JEE Main Result 2026: बीते साल के रिजल्ट में 24 टॉपर्स को मिला था 100 पर्सेंटाइल, इस बार क्या हाल

Feb 16, 2026 08:37 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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jee main 2026 result: पिछले साल रिकॉर्ड 100 पर्सेंटाइल वालों की भरमार थी, 24 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है। इस साल कम संख्या हैं लेकिन मुकाबला और ज्यादा कड़ा नजर आया।

JEE Main Result 2026: बीते साल के रिजल्ट में 24 टॉपर्स को मिला था 100 पर्सेंटाइल, इस बार क्या हाल

jee main 2026 result: देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में गिनी जाने वाली JEE Main का रिजल्ट हर साल लाखों परिवारों की उम्मीदों का फैसला करता है। इस बार JEE Main 2026 का परिणाम आते ही छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा कि आखिर 2025 के आखिरी सेशन यानी जेईई मेन की बीती परीक्षा और 2026 के पहले सेशन के रिजल्ट में कितना अंतर रहा। National Testing Agency यानी एनटीए द्वारा घोषित आंकड़ों को देखें तो तस्वीर साफ दिखती है।

2025 में बना था बड़ा रिकॉर्ड

JEE Main 2025 के सेशन 2 का जब परिणाम घोषित हुआ था, तब कुल 24 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर हासिल किया था। यह संख्या अपने आप में बहुत बड़ी मानी गई थी। उस साल राजस्थान सबसे आगे रहा था, जहां से सात छात्रों ने परफेक्ट स्कोर हासिल किया। महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश से भी कई टॉपर सामने आए। खास बात यह रही कि दो छात्राएं भी 100 पर्सेंटाइल क्लब में शामिल हुईं, जिससे यह संदेश गया कि प्रतियोगिता हर स्तर पर संतुलित हो रही है। 2025 का रिजल्ट संख्या के लिहाज से बड़ा था, लेकिन उसी ने 2026 के लिए अपेक्षाएं और ऊंची कर दी थीं।

2026 में संख्या घटी

JEE Main 2026 का परिणाम सामने आया तो इस बार केवल 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया। पहली नजर में यह संख्या कम लग सकती है, लेकिन शिक्षा विशेषज्ञ इसे परीक्षा के और अधिक प्रतिस्पर्धी होने का संकेत मान रहे हैं। कम छात्रों का 100 पर्सेंटाइल तक पहुंचना यह दिखाता है कि इस बार पेपर का स्तर, प्रश्नों की संतुलन संरचना और स्कोर नॉर्मलाइजेशन ज्यादा सख्त रहा। यानी टॉप तक पहुंचना पहले से ज्यादा मुश्किल हुआ।

राजस्थान का दबदबा लगातार कायम

2026 में भी राजस्थान ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस राज्य से सबसे ज्यादा तीन छात्र 100 पर्सेंटाइल लाने में सफल रहे। पिछले कई वर्षों से कोटा जैसे शिक्षा केंद्रों की तैयारी संस्कृति का असर लगातार परिणामों में दिखाई दे रहा है। यह सिलसिला बताता है कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक स्थिर इकोसिस्टम बन चुका है, जहां नियमित टेस्ट, विश्लेषण और अनुशासित तैयारी पर जोर दिया जाता है।

दूसरे राज्यों की भागीदारी भी मजबूत

आंध्र प्रदेश इस बार दूसरे स्थान पर रहा, जहां से दो छात्रों ने परफेक्ट स्कोर हासिल किया। इसके अलावा दिल्ली, बिहार, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों से एक एक छात्र टॉपर बना। यह विविधता इस परीक्षा की असली पहचान है। छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक के छात्र एक ही परीक्षा में बराबरी से मुकाबला करते दिखाई देते हैं।

2025 बनाम 2026, क्या कहते हैं आंकड़े

अगर दोनों वर्षों की तुलना करें तो 2025 में टॉपर्स की संख्या ज्यादा थी, जबकि 2026 में चयन ज्यादा चुनिंदा रहा। 2025 में व्यापक भागीदारी और अधिक परफेक्ट स्कोर देखने को मिले। 2026 में कम छात्रों का 100 पर्सेंटाइल तक पहुंचना यह दर्शाता है कि मेरिट की रेखा और ऊपर खिंच गई। एक और बड़ा फर्क यह रहा कि 2025 में कई राज्यों से क्लस्टर के रूप में टॉपर आए थे, जबकि 2026 में टैलेंट ज्यादा फैला हुआ दिखा, यानी हर राज्य से सीमित लेकिन मजबूत प्रदर्शन सामने आया।

ये रहे 2026 के 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले छात्र

Paper 1 B.E. और B.Tech. में जिन 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया, उनके नाम हैं श्रेयस मिश्रा (दिल्ली), नरेंद्रबाबूगरी माहिथ (आंध्र प्रदेश), शुभम कुमार (बिहार), कबीर छिल्लर (राजस्थान), चिरंजीब कर (राजस्थान), भावेश पात्रा (ओडिशा), अनय जैन (हरियाणा), अर्णव गौतम (राजस्थान), पासला मोहित (आंध्र प्रदेश), माधव विरादिया (महाराष्ट्र), पुरोहित निमय (गुजरात), विवान शरद माहिश्वरी (तेलंगाना)।

Himanshu Tiwari

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Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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