JEE Advanced 2026 Toppers Top 10 List : बिहार के शुभम कुमार की रैंक 1, यहां देखें टॉप 10 की लिस्ट
JEE Advanced 2026 Toppers Top 10 List : जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है जिसमें 56,880 उम्मीदवार सफल रहे। बिहार के शुभम कुमार ने टॉप किया और टॉप 10 में देशभर के प्रतिभाशाली छात्रों ने जगह बनाई।

JEE Advanced 2026 Toppers Top 10 List : जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट सोमवार को जारी होते ही देशभर में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के बीच हलचल बढ़ गई। इस बार परीक्षा में कुल 56,880 उम्मीदवार सफल हुए हैं, जो इस कठिन परीक्षा में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कुल 1,79,694 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिससे सफलता की प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी हो गई थी।
बिहार के शुभम कुमार बने पूरे देश के टॉपर
इस बार का सबसे बड़ा नाम बिहार के शुभम कुमार का रहा, जिन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर सभी को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने कुल 360 में से 330 अंक हासिल किए और आईआईटी दिल्ली जोन से टॉप किया। शुभम ने बताया कि वे पिछले दो साल से लगातार तैयारी कर रहे थे और उन्हें अपनी मेहनत पर भरोसा था। उनकी यह सफलता लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है।
टॉप रैंक में जबरदस्त टक्कर
इस परीक्षा में टॉप रैंक पाने वालों के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला। दूसरे स्थान पर कबीर छिल्लर रहे, जिन्होंने 329 अंक प्राप्त किए, जबकि तीसरे स्थान पर जतिन चाहर रहे, जिनके 319 अंक आए। चौथे स्थान पर मोहित शेखर शुक्ला रहे, जिन्होंने भी 319 अंक हासिल किए। इसके बाद कुची संदीप ने 318 अंक लेकर पांचवां स्थान प्राप्त किया। इन परिणामों से साफ दिखता है कि एक या दो अंक भी रैंकिंग में बड़ा बदलाव कर सकते हैं।
टॉप 10 सूची में देशभर के होनहार छात्र
इस साल की टॉप 10 सूची में देश के अलग अलग हिस्सों से प्रतिभाशाली छात्रों ने जगह बनाई है। छठे स्थान पर बी जयकृष्ण श्रीनिवास रहे जिनके 314 अंक आए। सातवें स्थान पर अर्नव गौतम भी 314 अंकों के साथ शामिल रहे। आठवें स्थान पर कनिष्क जैन ने 313 अंक हासिल किए। नौवें स्थान पर मेडिसेट्टी नागा सहर्ष रहे जिनके 312 अंक आए। दसवें स्थान पर दर्श सिक्का ने 311 अंक के साथ अपनी जगह बनाई। यह सूची दिखाती है कि देशभर में टैलेंट का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
यहां देखें टॉप 10 की लिस्ट
1. शुभम कुमार - 330
2. कबीर छिल्लर - 329
3. जतिन चाहर - 319
4. मोहित शेखर शुक्ला - 319
5. कुची संदीप - 318
6. बी जयकृष्ण श्रीनिवास - 314
7. अर्नव गौतम - 314
8. कनिष्क जैन - 313
9. मेडिसेट्टी नागा सहर्ष - 312
10. दर्श सिक्का - 311
आईआईटी दिल्ली जोन का दबदबा
इस परीक्षा में छात्राओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जिसमें 10,107 छात्राएं सफल हुईं। वहीं आईआईटी दिल्ली जोन का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा, जहां से टॉप रैंकर्स में कई नाम सामने आए। इस बार अरोही देशपांडे ने छात्राओं में सबसे ऊंची रैंक हासिल की और पूरे देश में 77वीं रैंक पाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
जेईई एडवांस्ड को देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक माना जाता है। यह परीक्षा 17 मई 2026 को दो पेपरों के रूप में आयोजित की गई थी। इसमें केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि समय प्रबंधन और समस्या समाधान क्षमता की भी कड़ी परीक्षा होती है। इस कारण हर साल इसमें सफलता पाने वाले छात्रों की संख्या सीमित रहती है, लेकिन चयनित छात्र देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पाते हैं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


