
JEE Main , NEET UG : क्या 11वीं में होंगी जेईई मेन व नीट परीक्षाएं, क्या क्या सुधार संभव, किन बातों पर चल रहा मंथन
केंद्र सरकार द्वारा प्रवेश परीक्षाओं में सुधार और कोचिंग सेंटरों पर निर्भरता कम करने के लिए गठित एक समिति कक्षा 11 में जेईई मेन व नीट यूजी जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की संभावना तलाश रही है। य
केंद्र सरकार द्वारा प्रवेश परीक्षाओं में सुधार और कोचिंग सेंटरों पर निर्भरता कम करने के लिए गठित एक समिति कक्षा 11 में जेईई मेन व नीट यूजी जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की संभावना तलाश रही है। यह समिति यह भी देख रही है कि क्या स्कूल की परीक्षाओं का कठिनाई का स्तर जेईई मेन व नीट यूजी जैसे एंट्रेंस टेस्ट जैसा हो सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। समिति यह अध्ययन करने के लिए आंकड़ों का विश्लेषण कर रही है कि प्रवेश परीक्षाओं का कठिनाई का स्तर कक्षा 12वीं के सिलेबस की कठिनाई के स्तर के अनुरूप है या नहीं, जबकि वर्तमान में अधिकतर प्रवेश परीक्षाएं कक्षा 12 के सिलेबस पर ही आधारित होती हैं।
पिछले वर्ष शिक्षा मंत्रालय ने कोचिंग केंद्रों से जुड़े मुद्दों, डमी स्कूलों के पनपने तथा प्रवेश परीक्षाओं की प्रभावशीलता और निष्पक्षता की समीक्षा के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया था। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी की अध्यक्षता वाली यह समिति उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए कोचिंग केंद्रों पर छात्रों की निर्भरता कम करने के उपाय सुझाएगी।
कुछ प्रवेश परीक्षाएं कक्षा 11 के लेवल पर संभव
सूत्रों के अनुसार, ‘‘समिति की हालिया बैठक में हितधारकों ने सुझाव दिया कि कुछ जेईई मेन या नीट जैसी प्रवेश परीक्षाएं कक्षा 11 के स्तर पर कराई जा सकती हैं या कम से कम कक्षा 11 की परीक्षाएं प्रवेश परीक्षाओं के समान बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) प्रारूप में आयोजित की जाएं। इस संभावना का अध्ययन किया जा रहा है।’
सूत्रों ने बताया, ‘‘समिति मौजूदा स्कूली शिक्षा प्रणाली में व्याप्त उन कमियों की भी समीक्षा कर रही है, जिनके कारण छात्र कोचिंग केंद्रों पर निर्भर हो जाते हैं। इनमें विश्लेषणात्मक सोच, तार्किक विवेचन, विश्लेषणात्मक कौशल और नवाचार पर सीमित ध्यान तथा रटंत पद्धति का प्रचलन प्रमुख हैं।’’
कोचिंग के घंटे सीमित हों
कोचिंग के घंटे सीमित करना, स्कूल पाठ्यक्रम को इस तरह फिर से डिजाइन करना कि वह स्कूल के बाद होने वाली प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं के अनुरूप हो, और बोर्ड परीक्षा के परिणामों को अधिक महत्व देना भी समिति को प्राप्त हुए सुझावों में शामिल हैं।
स्कूलों और कॉलेजों में करियर काउंसलिंग
समिति के अन्य कार्यक्षेत्रों में छात्रों और माता-पिता में विभिन्न करियर मार्गों के प्रति जागरूकता के स्तर का मूल्यांकन करना और इस जागरूकता की कमी के कारण कुछ चुनिंदा प्रतिष्ठित संस्थानों पर अत्यधिक निर्भरता का प्रभाव, स्कूलों और कॉलेजों में करियर काउंसलिंग सेवाओं की उपलब्धता और प्रभावशीलता का आकलन करना, तथा करियर मार्गदर्शन ढांचों को सुदृढ़ करने के उपाय सुझाना भी शामिल है।
समिति के सदस्यों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष, विद्यालय शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों के संयुक्त सचिव, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) त्रिची, आईआईटी कानपुर और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के प्रतिनिधि तथा स्कूलों के प्रधानाचार्य (एक-एक केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और निजी विद्यालय से) शामिल हैं।
देश में कोचिंग संस्थान हाल के वर्षों में कई विवादों के केंद्र में रहे हैं। यह कदम सरकार को छात्रों की आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों, आग लगने की घटनाओं, कोचिंग संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और वहां अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों को लेकर मिली शिकायतों के बाद उठाया गया है।

लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
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पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
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