
दबाव नहीं, हौसला जरूरी; JEE में कैसे दर्ज कराएं अपना नाम, क्या कहते हैं टॉपर सर्वेश मेहतानी
इंजीनियरिंग का सपना तनाव से नहीं, संतुलन और सुकून से पूरा होता है। टॉपर सरवेश मेहतानी बताते हैं कि शांत दिमाग, सही रणनीति और मेहनत से ही मंजिल आपके कदम चूमती है।
भारत में इंजीनियरिंग सिर्फ एक डिग्री नहीं, बल्कि लाखों युवाओं का सपना है। कोई इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना चाहता है, तो कोई मैकेनिकल, केमिकल या सिविल इंजीनियरिंग का रास्ता चुनता है। मंजिल भले अलग हो, मगर रास्ता लगभग एक जैसा ही होता है कि कैसे JEE में अपना नाम दर्ज करा लिया जाए। पूछ लीजिए किसी भी इंजीनियरिंग अभ्यर्थी से, अच्छा कॉलेज चाहिए तो जवाब मिलेगा JEE ही एकमात्र रास्ता है। लेकिन कड़वा सच यह है कि हर कोई उसमें सफल नहीं होता।
JEE में असफल होने के दबाव में टूट रहे छात्र
देशभर में लाखों छात्र JEE की तैयारी करते हैं, लेकिन चयनित होने वालों की संख्या बेहद कम रहती है। जो बच्चे चयन सूची में नहीं आ पाते, वे कई बार खुद को दोष देने लगते हैं, अलग-थलग पड़ जाते हैं, और कुछ तो अवसाद तक पहुंच जाते हैं। सवाल ये है कि क्या ये सही तरीका है? क्या किसी परीक्षा के नतीजे से जिंदगी रुक जानी चाहिए?
टॉपर्स का कहना- बिना तनाव लिए हासिल की मंजिल
इसी सोच को तोड़ते वाले कई टापर्स हैं जिन्होंने JEE के सफर को संतुलन के साथ तय किया। उनकी दिनचर्या, सोच और रणनीति बताती है कि बिना तनाव, बिना टूटे भी मंजिल पाई जा सकती है। उनका कहना है कि मेहनत जरूरी है, मगर उससे भी ज्यादा जरूरी है मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास।
टॉपर सर्वेश मेहतानी ने क्या दी सीख
चंडीगढ़ के सर्वेश मेहतानी, जिन्होंने JEE Advanced 2017 में टॉप किया, उनका कहना है कि नियमितता और लगन उनकी सफलता की चाबी थी। वे रोजाना 6 से 10 घंटे पढ़ाई जरूर करते थे, लेकिन साथ ही अपनी मानसिक सेहत को पहली प्राथमिकता देते थे। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट की मानें तो उन्होंने बताया, “मैं टीवी पर कार्टून देखता था, संगीत सुनता था, उपन्यास पढ़ता था और बैडमिंटन खेलता था। इससे मेरा दिमाग शांत रहता था और फोकस बना रहता था।” सर्वेश का साफ संदेश है कि मेहनत करो, संगठित रहो और लक्ष्य पर ध्यान रखो। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वे अपने जूनियर्स से कहना चाहेंगे कि शांत रहकर आगे बढ़ना जरूरी है।





