JoSAA Counselling 2026: पहली मॉक अलॉटमेंट सीट लिस्ट आई, जानिए किस कॉलेज में मिल सकता है दाखिला
JoSAA Counselling 2026 की पहली मॉक सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी हो गई है।

इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) ने 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत पहली मॉक सीट अलॉटमेंट सूची जारी कर दी है। यह सूची 8 जून को दोपहर करीब 2 बजे जारी की गई। जिन उम्मीदवारों ने 7 जून की शाम 8 बजे तक अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स चुनकर विकल्प लॉक कर दिए थे, वे अब अपनी संभावित सीट की जानकारी देख सकते हैं। यह मॉक अलॉटमेंट छात्रों को यह समझने का मौका देता है कि उनकी वर्तमान पसंद और रैंक के आधार पर उन्हें किस संस्थान और किस शाखा में सीट मिल सकती है। इससे उम्मीदवार अंतिम सीट आवंटन से पहले अपनी पसंद में जरूरी बदलाव कर सकते हैं।
मॉक सीट अलॉटमेंट क्यों है महत्वपूर्ण?
JoSAA की मॉक सीट अलॉटमेंट कोई अंतिम परिणाम नहीं होती। इसका उद्देश्य छात्रों को संभावित सीट की तस्वीर दिखाना होता है ताकि वे अपनी पसंद को बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकें। अगर किसी छात्र को लगता है कि उसकी पसंद की सूची में बदलाव करके बेहतर कॉलेज या ब्रांच मिलने की संभावना बन सकती है, तो वह तय समय सीमा के भीतर अपने विकल्पों में संशोधन कर सकता है। यही कारण है कि मॉक अलॉटमेंट को काउंसलिंग प्रक्रिया का बेहद महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
ऐसे चेक करें पहली मॉक सीट अलॉटमेंट
उम्मीदवार अपनी संभावित सीट देखने के लिए JoSAA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं।
- सबसे पहले वेबसाइट खोलें और “Mock Seat Allocation 1” लिंक पर क्लिक करें।
- इसके बाद JEE Main 2026 आवेदन संख्या, पासवर्ड और सुरक्षा पिन दर्ज करें।
- लॉगिन करने के बाद उम्मीदवार अपनी संभावित सीट की जानकारी देख सकेंगे।
- यदि आवश्यक लगे तो पसंदीदा संस्थान और कोर्स की प्राथमिकता बदल सकते हैं।
- अंतिम रूप देने के बाद विकल्पों को लॉक करना होगा और पुष्टि पृष्ठ डाउनलोड करके सुरक्षित रखना चाहिए।
JoSAA काउंसलिंग में कौन ले सकता है हिस्सा?
IIT में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए JEE Advanced 2026 में सफल होना अनिवार्य है। वहीं NIT, IIIT और अन्य सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों में दाखिले के लिए JEE Main 2026 की योग्यता जरूरी है। इसके अलावा उम्मीदवार का 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना भी आवश्यक है। बी.आर्क कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए JEE Main के B.Arch पेपर में रैंक और 12वीं पास होना जरूरी शर्तों में शामिल है।
महत्वपूर्ण तारीखें जिन पर छात्रों की नजर रहनी चाहिए
JoSAA ने काउंसलिंग प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है।
- 8 जून 2026 को पहली मॉक सीट अलॉटमेंट सूची जारी हुई है।
- 10 जून 2026 को दूसरी मॉक सीट अलॉटमेंट जारी की जाएगी।
- 10 जून को ही चॉइस लॉकिंग की अंतिम समय सीमा तय की गई है।
- 11 जून 2026 तक रजिस्ट्रेशन और विकल्प भरने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
- 11 जून को सीट स्वीकृति शुल्क का अग्रिम भुगतान और दस्तावेज अपलोड करने की अंतिम तिथि भी है।
- 12 जून को डेटा सत्यापन और मिलान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- 13 जून 2026 को पहले राउंड का वास्तविक सीट आवंटन परिणाम घोषित किया जाएगा।
दूसरे मॉक अलॉटमेंट के बाद भी मिलेगा मौका
पहली मॉक सूची जारी होने के बाद छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। 10 जून को दूसरी मॉक सीट अलॉटमेंट भी जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार अपनी प्राथमिकताओं का पुनर्मूल्यांकन कर सकते हैं और अंतिम समय सीमा तक आवश्यक बदलाव कर सकते हैं। इससे उन्हें बेहतर विकल्प चुनने का एक और अवसर मिलेगा।
किन संस्थानों में JoSAA के जरिए होता है दाखिला?
शिक्षा मंत्रालय के अधीन गठित JoSAA देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया संचालित करता है। इसके माध्यम से 23 IIT, 31 NIT, 26 IIIT, IISc बेंगलुरु, IIEST शिबपुर और 56 अन्य सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों में दाखिला दिया जाता है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


