JOSAA : JAC बोर्ड की चूक से छात्रों के IIT , NIT व IIIT दाखिले पर संकट, नहीं भेजी टॉप 20 पर्सेंटाइल की लिस्ट
जोसा काउंसिलिंग 2026 के बीच झारखंड बोर्ड (जैक) द्वारा टॉप-20 पर्सेंटाइल का डेटा समय पर उपलब्ध नहीं कराने से IIT, NIT, IIIT और GFTI में प्रवेश के इच्छुक छात्रों की पात्रता पर संकट खड़ा हो गया है।

देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटीआई में नामांकन के लिए चल रही जोसा काउंसिलिंग के बीच झारखंड के विद्यार्थियों के सामने एक नई चिंता खड़ी हो गई है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा शीर्ष 20% सफल विद्यार्थियों (टॉप-20 पर्सेंटाइल) से संबंधित आवश्यक आंकड़े समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने से ऐसे विद्यार्थियों की पात्रता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जो इंटरमीडिएट में 75% अंक नहीं ला सके हैं, लेकिन अपने बोर्ड के शीर्ष 20 प्रतिशत सफल विद्यार्थियों में शामिल हैं।
जोसा-सीएसएबी की ओर से जारी वर्ष 2026 की 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए श्रेणीवार शीर्ष 20 प्रतिशत अंक सीमा संबंधी दस्तावेज में झारखंड एकेडमिक काउंसिल के सामने सभी श्रेणियों में एनआर (सूचना प्राप्त नहीं) दर्ज है। दस्तावेज के अनुसार आठ जून तक बोर्ड की ओर से यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटीआई में नामांकन के लिए अभ्यर्थियों को या तो 12वीं परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं, या अपने-अपने बोर्ड के सफल विद्यार्थियों के शीर्ष 20 प्रतिशत में शामिल होना आवश्यक होता है। ऐसे में शीर्ष 20 प्रतिशत से जुड़े आंकड़ों का समय पर उपलब्ध होना, प्रवेश प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
सीबीएसई की अंक सीमा लागू होने की आशंका
सीएसएबी के आधिकारिक नोट के अनुसार यदि कोई बोर्ड शीर्ष 20 पर्सेंटाइल की अंक सीमा उपलब्ध नहीं कराता है, तो संबंधित छात्र को अपने बोर्ड से यह प्रमाणित करना होगा कि वह सफल छात्र के शीर्ष 20 पर्सेंटाइल में है। यदि छात्र इसे पेश नहीं कर पाता है, तो उसकी पात्रता निर्धारित करने के लिए सीबीएसई की शीर्ष 20 पर्सेंटाइल अंक सीमा का उपयोग किया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि विभिन्न बोर्डों की मूल्यांकन प्रणाली और अंक वितरण पद्धति अलग-अलग होती है। ऐसे में किसी राज्य बोर्ड के शीर्ष 20 पर्सेंटाइल विद्यार्थियों के अंक सीबीएसई के शीर्ष 20 पर्सेंटाइल अंकों से कम हो सकते हैं। इस स्थिति में ऐसे छात्र, जो जैक के मानकों के अनुसार शीर्ष 20 पर्सेंटाइल में आते हैं, सीबीएसई का मानदंड लागू होने पर पात्रता से वंचित हो सकते हैं।
वर्षों की मेहनत के बाद भी अधर में छात्रों का भविष्य
विशेषज्ञों के अनुसार सबसे अधिक चिंता उन विद्यार्थियों के लिए है, जिन्होंने जेईई मेन या एडवांस्ड में अच्छी रैंक हासिल की है, लेकिन 12वीं में 75 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त नहीं कर सके हैं और नामांकन के लिए शीर्ष 20 पर्सेंटाइल पात्रता पर निर्भर हैं। यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो उनके सामने दाखिले को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन सकती है। जोसा काउंसलिंग के पहले चरण के दौरान यह मामला सामने आने से विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने जैक से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने और शीर्ष 20 पर्सेंटाइल से संबंधित आवश्यक आंकड़े जोसा को उपलब्ध कराने की मांग की है।
विद्यार्थी क्या करें
- जैक से शीर्ष 20 पर्सेंटाइल प्रमाणपत्र की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करें।
- जोसा और सीएसएबी की आधिकारिक घोषणाओं पर नियमित नजर रखें।
- आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को ई-मेल या आरटीआई के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध कर सकते हैं।
● सभी अंकपत्र और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार रखें।
जैक से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने और शीर्ष 20 पर्सेंटाइल से संबंधित आंकड़े जोसा को दें, जिससे बच्चों को प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला का रास्ता बन सके। राज्य सरकार से अनुरोध है कि इस मामले में हस्तेक्षप करे। -विकास कुमार, अध्यक्ष साइकोग्राफिक सोसाइटी
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
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पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
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