
JEE Main Exam Analysis : जेईई मेन के पहले दिन मैथ्स ने छुड़ाए पसीने, कैसा रहा पेपर, जानें क्या बोले छात्र
JEE Main 2026 Day 1 Exam Analysis: जेईई मेन 2026 सेशन-1 के पेपर-1 बीई बीटेक की परीक्षा के पहले दिन का पेपर ओवरऑल मध्यम से कठिन लेवल वाला था। पेपर देकर निकले कई छात्रों ने कहा कि सुबह की शिफ्ट के पेपर में मध्यम से लेकर कठिन प्रश्न थे।
JEE Main 2026 Day 1 Exam Analysis: जेईई मेन 2026 सेशन-1 के पेपर-1 बीई बीटेक की परीक्षा के पहले दिन का पेपर ओवरऑल मध्यम से कठिन (मॉडरेट से टफ ) लेवल वाला था। पेपर देकर निकले कई छात्रों ने कहा कि सुबह की शिफ्ट के पेपर में मध्यम से लेकर कठिन प्रश्न थे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक पहली शिफ्ट का पेपर करीब करीब पिछले साल के लेवल जैसा था। बीते वर्ष की तरह ही मैथ्स के प्रश्न मुश्किल नजर आए। फिजिक्स के प्रश्नों का लेवल मध्यम और केमिस्ट्री का आसान रहा। पहली शिफ्ट का पेपर देकर परीक्षा केंद्रों से निकले अधिकतर छात्रों ने कहा कि तीन घंटे में आसानी से 50 से 55 सवाल अटेम्प्ट कर सकते थे। कुछ स्टूडेंट्स बता रहे हैं कि केमिस्ट्री में कुछ सवालों में 5 से 6 ऑप्शन थे। जेईई मेन में आमतौर पर पूछे गए सभी सवालों के 4 ऑप्शन होते हैं। लेकिन इस साल कुछ स्टूडेंट्स का दावा है कि कुछ सवालों में 5 से 6 ऑप्शन थे।
स्टूडेंट्स के अनुसार केमिस्ट्री सब्जेक्ट के ऑर्गेनिक पार्ट का वेटेज कम था। कुल मिलाकर एग्जाम बैलेंस्ड था और सभी टॉपिक से सवाल थे। शिफ्ट 1 में पेपर का डिफिकल्टी लेवल पिछले साल जैसा ही था। मैथ्स में ज्यादातर सवाल वेक्टर और 3D से आए थे। स्टूडेंट्स कह रहे हैं कि कुल मिलाकर पेपर मॉडरेट से टफ था। फिजिक्स और मैथ्स टफ थे। केमिस्ट्री आसान थी। छात्रों का कहना है कि कुल मिलाकर पेपर मॉडरेट से कठिन था। मैथ्स कठिन था। केमिस्ट्री आसान थी। कई प्रश्नों की लंबी और समय लेने वाली प्रकृति ने गणित को कई छात्रों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण सेक्शन बना दिया।
किस सेक्शन का क्या रहा लेवल
मैथ्स - मुश्किल
फिजिक्स - मॉडरेट
केमिस्ट्री - आसान
दिल्ली के एक परीक्षा केंद्र पर राहुल कुमार ने बताया, 'कुल मिलाकर एग्जाम मीडियम लेवल का था। केमिस्ट्री में ज्यादा समय लगा। फिजिक्स भी मीडियम लेवल की थी।' नेहा शर्मा ने बताया, 'एग्जाम का डिफिकल्टी लेवल पिछले साल जैसा ही था। केमिस्ट्री सेक्शन में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के ज्यादा सवाल थे। मैंने 49 सवाल अटेम्प्ट किए।'
एक्सपर्ट की राय के अनुसार जेईई मेन के लिए अच्छे अटेम्प्ट और सेफ स्कोर - 40 से 50 सवाल
जेईई मेन 21 जनवरी शिफ्ट 1 परीक्षा: गणित के ज्यादा वेटेज वाले टॉपिक
वेक्टर 3D
सीक्वेंस सीरीज
क्वाड्रैटिक्स
बाइनोमियल्स
स्ट्रेट लाइन
सर्कल
पैराबोला
हाइपरबोला
जेईई मेन 21 जनवरी शिफ्ट 1 परीक्षा: फिजिक्स के ज्यादा वेटेज वाले टॉपिक
रे ऑप्टिक्स
ग्रेविटी
सेमीकंडक्टर
रोटेशन
वेव ऑप्टिक्स
करेंट इलेक्ट्रिसिटी
- मैथ्स सेक्शन की तुलना में कैलकुलस पर आधारित सवाल इस साल कम थे।
मैथ्स सेक्शन में पूछे गए सवालों की लिस्ट इस प्रकार थी।
- 2-3 सवाल वेक्टर अलजेब्रा और 3D ज्योमेट्री से थे
- 1 सवाल क्वाड्रेटिक इक्वेशन से था
- 1 सवाल मैट्रिसेस से था, जो थोड़ा लंबा था
- 2 सवाल सेट्स और रिलेशंस से थे
मैथ्स का पेपर मुश्किल और लंबा
एलन करियर इंस्टीट्यूट (कोटा) के प्रेसिडेंट विनोद कुमावत ने कहा, 'मैथ्स का पेपर मुश्किल और लंबा था। 36 प्रतिशत सवाल क्लास 11 के सिलेबस से और 64 प्रतिशत क्लास 12 के सिलेबस से पूछे गए थे। 36 प्रतिशत सवाल अलजेब्रा से, 28 प्रतिशत कैलकुलस से, 12 प्रतिशत वेक्टर और थ्री-डाइमेंशनल ज्योमेट्री से, 8 प्रतिशत ट्रिग्नोमेट्री से, और 16 प्रतिशत कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री से पूछे गए थे।'
फिजिक्स का पेपर पिछले सालों जैसा
फिजिक्सवाला के प्रोफेसर राजवंत सिंह ने बताया कि फिजिक्स का पेपर पिछले सालों जैसा ही था और इसका ओवरऑल अप्रोच बैलेंस्ड था। पहली शिफ्ट की डिफिकल्टी लेवल मीडियम थी, जिसमें कैलकुलेशन-बेस्ड और कॉन्सेप्चुअल सवालों का मिक्स था, जिससे स्टूडेंट्स सेक्शन को आराम से मैनेज कर पाए। पेपर लंबा नहीं था, और जिन स्टूडेंट्स ने एक जैसी स्पीड बनाए रखी, वे दिए गए समय में इसे पूरा कर पाए होंगे। टॉपिक्स में वेटेज काफी हद तक एक जैसा रहा, जिसमें मॉडर्न फिजिक्स, रोटेशन और करंट इलेक्ट्रिसिटी जैसे मुख्य टॉपिक का महत्व बना रहा। इन चैप्टर्स से सवालों का लेवल मीडियम और ज़्यादातर करने लायक था। जिन स्टूडेंट्स को कॉन्सेप्ट्स की अच्छी समझ थी और जो फॉर्मूलों के साथ अच्छी तरह से तैयार थे, यहां तक कि तुलनात्मक रूप से मुश्किल चैप्टर्स से भी, उन्हें पेपर आसान और मैनेजेबल लगा होगा। कुल मिलाकर, फिजिक्स सेक्शन ने बिना किसी अप्रत्याशित मुश्किल के समझ और एप्लीकेशन दोनों को टेस्ट किया।
प्रमुख 62 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग सीटों के लिए दाखिला
आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी समेत देश के दिग्गज इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले का रास्ता खोलने वाली जेईई मेन 2026 (जनवरी सेशन) परीक्षा आज बुधवार से शुरू हो गई है। इस वर्ष देशभर की आईआईटी, एनआईटी व आईआईआईटी की साढ़े 62 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग सीटों के लिए लगभग 13 लाख विद्यार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। आईआईटी में 18160, एनआईटी में 24525, ट्रिपल आईटी में 9940 और जीएफटीआई में 10228 सीटें उपलब्ध हैं।
जनवरी सत्र की जेईई पेपर वन की परीक्षा 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी को होगी। पेपर वन (बीई/बीटेक) के लिए दो शिफ्ट रखी गयी है। पहली शिफ्ट सुबह नौ बजे से 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक होगी। 29 जनवरी को पेपर टू (बीआर्क व बी प्लानिंग) की परीक्षा होगी। दोनों पेपर को मिलाकर जेईई-मेन 2026 की परीक्षा 29 जनवरी तक होगी। इस साल के लिए 14.10 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया है। बिहार से 62 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे।
जेईई मेन से IIT तक का रास्ता
जेईई मेन परीक्षाएं खत्म होने के बाद दोनों सत्रों के बेस्ट एनटीए स्कोर के आधार पर स्टूडेंट्स की रैंक जारी की जाएगी। जेईई मेन परिणाम में पहले 2,50,000 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार जेईई एडवांस टेस्ट के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। जेईई एडवांस के जरिए आईआईटी में दाखिला मिलता है। आईआईटी एंट्रेंस जेईई एडवांस्ड भी वही दे सकेगा जिसके 12वीं में कम से कम 75 फीसदी मार्क्स होंगे। या फिर संबंधित बोर्ड एग्जाम में टॉप 20 परसेंटाइल उम्मीदवारों में से एक होंगे।





