JEE Main : जेईई मेन छात्रों को बुजुर्गों की सेवा का आदेश, परीक्षा नहीं दे सकेंगे, NTA के साथ की थी चालाकी
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक सिंगल जज के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें दो जेईई उम्मीदवारों की NTA के खिलाफ रिस्पॉन्स शीट में कथित गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया गया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेईई मेन 2025 परीक्षा में रिस्पॉन्स शीट में कथित हेरफेर को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के निष्कर्षों को चुनौती देने वाली दो छात्रों की याचिका खारिज कर दी। हालांकि न्यायालय ने छात्रों पर 30-30 हजार रुपये के जुर्माने को हटा दिया और उन्हें फटकार लगाते हुए सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने छात्रों को एक-एक महीने तक बुजुर्गों की सेवा और बाल देखभाल केंद्र में सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया। पीठ ने कहा कि कठोर दंड से छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन उन्हें सबक सिखाना भी जरूरी है। सामुदायिक सेवा इसी उद्देश्य को पूरा करती है।
यह मामला दो छात्रों की याचिका से जुड़ा है, जिन्होंने जेईई मेन 2025 के आयोजन में अनियमितताओं और रिस्पॉन्स शीट में कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। दिल्ली उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने पहले ही याचिका खारिज की थी, यह कहते हुए कि छात्र अपने आरोप साबित करने में असफल रहे।
दोनों छात्र जेईई 2025 व 2026 की परीक्षा नहीं दे सकेंगे
सुनवाई के दौरान एनटीएके वकील ने कोर्ट को बताया कि दोनों कैंडिडेट्स को 2025 और 2026 के लिए जेईई मेन परीक्षाओं में बैठने से रोक दिया गया है। हालांकि किसी दूसरी परीक्षा में उनके शामिल होने पर कोई रोक नहीं थी।
पीठ ने कहा कि ये छात्र अभी बहुत कम उम्र के हैं और उनके भविष्य पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इसलिए जुर्माने की बजाय चेतावनी और सामुदायिक सेवा का निर्देश दिया गया। न्यायालय का यह आदेश शिक्षा में अनुशासन बनाए रखने के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।
जेईई मेन फॉर्म 2026: अब 15 जनवरी तक सुधार का मौका
जेईई मेन 2026 के पहले सत्र की परीक्षा में शामिल होने वाले वैसे छात्र- छात्राएं जिनके आवेदनों में त्रुटी है, उनके आवेदन में सुधार का एनटीए ने मौका दिया है। शुक्रवार को एनटीए ने अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। एनटीए ने कुछ अभ्यर्थियों के आवेदन में अपलोड लाइव फोटो और पहचान पत्र के रिकॉर्ड में अंतर पाया। इसके बाद ही यह सलाह जारी की गई है। एनटीए ने कहा कि आधार और लाइव फोटो में अंतर मिलने पर सुधार का मौका 15 जनवरी तक दिया गया है। एनटीए ने कहा है कि जेईई मेन के पहले सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 31 अक्तूबर से 27 नवंबर 2025 तक चली थी। इस दौरान यह देखा गया कि कुछ अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड के अलावा अन्य पहचान पत्रों के माध्यम से पंजीकरण कराया था। ऐसे मामलों में आवेदन के समय ली गई लाइव फोटो, यूआईडीएआई के रिकॉर्ड यानी आधार कार्ड में उपलब्ध फोटो से मेल नहीं खा रही है। इसे देखते हुए एनटीए ने अभ्यर्थियों को पहचान सत्यापित करने का एक और अवसर दिया है।
जेईई मेन फॉर्म 2026: अब 15 जनवरी तक सुधार का मौका
जेईई मेन 2026 के पहले सत्र की परीक्षा में शामिल होने वाले वैसे छात्र- छात्राएं जिनके आवेदनों में त्रुटी है, उनके आवेदन में सुधार का एनटीए ने मौका दिया है। शुक्रवार को एनटीए ने अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। एनटीए ने कुछ अभ्यर्थियों के आवेदन में अपलोड लाइव फोटो और पहचान पत्र के रिकॉर्ड में अंतर पाया। इसके बाद ही यह सलाह जारी की गई है। एनटीए ने कहा कि आधार और लाइव फोटो में अंतर मिलने पर सुधार का मौका 15 जनवरी तक दिया गया है। एनटीए ने कहा है कि जेईई मेन के पहले सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 31 अक्तूबर से 27 नवंबर 2025 तक चली थी। इस दौरान यह देखा गया कि कुछ अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड के अलावा अन्य पहचान पत्रों के माध्यम से पंजीकरण कराया था। ऐसे मामलों में आवेदन के समय ली गई लाइव फोटो, यूआईडीएआई के रिकॉर्ड यानी आधार कार्ड में उपलब्ध फोटो से मेल नहीं खा रही है। इसे देखते हुए एनटीए ने अभ्यर्थियों को पहचान सत्यापित करने का एक और अवसर दिया है।



