JTET : जेटेट में इन क्षेत्रीय भाषाओं को हटाया गया, कार्यरत टीचर भी दे सकेंगे परीक्षा
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 की नियमावली से भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को हटा दिया गया है। जबकि झारखंड में ये भाषाएं बोली जाती हैं।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 की नियमावली से भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को हटा दिया गया है। जबकि झारखंड में ये भाषाएं बोली जाती हैं। ऐसे में अब इस पर विवाद हो सकता है। शिक्षक संगठनों ने इसके विरोध में आंदोलन का ऐलान किया है। जब नियमावली का प्रारूप जारी हुआ था, तब भी इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा से हटाया गया था। तब विरोध के स्वर सड़क से लेकर सदन तक पहुंचे। इसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि ये तो सिर्फ प्रारूप हैं, नियमावली आएगी तब ठीक किया जाएगा। लेकिन, जो नियमावली पूरी तरह प्रारूप के अनुरूप है। गौरतलब है कि पलामू प्रमंडल के कई जिलोंमें बड़ी संख्या में लोग भोजपुरी व मगही बोलते हैं। वहीं बोकारो, धनबाद व रांची में भी भोजपुरी भाषी हैं। संथाल के जिलों समेत कई जिलों में अंगिका बोलने वालों की संख्या अच्छी-खासी है।
झारखंड के कार्यरत शिक्षक भी दे सकेंगे जेटेट
झारखंड के सरकारी स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक भी शिक्षक पात्रता परीक्षा दे सकेंगे। इसका प्रावधान झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 नियमावली में किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक सितंबर 2025 को दिए गए निर्देश के अनुसार, सेवारत शिक्षकों को भी शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। इसमें एक सितंबर 2025 से किसी शिक्षक की सेवा पांच साल बची होगी, वे शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं देंगे, लेकिन जिन शिक्षकों की सेवा इससे अधिक होगी वे परीक्षा देंगे। इसमें सेवारत सहायक शिक्षक व सहायक अध्यापक शामिल हो सकेंगे। वहीं, जो शामिल नहीं होते हैं तो उनके लिए अलग से भी टेट का आयोजन किया जा सकेगा।
ऑनलाइन आवेदन 21 अप्रैल से लिया जाना है
जेटेट के लिए 21 अप्रैल से ऑनलाइन आवेदन लिया जाना है। शिक्षक संघ के विरोध के बाद अब आंदोलन में तेजी की संभावना दिख रही है। शिक्षक संघों के नेताओं का मानना है कि भोजपुरी-मगही राज्य में बोली जाती रही है। उसे हटाना गलत निर्णय है। नियमावली को कैबिनेट की स्वीकृति अभी नहीं मिली है। ऐसे में सरकार इन विषयों को शामिल करे।
कहां-कहां हैं भोजपुरी, मगही और अंगिका बोलने वाले
राज्य के पलामू प्रमंडल में मुख्य रूप से लातेहार, डाल्टनगंज और गढ़वा में भोजपुरी बोली जाती है। बोकारो, धनबाद, रांची में भी बड़ी संख्या में भोजपुरी बोली जाती है। लातेहार, डाल्टनगंज, गढ़वा और चतरा में बड़ी संख्या में लोग मगही बोलते हैं। साहिबगंज, गोड्डा, देवघर, पाकुड़, दुमका के साथ-साथ कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो में भी अंगिका का प्रचलन है। लेकिन यहां क्षेत्रीय भाषाओं में इसे हटा दिया गया है। सभी युवा जो डीएलएड-बीएड करके बैठे हुए है और जो टेट के इंतजार में थे कि उनसे आग्रह किया गया है कि कार्यक्रम में भाग लें और आंदोलन को मजबूती दें।
भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटाने का विरोध शुरू
जेटेट नियमावली से भोजपुरी, मगही और अंगिका को क्षेत्रीय भाषाओं से हटाने का विरोध शुरू हो गया है। झारखंड राज्य सहयोगी शिक्षक संघ ने राजनीतिक दलों, समाजसेवी, छात्र संघ, शिक्षक संघ को एक मंच पर आने का आह्वान किया है। गुडफ्राइडे के दिन से आंदोलन का शुभारंभ होगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सह संघर्ष मोर्चा के राज्य सदस्य विनोद तिवारी ने कहा कि मगही-भोजपुरी भाषा को शिक्षक पात्रता परीक्षा से हटा दिया गया है, इसे बचाने के लिए सभी को जागरूक होने की जरूरत है। पलामू प्रमंडल के सभी नौ विधायकों को और सभी पूर्व विधायक को मांग पत्र दिया जाएगा और उन्हें इस आंदोलन में शामिल होने के लिए कहा जाएगा।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
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स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
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