3 बार किडनी स्टोन की सर्जरी के बावजूद नहीं मानी हार,UPSC में हासिल की AIR 4
बिहार के रहने वाले करण सिंह ने IIT खड़गपुर से ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके पास अच्छा करियर था, लेकिन उनका सपना लोक सेवा के माध्यम से देश की सेवा करना था।

उदाहरण हैं UPSC IFoS 2025 में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल करने वाले करण सिंह। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से लेकर UPSC में कई बार असफल होने के बावजूद करण सिंह ने देश सेवा का अपना सपना नहीं छोड़ा। उन्होंने हर चुनौती का डटकर सामना किया और लगातार मेहनत करते रहे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC IFoS 2025 में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल की। चलिए जानते हैं कि कौन है करण सिंह।
IIT खड़गपुर से ग्रेजुएशन
बिहार के रहने वाले करण सिंह ने IIT खड़गपुर से ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके पास अच्छा करियर था, लेकिन उनका सपना लोक सेवा के माध्यम से देश की सेवा करना था। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने UPSC की राह चुनी। हालांकि UPSC की तैयारी का सफर उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। तैयारी शुरू करते ही उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।
जॉब के साथ-साथ तैयारी
तैयारी के साथ-साथ उन्होंने Insights IAS में फैकल्टी के तौर पर काम किया, जहां वे UPSC अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करते थे। बाद में उनकी नौकरी एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) में लग गई। फुल-टाइम नौकरी के बावजूद उन्होंने अनुशासन, निरंतरता और बेहतर टाइम मैनेजमेंट के साथ अपनी UPSC की तैयारी जारी रखी।
माता-पिता
करण हाजीपुर के पूर्व मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पीएन सिंह और स्व. राजकिशोरी सिंह के नाती, स्व. रामानंद सिंह के पौत्र हैं। पिता अरुण कुमार सिंह सेवानिवृत्त इओ हैं और मां राखी सिंह गृहिणी हैं।
2 बार इंटरव्यू तक पहुंचे
करण सिंह ने कई बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी। दो बार वह इंटरव्यू तक पहुंचे और परीक्षा के कई चरण भी सफलतापूर्वक पार किए, लेकिन कुछ अंकों से अंतिम चयन सूची में जगह बनाने से चूक गए। हालांकि इससे वो निराश नहीं हुए और अपने सपने को पूरा करने के लिए मेहनत जारी रखी।
3 बार करानी पड़ी सर्जरी
इतना ही नहीं करीब डेढ़ साल के दौरान करण सिंह को किडनी स्टोन की तीन सर्जरी करानी पड़ी। इस दौरान दर्द, रिकवरी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ा। लेकिन उन्होंने मुश्किल हालात में भी UPSC की तैयारी जारी रखी। आखिरकार उनकी मेहनत, लगन और धैर्य रंग लाए। उन्होंने UPSC इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल कर अपने सपने को पूरा किया।
सक्सेस मंत्र
एक इंटरव्यू में करण ने बताया कि UPSC की तैयारी सिर्फ ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करने का नाम नहीं है। इसके लिए विषयों की अच्छी समझ, प्रभावी उत्तर लेखन, बेहतर टाइम मैनेजमेंट, प्रशासनिक सोच और हर परिस्थिति में लगातार मेहनत करते रहना सबसे जरूरी है।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
व्यक्तिगत रुचियां
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