JEE Main 2026 सेशन 2 फॉर्म में करेक्शन प्रक्रिया जारी, कल रात तक बदल सकेंगे जरूरी जानकारी
जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए आवेदन सुधार विंडो खुल गई है। अभ्यर्थी 28 फरवरी रात 11:50 बजे तक अपनी जानकारी में बदलाव कर सकते हैं। जानिए कौन-कौन से विवरण बदले जा सकते हैं और पूरी प्रक्रिया।

देश के लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। National Testing Agency ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 के सत्र 2 के लिए आवेदन सुधार का मौका दे दिया है। जिन छात्रों ने पहले से पंजीकरण कर लिया है, वे अब अपने फॉर्म में गलती सुधार सकते हैं। यह सुविधा 28 फरवरी की रात 11 बजकर 50 मिनट तक ही उपलब्ध रहेगी, इसलिए अभ्यर्थियों को समय रहते सभी विवरण जांचने की सलाह दी गई है।
यह सुधार सुविधा खास तौर पर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनसे फॉर्म भरते समय छोटी या बड़ी कोई भी गलती रह गई थी। अब वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर निर्धारित जानकारी में बदलाव कर सकते हैं।
किन अभ्यर्थियों को मिलेगा सुधार का मौका
परीक्षा एजेंसी ने दो तरह के अभ्यर्थियों को यह सुविधा दी है। पहले वे छात्र जिन्होंने सत्र 1 में परीक्षा दी थी और बाद में सत्र 2 के लिए भी आवेदन किया। दूसरे वे अभ्यर्थी जिन्होंने केवल सत्र 2 के दौरान ही पंजीकरण कराया था।
अक्टूबर 31 से नवंबर 27, 2025 के बीच सत्र 1 के लिए आवेदन करने वाले और फिर 1 फरवरी से 25 फरवरी, 2026 के बीच सत्र 2 का फॉर्म भरने वाले छात्र कई महत्वपूर्ण जानकारियों में बदलाव कर सकते हैं।
कौन-कौन सी जानकारी बदली जा सकती है
ऐसे अभ्यर्थी अपने चुने गए प्रश्नपत्र या पाठ्यक्रम, प्रश्नपत्र की भाषा, पात्रता का राज्य कोड, उपलब्ध विकल्पों में से परीक्षा शहर, कक्षा 10 और 12 की शैक्षणिक जानकारी, लिंग, वर्ग तथा पहचान प्रमाण से जुड़ी जानकारी में सुधार कर सकते हैं।
यदि पंजीकरण के समय आधार का उपयोग नहीं किया गया था, तो पहचान से संबंधित विवरण बदलने की अनुमति भी दी गई है। कुछ मामलों में शुल्क से जुड़ी त्रुटियां भी ठीक की जा सकती हैं। एजेंसी ने साफ किया है कि बदलाव के अनुसार अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
केवल सत्र 2 में पंजीकरण करने वालों के लिए अलग नियम
जो छात्र सिर्फ 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच सत्र 2 के लिए आवेदन किए हैं, उनके लिए सुधार के विकल्प सीमित रखे गए हैं। ऐसे अभ्यर्थी अपना मोबाइल नंबर, ईमेल पता, स्थायी या वर्तमान पता, आपातकालीन संपर्क और अपलोड की गई फोटो नहीं बदल पाएंगे।
हालांकि वे अपना नाम या माता-पिता का नाम, शैक्षणिक विवरण, पात्रता राज्य कोड, जन्मतिथि, लिंग, वर्ग, उपवर्ग या दिव्यांग स्थिति में बदलाव कर सकते हैं, यदि यह यूडीआईडी पोर्टल से सत्यापित नहीं है। हस्ताक्षर और चुना गया प्रश्नपत्र भी बदला जा सकता है।
यदि पते में बदलाव किया जाता है, तो परीक्षा शहर और प्रश्नपत्र की भाषा को भी संशोधित करने का विकल्प मिल सकता है। पहचान प्रमाण में सुधार की अनुमति केवल उन्हीं को होगी जिन्होंने पहले आधार का उपयोग नहीं किया था।
सुधार के बाद क्या होगा आगे
सुधार विंडो बंद होने के बाद परीक्षा एजेंसी अगला चरण शुरू करेगी। सबसे पहले परीक्षा शहर की अग्रिम सूचना पर्ची जारी होगी, जिससे अभ्यर्थियों को पता चल जाएगा कि उनका परीक्षा शहर कौन सा है। इसके बाद प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे, जिनमें परीक्षा की तिथि, पाली और केंद्र की पूरी जानकारी होगी। इसलिए यह समय केवल सुधार का नहीं बल्कि पूरी जानकारी दोबारा जांचने का है, ताकि आगे किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ऐसे करें आवेदन में सुधार
अभ्यर्थियों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां जेईई मेन 2026 सत्र 2 आवेदन सुधार से जुड़े लिंक पर क्लिक करना है। इसके बाद आवेदन संख्या और पासवर्ड या जन्मतिथि की मदद से लॉगिन करना होगा। लॉगिन करने के बाद आवेदन फॉर्म खुलेगा, जहां अनुमति प्राप्त विवरण में बदलाव किया जा सकता है। सभी जानकारी ध्यान से जांचने के बाद यदि अतिरिक्त शुल्क लागू होता है तो उसका भुगतान करना होगा। अंत में फॉर्म जमा कर पुष्टि पृष्ठ डाउनलोड कर सुरक्षित रखना जरूरी है।
एजेंसी ने साफ कहा है कि अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का सुधार स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए अभ्यर्थी अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय तुरंत अपने विवरण मिलान कर लें और आवश्यक संशोधन कर दें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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