली करिश्मा चौहान ने बताया कि कैसे सही प्रॉम्ट और चैटजीपीटी जैसे एआई टूल्स की मदद से उन्होंने मेन्स परीक्षा की तैयारी की।

यूपीपीसीएस (UPPCS) की कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल कर करिश्मा चौहान ने एक मिसाल कायम की है। अपनी इस शानदार सफलता के साथ ही उन्होंने यह भी साबित कर दिखाया कि अगर सही दिशा में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाए तो किसी भी बड़े मुकाम को हासिल करना नामुमकिन नहीं है। दृष्टि पीसीएस को दिए अपने एक हालिया इंटरव्यू में करिश्मा ने अपनी इस पूरी यात्रा और खास तौर पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के इस्तेमाल को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि कैसे एआई टूल्स ने उनकी मेन्स परीक्षा की तैयारी को एक नई धार दी और उत्तर लेखन को बेहतर बनाया।
उत्तर लेखन में एआई का अनोखा प्रयोग
सिविल सेवा परीक्षा में सबसे अहम पड़ाव मेन्स यानी मुख्य परीक्षा होती है, जहां आपकी सफलता का दारोमदार इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने उत्तर को कितना सटीक और विश्लेषणात्मक बनाते हैं। करिश्मा ने बताया कि जब वह मेन्स के लिए उत्तर लेखन का अभ्यास करती थीं, तो रोजाना दो से चार पेचीदा सवाल ChatGPT पर डाल दिया करती थीं।
सही प्रॉम्ट देना बेहद जरूरी
इससे उन्हें सवाल के अलग-अलग पहलुओं को समझने और उत्तर का खाका तैयार करने में काफी मदद मिलती थी। हालांकि, उनका मानना है कि एआई से सही और काम का परिणाम पाने के लिए आपको प्रॉम्ट देना आना चाहिए। अगर आप सही तरीके से निर्देश नहीं देंगे, तो एआई से मिलने वाला जवाब भी सतही या दिशाहीन हो सकता है। इसलिए एआई का सही इस्तेमाल सीखना बेहद जरूरी है।
आंख मूंदकर न करें भरोसा
एआई की खूबियों को गिनाने के साथ-साथ करिश्मा ने अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि एआई पर कभी भी आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। ChatGPT या कोई भी एआई टूल कई बार ऐसी जानकारी भी दे देता है जो पूरी तरह सटीक या प्रामाणिक नहीं होती।
करिश्मा का कहना था कि एआई से मिलने वाले उत्तर को हमेशा किसी प्रामाणिक स्रोत, सरकारी वेबसाइटों या मानक किताबों से क्रॉस चेक करना जरूरी है। जब आप एआई के उत्तर की तुलना सही जानकारी से कर लेते हैं और पूरी तरह आश्वस्त हो जाते हैं कि जवाब सही है, तभी उस पैटर्न और पॉइंट्स को अपनी पढ़ाई का हिस्सा बनाना चाहिए।
बदलते दौर के नए डिजिटल हथियार
समय के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं का स्वरूप और पढ़ाई का तरीका दोनों बदल चुके हैं। करिश्मा ने आज के दौर के अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वे केवल पारंपरिक तरीकों तक ही सीमित न रहें, बल्कि नई तकनीक को अपनी ढाल बनाएं। उन्होंने बताया कि आज के समय में पढ़ाई के लिए केवल ChatGPT ही नहीं, बल्कि कई अन्य बेहतरीन एआई मॉडल उपलब्ध हैं। उदाहरण के तौर पर गूगल नोटबुक एलएम (Google NotebookLM) और क्लॉड (Claude) जैसी साइट्स और टूल्स आपकी तैयारी को बहुत आसान बना सकते हैं। इन एआई टूल्स की मदद से लंबे-चौड़े नोट्स को छोटा करना, जटिल विषयों का सार निकालना और तेजी से रिवीजन करना बेहद आसान हो जाता है।


