JEE Advanced 2026 Result जारी, दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने किया टॉप
JEE Advanced 2026 Result Out : घोषित हो गया है। इस बार शुभम कुमार ने 330 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 प्राप्त की।

JEE Advanced 2026 Result Out : देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में गिनी जाने वाली जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम आखिरकार घोषित कर दिया गया है। लाखों छात्रों और उनके परिवारों की निगाहें इस नतीजे पर टिकी थीं, क्योंकि यही परीक्षा देश के शीर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में दाखिले का रास्ता खोलती है। इस बार दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। शुभम 330 नंबर हासिल कर देशभर में अव्वल रहे।
IIT रूड़की ने जारी किया परिणाम
गौरतलब है कि जेईई एडवांस्ड 2026 का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की द्वारा किया गया था। परिणाम आधिकारिक रूप से 31 मई की रात घोषित किए गए, जबकि पहले इसे 1 जून को जारी किया जाना था। अभ्यर्थी अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। इस वर्ष परीक्षा 17 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित की गई थी। पहला प्रश्नपत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा प्रश्नपत्र दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक हुआ था।
शुभम कुमार बने देश के टॉपर
इस बार कॉमन रैंक लिस्ट में पहला स्थान दिल्ली ज़ोन के शुभम कुमार ने हासिल किया। उन्होंने कुल 360 में से 330 अंक प्राप्त किए। यह स्कोर इस वर्ष के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। टॉप 3 रैंकधारियों की सूची इस प्रकार रही -
- 1. शुभम कुमार (दिल्ली जोन) 330 अंक
- 2. कबीर छिल्लर (दिल्ली जोन) 329 अंक
- 3. जतिन चाहर (दिल्ली जोन) 319 अंक
दिलचस्प बात यह रही कि शीर्ष तीनों स्थानों पर दिल्ली जोन के छात्रों का कब्जा रहा।
महिला अभ्यर्थियों में आरोही देशपांडे सबसे आगे
महिला अभ्यर्थियों में दिल्ली जोन की आरोही देशपांडे ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने 360 में से 280 अंक हासिल किए और कॉमन रैंक लिस्ट में 77वां स्थान प्राप्त किया। उनकी सफलता उन हजारों छात्राओं के लिए प्रेरणा मानी जा रही है जो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं।
कितने छात्रों ने दी परीक्षा और कितने हुए सफल
इस वर्ष जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए कुल 1,87,389 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 1,79,694 अभ्यर्थी दोनों प्रश्नपत्रों में शामिल हुए। परिणामों के अनुसार कुल 56,880 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल घोषित किए गए हैं। सफल उम्मीदवारों में 10,107 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। यह आंकड़ा तकनीकी शिक्षा में बढ़ती महिला भागीदारी की ओर संकेत करता है।
स्कोरकार्ड में क्या क्या जानकारी मिलेगी
जेईई एडवांस्ड स्कोरकार्ड में अभ्यर्थियों के विषयवार और कुल अंक दर्ज होते हैं। रैंक सूची में शामिल होने के लिए छात्रों को प्रत्येक विषय के साथ साथ कुल अंकों में भी निर्धारित न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त करना आवश्यक होता है। स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को अपना रोल नंबर, जन्मतिथि और पंजीकृत मोबाइल नंबर की सहायता से लॉगिन करना होगा।
JoSAA काउंसलिंग पर क्या बोले IIT रूड़की के निदेशक
आईआईटी रूड़की के निदेशक और संयुक्त प्रवेश बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर कमल किशोर पंत ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, समर्पण और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने सभी सफल उम्मीदवारों से आग्रह किया कि वे JoSAA 2026 की काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में जरूर हिस्सा लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि काउंसलिंग में भाग लेने के लिए कक्षा 12वीं के अंकों की बाध्यता नहीं है, लेकिन अंतिम प्रवेश के समय निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा।
अब आगे क्या होगा
जेईई एडवांस्ड में सफल हुए छात्रों के लिए अगला बड़ा चरण JoSAA काउंसलिंग है। इसी प्रक्रिया के माध्यम से देश के विभिन्न आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थानों में सीटों का आवंटन किया जाएगा। छात्रों को अपनी रैंक, पसंद और उपलब्ध सीटों के आधार पर संस्थान तथा शाखा चुनने का अवसर मिलेगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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