
JPSC PCS : जेपीएससी पीसीएस में चयनित लास्ट उम्मीदवार से अधिक मार्क्स, फिर चयन क्यों नहीं, लड़की पहुंची कोर्ट
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने जेपीएससी को यह स्पष्ट करने को कहा है कि किन परिस्थितियों में महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। अदालत ने आयोग से अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों के अंक और प्रार्थी के प्राप्तांक का तुलनात्मक विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर के लिए निर्धारित की है।

यह याचिका आरसी तपस्विनी ने दायर की है। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने परीक्षा में अंतिम रूप से चयनित महिला अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, फिर भी उनका चयन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के विज्ञापन में स्पष्ट रूप से तीन प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान किया गया था। प्रार्थी ने बताया कि उन्हें सभी चरणों में(प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार) में सफल घोषित किया गया था तथा दस्तावेज सत्यापन के लिए भी बुलाया गया था। लेकिन अंतिम परिणाम घोषित होने पर उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया।
वहीं, झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों का चयन पहले ही किया जा चुका है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि पहले से चयनित अभ्यर्थियों की सूची में अब संशोधन कर अतिरिक्त आरक्षण का लाभ देना संभव नहीं है। अदालत ने आयोग के तर्कों पर असंतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।





