JOSAA : JEE 179 रैंक टॉपर ने BTech CSE ठुकरा IIT में सिविल इंजीनियरिंग चुना, कटऑफ ने चौंकाया
जेईई एडवांस्ड के कुछ टॉप रैंकर्स के बीच सिविल इंजीनियरिंग को लेकर डिमांड बढ़ी है। कंप्यूटर साइंस छोड़ वे सिविल को चुन रहे हैं। वजह एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर बूम को बताया जा रहा है।

आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी एवं जीएफटीआई संस्थानों में बीटेक दाखिले के लिए जोसा काउंसलिंग जारी है। इंजीनियरिंग एडमिशन के बीच इस बार आईआईटी संस्थानों मे सिविल इंजीनियरिंग की बढ़ती डिमांड ने चौंका दिया है। आईआईटी में बीटेक सीएसई के जबरदस्त क्रेज वाला ट्रेंड अब बदल रहा है। एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर बूम जैसी कई वजहों के चलते छात्र अब नए संस्थानों में कंप्यूटर साइंस के बजाय पुरानी आईआईटी में सिविल इंजीनियरिंग जैसी पारंपरिक ब्रांच को प्रेफरेंस दे रहे हैं। बीते कई सालों से सिविल इंजीनियरिंग को कोई नहीं पूछ रहा था। जेईई एडवांस्ड में हाई रैंक प्राप्त करने वाले छात्रों ने नए केंद्रों में तकनीकी विषयों को छोड़कर आईआईटी दिल्ली और बॉम्बे में सिविल इंजीनियरिंग को चुना है। इस बदलाव का मुख्य कारण एआई का आना, पुरानी संस्थानों का मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क (एलुमनाई नेटवर्क), इंफ्रास्ट्रक्चर बूम, स्मार्ट सिटी योजनाओंऔर वैश्विक कंपनियों में मिलने वाले बेहतर प्लेसमेंट के अवसर हैं।
इसके अतिरिक्त छात्र अब केवल विषय के पीछे भागने के बजाय संस्थान की ब्रांड वैल्यू और वहां के ओवरऑल माहौल को अधिक महत्व दे रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के कारण अब कई छात्र कोर इंजीनियरिंग क्षेत्रों को भविष्य के लिए अधिक सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। छात्रों का मानना है कि सिविल इंजीनियरिंग का करियर उन्हें एआई प्रूफ रख सकता है।
जोसा क्लोजिंग रैंक ने चौंकाया, बदलता ट्रेंड
- जोसा काउंसलिंग के राउंड-1 में जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 179 हासिल करने वाले एक छात्र ने नई आईआईटी में कंप्यूटर साइंस को छोड़कर आईआईटी दिल्ली में सिविल इंजीनियरिंग को चुना है। पिछले साल यहां सिविल की ओपनिंग रैंक 3,030 थी।
- इसी तरह रैंक 385 वाले एक अन्य छात्र ने आईआईटी बॉम्बे में सिविल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया जबकि उसे भी अन्य आईआईटी में आसानी से कंप्यूटर साइंस मिल रही थी। पिछले साल यह 2,666 थी।
- इन छात्रों को आसानी से मध्य स्तर या नए आईआईटी जैसे जोधपुर, हैदराबाद, इंदौर, गांधीनगर या रोपड़ में कंप्यूटर साइंस मिल सकती थी।
- आईआईटी पटना की सिविल इंजीनियरिंग ओपनिंग रैंक 2978 बढ़ी।
- आईआईटी रुड़की की ओपनिंग रैंक 2454 बढ़ी।
- आईआईटी भुवनेश्वर की ओपनिंग रैंक 3204 बढ़ी।
IIT में ब्रांच वाइज क्लोजिंग-ओपनिंग
सिविल इंजीनियरिंग: बॉम्बे (ओपनिंग- 385, क्लोजिंग- 4376), दिल्ली (ओपनिंग- 179, क्लोजिंग- 4798)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग: बॉम्बे (ओपनिंग- 380, क्लोजिंग- 1852), दिल्ली (ओपनिंग- 861, क्लोजिंग- 2131)
कंप्यूटर साइंस: जोधपुर (ओपनिंग- 2536, क्लोजिंग- 3392), धनबाद (ओपनिंग- 1655, क्लोजिंग- 3994), तिरुपति (ओपनिंग- 2879, क्लोजिंग- 5342), रोपड़ (ओपनिंग- 1768, क्लोजिंग- 2907)


