JSSC Excise Constable Exam: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा संपन्न, मंत्रियों और विभागों से पूछे गए सवाल
JSSC Excise Constable Exam: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा रविवार को राजधानी रांची के विभिन्न केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सामान्य अध्ययन के कुछ सवालों ने छात्रों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया।

Jharkhand Excise Constable Exam 2026: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा रविवार को राजधानी रांची के विभिन्न केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा गया, लेकिन प्रश्नपत्रों के फॉर्मेट और परीक्षा केंद्र के नियमों ने कई अभ्यर्थियों को चौंका दिया। परीक्षा तीन पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें सुबह 8:30 बजे से जनरल अवेयरनेस की पहली शिफ्ट शुरू हुई। इसके बाद क्षेत्रीय भाषा और अंत में सामान्य भाषा का पेपर हुआ।
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं थीं। गोस्न्नर कॉलेज केंद्र से बाहर आए रोहित और शुभम जैसे परीक्षार्थियों ने बताया कि कुल मिलाकर सवाल 'औसत' स्तर के थे। यह भर्ती 10वीं पास के आधार पर थी, इसलिए अधिकांश सवाल मैट्रिक स्तर के ही पूछे गए थे। हालांकि, सामान्य अध्ययन के कुछ सवालों ने छात्रों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया।
प्रश्नपत्र में 'झारखंड कैबिनेट' का दबदबा
इस बार की परीक्षा में झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े सवालों की भरमार रही। सामान्य अध्ययन के पेपर में विशेष रूप से चार प्रश्न ऐसे थे, जो राज्य के मंत्रियों और उनके विभागों से संबंधित थे। इन सवालों ने अभ्यर्थियों की करंट अफेयर्स की तैयारी को कड़ी चुनौती दी।
परीक्षार्थियों से पूछा गया कि 2025 तक झारखंड के वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री कौन हैं? इसके विकल्पों में दीपक बिरूआ, राधाकृष्ण किशोर, इरफान अंसारी और संजय प्रसाद यादव के नाम शामिल थे। इसी तरह एक अन्य सवाल जल संसाधन व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रभारी मंत्री के बारे में था। ग्रामीण विकास, पंचायती राज विभाग और श्रम एवं नियोजन विभाग से जुड़े मंत्रियों के नाम भी पूछे गए। इन सवालों को लेकर परीक्षा हॉल में काफी चर्चा रही, क्योंकि ये सीधे तौर पर राज्य की वर्तमान सरकार और कैबिनेट की जानकारी पर आधारित थे।
देरी पड़ी भारी: रोते-बिलखते वापस लौटे अभ्यर्थी
जहां एक ओर हजारों छात्र परीक्षा देकर खुश थे, वहीं कई केंद्रों पर मायूसी का मंजर भी दिखा। संत अलोइस स्कूल परीक्षा केंद्र के बाहर पलामू से आए तीन अभ्यर्थी फूट-फूट कर रोते नजर आए। कड़ी मेहनत और लंबी दूरी तय कर रांची पहुंचे इन युवाओं को महज कुछ मिनट की देरी के कारण केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
इन अभ्यर्थियों ने केंद्र संचालकों और सुरक्षाकर्मियों से अंदर जाने की काफी मिन्नतें कीं, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। परीक्षा से वंचित इन छात्रों का कहना था कि वे अब कम से कम दूसरे और तीसरे शिफ्ट की परीक्षा में बैठने की कोशिश करेंगे, हालांकि पहले पेपर के छूट जाने से उनकी अंतिम चयन की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
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