
कैसे पाएं JEE Main में सफलता? जानिए 99.92 परसेंटाइल पाने वाले विपुल बंसल से
JEE Main 2025 में 99.92 परसेंटाइल हासिल करने वाले विपुल बंसल ने कोटा में पढ़ाई के दौरान परिवार से जुड़े रहने को सफलता की कुंजी बताया।
JEE Main 2025 Session 1 के 99.92 परसेंटाइल स्कोरर विपुल बंसल ने जिस परिपक्वता और आत्मविश्वास के साथ कोटा में रहकर अपनी तैयारी की, वह आज हजारों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन चुका है। 16 साल की उम्र में अपने घर से दूर जाना, नए शहर में खुद को ढालना और टॉप रैंक लाना, यह सब आसानी से नहीं मिलता। विपुल ने साफ कहा कि अगर परिवार से जुड़े रहें तो अकेलापन कभी हावी नहीं होता। यही बात उनकी सफलता की सच्ची ताकत साबित हुई।
भारत हर साल करीब 15 लाख इंजीनियर तैयार करता है, लेकिन असली जंग IIT, NIT और IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की सीट के लिए होती है। इन संस्थानों में प्रवेश के लिए लगातार मेहनत, फोकस और कड़ा अनुशासन चाहिए। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, विपुल बताते हैं कि शुरुआती दो महीने सबसे मुश्किल थे। उनके लिए नया माहौल था, नए लोग थे और उन्हें घर की याद आती थी। लेकिन धीरे धीरे क्लास और हॉस्टल में दोस्त बनना शुरू हुए और फिर सब आसान लगने लगा।
सताती थी घर की याद
विपुल के शब्दों में, “पहले दो महीने अजीब और थोड़े अकेलेपन वाले होते हैं। लेकिन जैसे जैसे दोस्त और माहौल मिलता है, कोचिंग और हॉस्टल ही घर जैसा लगने लगता है।” उन्होंने कहा कि कोटा एक ऐसा शहर है जहाँ हर कोई एक ही लक्ष्य के लिए मेहनत कर रहा है, फिर भी दोस्ती और सहयोग हमेशा मिलता है।
मानसिक सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
विपुल का मानना है कि JEE जैसी परीक्षाओं में पढ़ाई जितनी महत्वपूर्ण है, मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने हमेशा परिवार से जुड़े रहना जारी रखा, नियमित कॉल, अपने माता पिता से बात करना और घर के माहौल को याद करके सकारात्मक बने रहना। उन्होंने कहा, “परिवार से बात करने से होमसिकनेस दूर होती है और मन हल्का रहता है।” कई छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में खुद को पूरी तरह अकेला कर लेते हैं, लेकिन विपुल का अनुभव बताता है कि सपोर्ट सिस्टम जितना मजबूत होगा, संघर्ष उतना आसान होगा।
कड़ी मेहनत, सही रूटीन और तैयार रखें प्लान बी
विपुल कहते हैं कि सफलता सिर्फ टॉप रैंक लाने का नाम नहीं है, बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने की लगातार कोशिश का नाम है। एक तय रूटीन, सही गाइडेंस और निरंतरता ही JEE की तैयारी का मूल मंत्र है। लेकिन साथ ही वे ये भी कहते हैं कि हर छात्र को एक ‘प्लान बी’ जरूर रखना चाहिए। उनके मुताबिक, “सपनों का पीछा करना जरूरी है, लेकिन अगर चीजें उम्मीद के मुताबिक ना हों, तो बैकअप प्लान होना चाहिए। यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है।”
कोटा में दोस्ती, गाइडेंस और बिताए अच्छे पल
विपुल ने बताया कि कोटा सिर्फ तनाव का शहर नहीं, बल्कि यादों का भी शहर है। वे कहते हैं, “हम अपने टीचर्स के साथ मजाक करते हैं, दोस्तों के साथ घूमते हैं और हॉस्टल का खाना भी अच्छा है। माहौल पढ़ाई के लिए सही ऊर्जा देता है।”





