
क्या पेन पेपर मोड में होंगे JEE Main , CUET व UGC NET, संसदीय समिति ने NTA के लिए की क्या क्या सिफारिशें
एक संसदीय स्थायी ने कहा है कि पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए एनटीए को पेन पेपर बेस्ड टेस्ट की तरफ वापस लौटना चाहिए। गड़बड़ी करने वाली फर्मों की देशव्यापी ब्लैकलिस्ट बनाने की सिफारिश की है।
शिक्षा से जुड़ी एक संसदीय स्थायी समिति ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने वर्ष 2024 में प्रवेश परीक्षाओं को जिस तरह से संभाला है, उससे इस सरकारी एग्जाम एजेंसी पर ज्यादा भरोसा नहीं जगा है। समिति ने पेन पेपर बेस्ड टेस्ट की ओर लौटने और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाली फर्मों की देशव्यापी ब्लैकलिस्ट बनाने की सिफारिश की है। पेन एंड पेपर आधारित टेस्ट के बारे में समिति ने कहा कि ऐसे कई मॉडल हैं जो सालों से लीक प्रूफ रहे हैं, जैसे सीबीएसई बोर्ड परीक्षा और यूपीएससी । कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति ने कहा कि अकेले 2024 में एनटीए द्वारा आयोजित 14 प्रतियोगी परीक्षाओं में से कम से कम पांच में बड़ी समस्याएं थीं। परिणामस्वरूप तीन परीक्षाएं - यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-नेट और नीट-पीजी परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं।
एक परीक्षा यानी एनईईटी-यूजी में पेपर लीक की घटनाएं देखी गईं और एक परीक्षा- सीयूईटी (यूजी/पीजी) के परिणाम स्थगित कर दिए गए। समिति ने बताया कि इस तरह के उदाहरण परीक्षार्थियों का सिस्टम में विश्वास नहीं जगाते हैं। इसलिए समिति सिफारिश करती है कि एनटीए जल्दी से इस तरह की समस्याओं को दुरुस्त करे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। समिति ने अध्ययन की सिफारिश की रिपोर्ट में कहा गया है कि पेन और पेपर परीक्षाएं पेपर लीक के ज्यादा अवसर प्रदान करती हैं जबकि कंप्यूटर-आधारित परीक्षाओं (सीबीटी) को इस तरह से हैक किया जा सकता है कि उसका पता लगाना मुश्किल हो।
दोनों में से समिति ने पेन और पेपर परीक्षाओं पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने का समर्थन किया। क्योंकि ऐसी परीक्षाओं के कई मॉडल वर्षों से लीक-प्रूफ रहे हैं, जिनमें सीबीएसई और यूपीएससी परीक्षाएं शामिल हैं। समिति ने सिफारिश की कि एनटीए इन मॉडलों का बारीकी से अध्ययन करे और उन्हें लागू करे।
सरकारी केंद्रों पर ही हों सीबीटी परीक्षाएं
इसके अलावा कंप्यूटर-आधारित परीक्षाओं (सीबीटी) के मामले में समिति ने सिफारिश की कि ये परीक्षाएं केवल सरकारी या सरकार द्वारा नियंत्रित केंद्रों में ही आयोजित की जाएं और निजी केंद्रों में कभी नहीं। समिति ने यह भी नोट किया कि पेपर सेटिंग, प्रशासन और सुधार में शामिल कई फर्मों को एक संगठन और राज्य सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया है लेकिन इससे उन्हें अन्य राज्यों या संगठनों से अनुबंध प्राप्त करने में कोई बाधा नहीं आ रही है। समिति का मानना है कि ऐसी ब्लैकलिस्टेड फर्मों को एनटीए या राज्य सरकारों द्वारा किसी भी प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।





